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क्या एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के रोगी दूध पी सकते हैं? जानें एक्सपर्ट से

एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के रोगी दूध पी सकते हैं, बशर्ते वह लो-फैट हो। हाई फैट मिल्क उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
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क्या एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के रोगी दूध पी सकते हैं? जानें एक्सपर्ट से


Can People With Acute Pancreatitis Drink Milk In Hindi: पैंक्रियाटाइटिस का मतलब है कि अग्नाशय या पैंक्रियाज में सूजन। यह परेशानी होने पर व्यक्ति के पेट में तीव्र दर्द हो सकता है। पैंक्रियाटाइटिस सूजन का ओवर ऑल हेल्थ पर नेगेटिव असर पड़ता है और व्यक्ति की इम्यूनिटी भी वीक हो जाती है। पैंक्रियाज को स्वस्थ रखने के लिए सही ट्रीटमेंट के साथ-साथ हेल्दी डाइट भी फॉलो करनी होती है। इसके साथ ही डाइट में किन चीजों को शामिल नहीं करना है, इन बातों पर भी गौर करना होता है। बहरहाल, अक्सर माना जाता है कि पेट से जुड़ी समस्या होने पर दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। तो क्या ऐसा ही पैंक्रियाटाइटिस के रोगियों के साथ भी है? यानी क्या पैंक्रियाटाइटिस के रोगी दूध पी सकते हैं या उन्हें इससे दूरी बनाए रखने चाहिए। आइए, जानते हैं डाइट एन क्योर की डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से।

क्या एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के रोगी दूध पी सकते हैं?- Can People With Acute Pancreatitis Drink Milk In Hindi

Can People With Acute Pancreatitis Drink Milk In Hindi

दूध कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन सहित आवश्यक पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत है। कई तरह की बीमारियों से रिकवरी में भी यह मदद करता है। यहां तक कि छोटे बच्चों को नियमित रूप से सुबह और शाम दूध पीने की सलाह दी जाती है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और पाचन संबंधी समस्या दूर होती हैं। विशेषकर, स्किम्ड या लो-फैट वाला दूध फुल क्रीम दूध की तुलना में पचाने में अधिक आसान होते हैं। ऐसे में देखा जाए, तो पैंक्रियाटाइटिस के रोगी इसका सेवन कर सकते हैं।

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पैंक्रियाटाइटिस रोगियों के लिए दूध पीने के नुकसान

Can People With Acute Pancreatitis Drink Milk In Hindi

बेशक, पैंक्रियाटाइटिस के रोगी दूध का सेवन कर सकते हैं। लेकिन, कई बार यह उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर, अगर कोई पैंक्रियाटाइटिस का रोगी हाई फैट वाली चीजों का सेवन करते हैं, तो इससे पाचन एंजाइमों को प्रोड्यूस करने के लिए पैंक्रियाज को उत्तेजित कर सकते हैं। ऐसे में सूजन और इसके अन्य लक्षणों को बढ़ावा मिल सकता है। इसके अलावा, अगर पैंक्रियाटाइटिस का रोगी पहले से ही लैक्टोज इनटॉलरेंस है, तो उनके लिए समस्याएं और बढ़ सकती हैं। उन्हें सूजन, दस्त, गैस बनने जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। 

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पैंक्रियाटाइटिस रोगियों के दूध के बेहतर विकल्प

अगर पैंक्रियाटाइटिस रोगियों के लिए दूध को पचाना मुश्किल हो रहा है यानी वे लैक्टोज इनटॉलरेंस हैं, तो लैक्टोज-फ्री दूध, बादाम का दूध, या सोया दूध जैसे विकल्पों को चुन सकते हैं। हां, ध्यान रखें कि इनमें फैट की मात्रा कम हो और सभी आवश्यक तत्व भी मौजूद हों।

एक्सपर्ट की सलाह

हालांकि, लो फैट या स्किम्ड मिल्क की मदद से पैंक्रियाटाइटिस रोगियों को फायदा हो सकता है। इसके बावजूद, वे इसे कितनी मात्रा में ले रहे हैं, कब ले रहे हैं। इस तरह की चीजों पर गौर किया जाना चाहिए। बेहतर होगा कि पैंक्रियाटाइटिस के रोगी किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले एक्सपर्ट से सजेशन जरूर ले लें।

All Image Credit: Freepik

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