प्रेगनेंसी के दौरान सीने में दर्द का कारण और बचाव के टिप्स बता रही हैं गायनेकोलॉजिस्ट

प्रेग्नेंसी में कुछ दिनों तक छाती में दर्द होना आम बात है, लेकिन हर कुछ दिनों में होना गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: May 25, 2021Updated at: May 25, 2021
प्रेगनेंसी के दौरान सीने में दर्द का कारण और बचाव के टिप्स बता रही हैं गायनेकोलॉजिस्ट

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। जैसे उल्टी होना, बदन दर्द, चक्कर आना और मूड स्वि्ंग्स होना आदि। इन्हीं परेशानियों में शामिल है छाती में दर्द होना। यह सभी परेशानियां अगर कुछ दिनों के लिए होती हैं तो कोई दिक्कत वाली बात नहीं है, लेकिन अगर लंबे समय तक छाती में दर्द जैसी परेशानी हो रही तो किसी बीमारी के लक्षण हो सकते हैं।  प्रेग्नेंसी में छाती में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, छाती में दर्द होना नॉर्मल प्रेग्नेंसी का हिस्सा नहीं है। यह एनिमिया, उल्टी और तनाव की वजह से भी हो सकता है। इसके अलावा कई और कारण हो सकते हैं।  एनसीबीआई पर प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, गर्भावस्था में टखने में सूजन होना, सांस फूलना और क्षिप्रहृदयता (tachycardia) सामान्य हो सकती है, लेकिन सीने में दर्द नहीं। गोंडा के जीवदीप चिकित्सालय ऐंड आईवीएफ सेंटर ( Dr. Gunjan Bhatnagar, Jeevan deep chikitsalay and ivf center, Gonda) में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन भटनागर ने प्रेगनेंसी में सीने में दर्द के कारण और बचाव बताए हैं। Inside1_Chestpainduringpregnancy

छाती में दर्द के लक्षण

  • दिल की घबराहट
  • सांस फूलना
  • दिल की धड़कनों का बढ़ना
  • थकान
  • लेटने या सोने पर सांस लेने में दिक्कत

क्यों होता है प्रेगनेंसी के दौरान छाती में दर्द (Chest pain during pregnancy)

एसिडिटी

डॉक्टर गुंजन का कहना है कि प्रेगनेंसी में एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है। इसकी वजह से छाती में भारीपन होने लगता है। जलन होने लगती है। प्रेगनेंसी में पाचन बिगड़ने लग जाता है। जिस वजह से यह परेशानी होती है। यह परेशानी शुरू के तीन महीने और बाद के तीन महीने में ज्यादा होती है।

उल्टी होना

प्रेग्नेंसी में शुरूआत की तीन महीनों में उल्टी की परेशानी हो सकती है। उल्टी की परेशानी एसिडिटी की वजह से भी हो सकती है। बार-बार उल्टी होने की वजह से गले में दर्द और छताती में जलन होने लगती है। उल्टियों की वजह से पेट से लेकर गले में दर्द की समस्या हो सकती है। जिस वजह से छाती में दर्द हो सकता है।  

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एनिमिया

भारत में ज्यादातर महिलाओँ में खून की कमी है। ऐसे में प्रेग्नेंटी महिलाओं के लिए खून की कमी गंभीर परेशानियों का कारण बन जाती है। एनिमिक प्रेग्नेंट महिलाओं में देखा गया है कि उनकी डिलेवरी समय से पहले हो जाती है, बच्चे का वजन कम होता है और महिला पोस्टपार्टम डिप्रेशन का शिकार हो जाती है। प्रेगनेंसी में खून की कमी की वजह से भी चेस्ट पेन होता है। एनिमिया की वजह से थकान, कमजोरी, सांस फूलना और सिर दर्द जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। इन लक्षणों को ज्यादा दिनों तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अगर आपको यह समस्या लगातार हो रही है तो अपने डॉक्टर से मिल लें। 

