भारत में 7.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे कैंसर के मरीज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 16, 2016

भारत में साल दर साल कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शहरी लाइफस्टाइल और अनियमित खानपान की वजह से पिछले सालों में भारत में कैंसर के रोगियों की संख्या में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसमें भी भारतीय महिलाओं में कैंसर की बीमरी पुरुषों की तुलना में अधिक बढ़ी है। डब्ल्यूएचओ की ‘कैंसर पर शोध के लिए अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी’ जरिये कराए गए अध्ययन ‘ग्लोबोकैन’ के अनुसार वर्तमान की खराब औऱ अनियमित  जीवनशैली के कारण महिलाओं में स्तन, डिंबग्रंथी और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के मामलों में वृद्धि हुई है।

महिलाओं में बढ़ते कैंसर के मामलों को देखते हुए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि महिलाओं को साल में एक बार स्वास्थ्य जांच जरूर करानी चाहिए। 35 साल की उम्र के बाद महिलाओं को हर प्रकार के टेस्ट जरूर करवाने चाहिए। गुड़गांव के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीटयूट के निदेशक (सर्जिकल ऑनकोलोजी) डॉ. वेदांत काबड़ा के अनुसार, “कैंसर का ईलाज केवल सरकार द्वारा प्रमाणित केंद्रों पर ही कराना चाहिए।”

कैंसर

 

जागरूक होने की जरूरत

कैंसर के मामलों में महिलाओं को जागरूक होने की भी जरूरत है। क्योंकि इससे समय रहते समस्या का इलाज हो जाता है। कई बार जागरूकता की कमी के कारण ही महिलाएं सामाजिक-आर्थिक कारणों से जुड़ें कैंसर के खतरों और संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं।

डॉ. बत्रा ने कहा कि रोजाना के व्यायाम के साथ ग्रीन व फ्रेश फल-सब्जियां खाना और तनाव रहित माहौल कैंसर के खतरे से दूर रखने में मददगार है। उन्होंने कहा, “प्रदूषित और नुकसानदायक जंक फूड के सेवन से बचें, क्योंकि यह शरीर के सामान्य तंत्र को प्रभावित करके कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।”

 

कैंसर का हर 13वां नया मरीज भारतीय

नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) के अनुसार, विश्व में कैंसर का हर 13वां नया मरीज भारतीय है। साथ ही स्तन, गर्भाशय ग्रीवा और मुंह का कैंसर सबसे ज्यादा तेजी से देश में फैल रहा है। एनसीआई ‘यूएस डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसिजस’ (यूएसडीएचएच) का हिस्सा है।

राजधानी में मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में निदेशक (ऑन्कोलोजी सेवाएं) डॉ. (कर्नल) रंगा राव रंगराजू ने कहा, “भारत में हर साल कैंसर के 12.5 लाख नए रोगियों में से सात लाख से भी ज्यादा महिलाएं हैं।”

डॉ. रंगराजू ने आईएएनएस से कहा, “हर साल कैंसर के कारण 3.5 लाख महिलाओं की मौत हो जाती है और 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 4.5 लाख होने की आशंका है।”

 

इन कारणों से होता है कैंसर

अनियमित दिनचर्या के कारण महिलाएं कैंसर की चपेट में तेजी से आ रही हैं। इन कारणों में अनिंद्रा, व्यायाम की कमी, गलत खानपान की आदतें, काम का तनाव, सिगरेट और शराब का सेवन आदि प्रमुख है।

 

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