Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

क्या अच्छी नींद के लिए दालचीनी वाकई फायदेमंद है? जानें र‍िसर्च और एक्‍सपर्ट की राय 

आजकल अच्‍छी नींंद एक चुनौती बन चुकी है। लोग अच्‍छी नींंद के ल‍िए न जाने क्‍या-क्‍या करते हैं। कुछ लोगों का मानना है क‍ि दालचीनी का सेवन करने से अच्‍छी नींद आती है। जानें इस बात में क‍ितनी सच्‍चाई है?

दालचीनी का इस्‍तेमाल खाने का स्‍वाद बढ़ाने के ल‍िए और पारंपर‍िक च‍िकि‍त्‍सा के ल‍िए क‍िया जाता है। दालचीनी से खाने का स्‍वाद बढ़ता है और शरीर को कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ म‍िलते हैं जैसे बेहतर पाचन, सूजन घटना वगैरह। कई लोगों को लगता है क‍ि दालचीनी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण अन‍िद्रा की समस्‍या को दूर करने में भी मदद करते हैं, लेक‍िन क्‍या यह सच है? Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि दालचीनी का सेवन अन‍िद्रा की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए फायदेमंद हो सकता है, कई लोग सोने से पहले दालचीनी का सेवन करते हैं ताकि‍ उन्‍हें बेहतर नींद आए। आगे जानेंगे दालचीनी और नींद का कनेक्‍शन।

ब्‍लड शुगर कंट्रोल और बेहतर नींद

does-cinnmon-helps-in-better-sleep

Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि दालचीनी का सेवन करने से शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है और कोलेस्‍ट्रॉल लेवल भी कंट्रोल होता है। दालचीनी इंसुल‍िन सेंस‍िट‍िव‍िटी को बेहतर बनाता है ज‍िससे शरीर र‍िलैक्‍स रहता है और गहरी नींद आती है। दालचीनी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं ज‍िससे शरीर की सूजन कम होती है और आराम से सोने में मदद म‍िलती है। दालचीनी की खुशबू और स्‍वाद मानस‍िक शांत‍ि भी देता है ज‍िससे शरीर को र‍िलैक्‍स करने में मदद म‍िलती है और बेहतर नींद आती है। दालचीनी में मौजूद एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स शरीर में सूजन और स्‍ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं ज‍िससे नींद अच्‍छी आती है।

यह भी पढ़ें- गर्मी में चाय की जगह पिएं बिना चीनी बनने वाली ये 4 ड्रिंक्स, सेहत को भी नहीं होगा नुकसान

क्‍या कहती है स्‍टडी?

2022 में Acta Medica Academica नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, दालचीनी में मौजूद एक्‍सट्रैक्‍ट नींंद की समस्‍या इंसोम्निया को कम करने में मदद करता है। यह शरीर के स्‍ट्रेस स‍िस्‍टम यानी HPA axis को संंतुल‍ित करके स्ट्रेस घटाता है ज‍िससे नींद बेहतर हो सकती है। स्‍टडी में यह भी देखा गया क‍ि दालचीनी की मदद से नींद का समय और क्वालिटी दोनों बेहतर हुए। हालांक‍ि यह स्‍टडी जानवरों पर की गई थी इसल‍िए यह स्‍टडी इंसानों के केस में पूरी तरह यह साब‍ित नहीं करती क‍ि दालचीनी से नींद सुधरती है।

यह भी पढ़ें- क्या दालचीनी से कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) कंट्रोल होता है? डॉक्टर से जानें

दालचीनी का इस्‍तेमाल कैसे करें?

  • रात को सोने से पहले दालचीनी की चाय बनाकर पी सकते हैं।
  • सोने से पहले दूध या पानी में एक चुटकी दालचीनी पाउडर को म‍िलाकर उसका सेवन करें।
  • हर्बल चाय में दालचीनी म‍िलाकर भी पी सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

दालचीनी का सेवन करने से नींद को बेहतर करने में मदद म‍िलती है, हालांक‍ि केवल दालचीनी के सेवन से नींद की गुणवत्ता में सुधार हो ऐसा जरूरी नहीं है। दालचीनी एक सेहतमंद हर्ब है ज‍िसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स गुण होते हैं जो शरीर में सूजन को कम करते हैं और शरीर को र‍िलैक्‍स करने में मदद करते हैं।

FAQ

  • दालचीनी के फायदे क्‍या हैं?

    दालचीनी से शुगर लेवल में सुधार होता है, पाचन बेहतर होता है, इम्यूनिटी बढ़ती है और हार्ट हेल्‍थ में भी सुधार होता है। 
  • दालचीनी का सेवन कब नहीं करना चाह‍िए?

    प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीडिंग मदर हैं, तो ज्‍यादा मात्रा में दालचीनी का सेवन नहीं करना चाह‍िए। ब्‍लड थ‍िनर या शुगर की दवा ले रहे हैं, तो भी डॉक्‍टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें।

Read Next

कॉफी सिर्फ सुस्ती दूर करने वाली ड्रिंक नहीं, बल्‍क‍ि है लंबी उम्र और अच्‍छी सेहत का राज: स्टडी

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 05, 2026 15:24 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 05, 2026 15:24 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content