हड्डियों की मजबूती और सेहत से जुड़े 6 आम मिथक और उनकी सच्चाई, जानें डॉक्टर से

Bone and Joint Day 2021: हड्डियों की मजबूती, कैल्शियम की जरूरत और हड्डियों को स्वस्थ रखने से जुड़े आम मिथकों की सच्चाई जानें हड्डी के डॉक्टर से।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Aug 03, 2021Updated at: Aug 03, 2021
हड्डियों की मजबूती और सेहत से जुड़े 6 आम मिथक और उनकी सच्चाई, जानें डॉक्टर से

बोन हेल्‍थ यानी हड्डियों का स्‍वास्‍थ्‍य किसी भी व्‍यक्ति के लिए उसके जीवन के प्रत्‍येक चरण में महत्‍वपूर्ण होता है। यह समझना महत्‍वपूर्ण है कि विटामिंस, मिनरल्‍स और अन्‍य कारक आपके हड्डियों के स्‍वास्‍थ्‍य को कैसे प्रभावित करते हैं। हड्डियों की सेहत के विषय में आपको जितनी ज्‍यादा जानकारी होगी, आप इस बात को उतनी ही आसानी से समझ पायेंगे कि हड्डियों से जुड़ी चोटों का जोखिम कब और क्‍यों होता है। हड्डियों और जोड़ों की बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 4 अगस्त को भारत में राष्ट्रीय हड्डी एवं जोड़ दिवस (National Bone and Joint Day) मनाया जाता है। आज इस दिन के खास मौके पर हड्डियों की सेहत से जुड़े आम मिथकों के बारे में और उनकी सच्चाई बता रहे हैं, डॉ. आर. एस. वशिष्‍ठ, ऑर्थोपेडिक स्‍पेशियलिस्‍ट, वशिष्‍ठ क्लिनिक्‍स एंड हॉस्पिटल फॉर ऑर्थोपेडिक्‍स, नई दिल्‍ली।

मिथक 1: बार-बार खड़े होने से भी हड्डियाँ मजबूत हो सकती हैं

तथ्‍य: बोन मास बढ़ाने के लिये, एक्‍सरसाइज से ऐसा जोर लगना चाहिये, जो हड्डी की सामान्‍य आदत से ज्‍यादा हो। खडे़ रहना एक स्थिर बल (स्‍टैटिक फोर्स) है और इसलिये उससे बोन मास या हड्डी की मजबूती बढ़ाने में मदद नहीं मिलती है।

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मिथक 2: जिंदगी भर कैल्शियम की जरूरत एक समान रहती है

तथ्‍य: कैल्शियम की जरूरत उम्र के हिसाब से बदलती रहती है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार, 10 से 17 वर्ष के बच्‍चों और टीनेजर्स के लिये कैल्शियम की जरूरत 850 से 1050 एमजी प्रतिदिन होती है, जबकि गर्भवती महिलाओं और स्‍तनपान करवाने वाली माताओं के लिये कैल्शियम की जरूरत 1200 एमजी प्रतिदिन तक बढ़ सकती है। वयस्‍कों को प्रतिदिन 1000 एमजी कैल्शियम चाहिये। कैल्शियम पाने का सर्वश्रेष्‍ठ स्रोत भोजन है। अगर आप कोई कैल्शियम सप्‍लीमेंट लेना चाहते हैं, तो एक बार में केवल 500 एमजी कैल्शियम ही लें। एक बार में 500 एमजी से ज्‍यादा कैल्शियम का सेवन करना हमारे शरीर के लिये कठिन होता है।

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मिथक 3: हरी पत्‍तेदार सब्जियों से मिलने वाला कैल्शियम बहुत  बायोअवैलेबल है

