दांत दर्द, माइग्रेन, बुखार जैसी इन 5 समस्याओं को दूर करता है 'चोरक का पौधा', जानें इसका प्रयोग कैसे करें

चोरक एक औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है ज‍िसके फूल द‍िखने में बेहद खूबसूरत होते हैं, उसका इस्‍तेमाल कई बीमार‍ियों को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Aug 04, 2021 10:45 IST
दांत दर्द, माइग्रेन, बुखार जैसी इन 5 समस्याओं को दूर करता है 'चोरक का पौधा', जानें इसका प्रयोग कैसे करें

चोरक कैसे फायदेमंद है? चोरक के इस्‍तेमाल से माइग्रेन का दर्द, दांत का दर्द, कब्‍ज, एन‍ीम‍िया, बुखार, जुखाम आद‍ि श‍िकायतें दूर हो जाती हैं। चोरक पहाड़ी इलाके में पाए जाने वाला पौधा है। इस पौधे में औषधीय गुण होते हैं और चोरक के बीज, फल, पत्‍ता, जड़ का इस्‍तेमाल बीमार‍ियों को ठीक करने के ल‍िए क‍िया जाता है। इस लेख में हम बीमार‍ियों में चोरक के फायदे और उसे इस्‍तेमाल करने के तरीके पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की।

chorak benefits  

1. दांत का दर्द दूर करता है चोरक (Use chorak to cure tooth ache)

अगर आपके दांत में दर्द की श‍िकायत है तो आपको चोरक की जड़ को दांत में कुछ देर दबाकर रखना है, इससे दर्द दूर हो जाएगा। चोरक की जड़ में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं ज‍िससे दर्द ठीक हो जाता है। मुंह से बदबू आना भी एक ओरल हाइजीन से जुड़ी समस्‍या है ज‍िसका इलाज भी यही है। आपको मुंह की बदबू (mouth smell) दूर करने के ल‍िए चोरक की जड़ को पूरी रात पानी में भिगोकर रखना है और सुबह उस पानी से कुल्‍ला करना है, इससे मुंह की स्‍मेल दूर हो जाएगी।  

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2. माइग्रेन के कारण स‍िर में तेज दर्द का इलाज है चोरक (Chorak cures migraine)

माइग्रेन में स‍िर में तेज दर्द उठता है, माइग्रेन और स‍िर के दर्द का आसान उपाय है चोरक का इस्‍तेमाल। आप चोरक की जड़ को पीस लें और जो लेप तैयार होगा उसमें नीलग‍िरी का तेल म‍िला लें और सिर पर माल‍िश करें, इससे स‍िर का दर्द दूर हो जाएगा। अर्थराइट‍िस (arthritis) के दर्द से छुटकारा पाने के ल‍िए चोरक का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। चोरक की जड़ के लेप से मांसपेश‍ियों में दर्द दूर होता है। 

3. बुखार में फायदेमंद है चोरक (Chorak helps to cure fever)

बुखार आने पर चोरक का इस्‍तेमाल फायदेमंद माना जाता है। आप अगर चोरक की जड़ का काढ़ा बनाकर उसका सेवन करेंगे तो बुखार जल्‍दी ठीक हो जाएगा। बुखार को ठीक करने के ल‍िए आप उसमें ग‍िलोय, हरीतकी भी म‍िला सकते हैं। बुखार के अलावा चोरक के काढ़े को खून बढ़ाने के ल‍िए भी इस्‍तेमाल क‍िया जाता है पर इसे गर्भवती मह‍िलाओं को नहीं देना चाह‍िए पर प्रसव के बाद खून बढ़ाने के ल‍िए इसका काढ़ा प‍िया जा सकता है। 

4. जुखाम में इस्‍तेमाल करें चोरक (Benefits of chorak in cold)

chorak uses

अगर आपकी नाक बंद है और आपको जुखाम है तो आप चोरक के चूरण को सूंघें, इसके चूरण को खाने से खांसी की समस्‍या भी दूर होती है पर जुखाम की समस्‍या दूर करने के ल‍िए आपको चोरक का चूरण सूंघना है। इससे आपका जुखाम ठीक हो जाएगा। ज‍िन लोगों को भूख कम लगती है (low appetite) उनके ल‍िए भी चोरक का चूरण फायदेमंद माना जाता है। सीने में जलन (heart burn) की समस्‍या होने पर चोरक की जड़ का चूरण आप शहद के साथ ले सकते हैं। ज‍िन लोगों को सांस की नली में सूजन (swelling) की समस्‍या होती है उनके ल‍िए चोरक का सेवन फायदेमंद माना जाता है। 

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5. कब्‍ज की समस्‍या से न‍िजात द‍िलाए चोरक (Chorak helps to cure constipation)

अगर आपको पेट में ऐंठन, दर्द या कब्‍ज की श‍िकायत है तो आप चोरक का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। चोरक की जड़ लें और उसे पीसकर चूरण बना लें, इस चूरण को जब आप गुनगुने पानी के साथ लेंगे तो आपको कब्‍ज की श‍िकायत और पेट की अन्‍य समस्‍याओं से निजात म‍िलेगा। आपको चूरण का सेवन एक से दो ग्राम के बीच ही करना है। 

अगर आप गर्भवती हैं तो चोरक का इस्तेमाल न करें और ज‍िन लोगों को गंभीर बीमार‍ियां हैं उन्‍हें भी डॉक्‍टर की सलाह पर ही इसका सेवन करना चाह‍िए।

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