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हृदय रोग

डॉक्टर गुंजन का कहना है कि कई पेशेंट्स में पहले ही कोई हार्ट डिजीज होने पर प्रेग्नेंसी में छाती में दर्द की समस्या बढ़ जाती है क्योंकि इस दौरान शरीर में ब्लड का वॉल्युम बढ़ जाता है। कई बार कार्डियक डिजिज सामान्य दिनों में दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन प्रेग्नेंसी में दिखते हैं। इस वजह से भी छाती में दर्द हो सकता है। एनसीबीआई पर प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक यूके में मातृ मृत्यु का सबसे बड़ा कारण कार्डियक डिजिज है। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान छाती के दर्द को नजरअंदाज न करें। 

एंग्जाइटी

मां बनन जितना सुखद है उतना ही चिंता से भरा। कई बार नई मांओं को प्रेगनेंसी के दौरान एंग्जाइटी ज्यादा होती है, जिस वजह से उन्हें छाती में दर्द की समस्या झेलनी पड़ती है। कई महिलाओं को चिंता के कारण भी सीने में दर्द या बेचैनी महसूस होती है।

स्तनों का बढ़ना

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन का कहना है कि गर्भावस्था के समय में महिलाएं के स्तनों का आकार बढ़ता है। यह प्रोजेस्टेरोन के कारण होता है। प्रेग्नेंसी में स्तनों का आकार बढ़ने से भी छाती में दर्द होता है। इस वजह से महिलाओं में छाती में भारीपन महसूस होता है। 

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तनाव

गर्भावस्था में महिलाओं को तनाव की समस्या हो सकती है। महिलाओँ के मन में कई तरह के सवाल होते हैं, बच्चे की परवरिश से लेकर खुद की डाइट को लेकर तमाम शंकाएं उनके मन में होती हैं, यही वजह होती है, जिसकी वजह से वे तनाव में चली जाती हैं। तनाव की वजह से भी सीन में दर्द की शिकायत हो सकती है। 

निमोनिया

जिन महिलाओं में निमोनिया की समस्या होती है, उन्हें भी छाती में दर्द की शिकायत हो जाती है। निमोनिया में फेफड़ों को ज्यादा छाती पहुंचती है, जिस वजह से छाती में दर्द होता है। 

छाती में दर्द के उपाय

संतुलित डाइट

डॉक्टर का कहना है कि जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, वैसे-वैसे उसकी रिक्वायरमेंट बढ़ती है। इसलिए जब मां 8वें महीने और 9वें महीने में प्रोटीन की जरूरत ज्यादा होती है। तो वहीं, पेशेंट को शुरूआत के तीन महीने में उल्टी होती हैं तो उसकी वजह से उसका खाने का मन नहीं करता, लेकिन ऐसी महिलाओं को हर दो घंटे में कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए। नहीं तो शरीर में पोषक तत्वों की कमी होगी और कमजोरी आएगी। उल्टी के उपचार के लिए अदरक की चाय पिएं। रिब पेन के लिए गर्म पानी की बोतल से सिंकाई करें।  

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पॉश्चर

डॉक्टर गुंजन का कहना है कि जिन महिलाओं को छाती में दर्द या सीने में दर्द की समस्या प्रेग्नेंसी में होती है, उन्हें अपने लेटने और बैठने के पॉश्चर पर ध्यान देना चाहिए। लेटने और बैठने के पॉश्चर से भी यह  परेशानी कम की जा सकती है। डॉक्टर ने बताया कि सिर के पीछे तकिया लगाकर बैठने से पॉश्चर ठीक रहता है। 

नियमित व्यायाम

प्रेगनेंसी में महिलाएं व्यायाम न के बराबर करती है, लेकिन डॉक्टर गुंजन का कहना है कि प्रेग्नेंसी में महिलाएं भारी एक्सरसाइज तो कर नहीं सकतीं, इसलिए वे खाना खाने के बाद वॉक कर सकती हैं। 

डॉक्टर से संपर्क

डॉक्टर का कहना है कि महिलाओं को चेस्ट पेन अगर लगाातर होता है, तो हम उन्हें दर्द कम करने के लिए जैल आदि देते हैं, लेकिन अगर जैल से भी दर्द कम नहीं होता है तो उनकी जांचें की जाती हैं। जिससे सही परेशानी का पता लगाया जाता है।

प्रेग्नेंसी में कुछ दिनों तक छाती में दर्द होना आम बात है, लेकिन हर कुछ दिनों में होना गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए इसे नजरअंदाज न करें। सही समय पर डॉक्टर से सलाह ले लें। 

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