तथ्‍य: कई हरी पत्‍तेदार सब्जियाँ, हालांकि, कैल्शियम से प्रचुर होती हैं, लेकिन उन्‍हें बायोअवैलेबल सोर्स नहीं माना जा सकता, क्‍योंकि उनमें ऑक्‍जेलेट्स होते हैं। हालांकि, हरी पत्‍तेदार सब्जियाँ विटामिन ‘के’ देती हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसलिये, हरी पत्‍तेदार सब्जियाँ जरूर खाइये, लेकिन इनका सेवन दूध या कैल्शियम से प्रचुर अन्‍य चीजों के साथ नहीं करना चाहिए।

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मिथक 4: सभी कैल्शियम सप्‍लीमेंट्स को पानी से निगलना पड़ता है

तथ्‍य: ज्‍यादातर कैल्शियम सप्‍लीमेंट्स आकार में बड़े होते हैं और इसलिये इन्‍हें पानी से निगलने की जरूरत होती है। उपभोक्‍ता अक्‍सर कैल्शियम की गोलियाँ निगलने में कठिनाई की शिकायत करते हैं। हालांकि, बाजार में ऐसे ब्राण्‍ड हैं, जो चबाने योग्‍य टैबलेट फॉर्मेट में आते हैं और इस प्रकार उपभोक्‍ता के लिये सप्‍लीमेंट्स लेना आसान हो जाता है। यह टैबलेट्स स्‍वाद में अच्‍छी होती हैं और इन्‍हें निगलने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसके अलावा, अपना कैल्शियम सप्‍लीमेंटेशन चुनते समय इस बात का ध्‍यान रखें कि वह सप्‍लीमेंट्स विटामिन ‘डी’ के साथ आता हो।

मिथक 5: हड्डियों को जीवनभर मजबूत किया जा सकता है

तथ्‍य: इससे पहले कि हम इस तथ्‍य को स्‍पष्‍ट करें, आइये हड्डी के बारे में संक्षिप्‍त में समझते हैं। हमारी हड्डियाँ जीवित टिश्‍यू (ऊतक) होती हैं और लगातार टूटती और फिर बनती रहती हैं। हड्डियों की मजबूती और आकार बढ़ाने का सर्वश्रेष्‍ठ समय बचपन और टीनेज के दौरान होता है। महिलाओं में 18 और पुरूषों में 20 साल की उम्र तक हड्डियों को अधिकतम मजबूती मिलती है, जिसे पीक बोन मास कहा जाता है। मतलब हड्डियाँ टूटने से ज्‍यादा, बनती हैं। हालांकि, 30 वर्ष की आयु के बाद, हड्डियों का टूटना उनके बनने से ज्‍यादा होता है। दो चीजें ऑस्टियोपोरोसिस को धीमा कर सकती हैं। पहली है जीवन के प्रथम 30 वर्षों में हड्डियों को ‘मजबूत’ करना और फिर बोन लॉस को कम करना। इसके लिये पर्याप्‍त कैल्शियम और विटामिन ‘डी3’ खाइये और वजन उठाने वाली शारीरिक गतिविधि नियमित रूप से कीजिये।  

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मिथक 6: अपने शरीर में विटामिन ‘डी3’ का उत्‍पादन अधिक से अधिक बढ़ाने के लिये सुबह-सुबह की धूप का आनंद लीजिए

तथ्‍य: धूप में बैठकर विटामिन डी3 प्राप्‍त करने की बात हो कई घटक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जैसेकि कौन सा मौसम है, सूरज का एंगल क्‍या है और आप दिन के किस समय धूप में बैठे हैं। उदाहरण के लिए,  यदि काले बादल छाए हुए हैं या सूरज का एंगल अलग है तो ऐक्टिव विटामिन डी3 का उत्‍पादन कम हो सकता है। एक अध्‍ययन के अनुसार, धूप में बैठने का सबसे बढ़िया समय है पूरे साल सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक की धूप खाना। इससे विटामिन डी3 का उत्‍पादन बढ़ेगा।
यह लेख बोन हेल्‍थ को लेकर कुछ आम मिथकों एवं सच्‍चाईयों के बारे में जानने में आपकी मदद कर सकता है। यह इस बात पर जोर देता है कि यदि आपकी हड्डियां मजबूत होंगी तो आप सक्रिय जीवन जिंएगे।

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