सर्दियां आने के साथ सेहत से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं और उन्हीं में से एक चिलब्लेंस की समस्या। चिलब्लेंस (chilblains), एक ऐसी दिक्कत है जिसमें सर्दियों में हाथ-पैरों में सूजन की समस्या होती है। ऐसे में पैर नीले पड़ जाते हैं और खुजली होने लगती है। ऐसे में हीटर और ब्लोअर की हवा से कई बार चिलब्लेंस की समस्या बढ़ जाती है और बहुत से लोग इसकी शिकायत करते हैं लेकिन सवाल ये है कि क्या सच में हीटर और ब्लोअर की हवा से चिलब्लेंस की समस्या हो सकती है? जानते हैं इस बारे में Dr. Vijay Singhal और Dr. Pooja Pillai से।
क्या हीटर और ब्लोअर की हवा से चिलब्लेंस की समस्या बढ़ सकती है?
Dr. Vijay Singhal बताते हैं कि हां, हीटर या ब्लोअर जैसी हवा वाली मशीनों का लगातार इस्तेमाल चिलब्लेंस की समस्या को बढ़ा सकता है। इसकी वजह यह है कि ये उपकरण हवा को तेजी से गर्म या ठंडी करके त्वचा की नमी को कम कर देते हैं। जब हाथ-पैरों की त्वचा सूखी हो जाती है, तो वहां खुरदरापन, जलन और खुजली जैसी समस्याएं अधिक बढ़ जाती हैं।
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Dr. Pooja Pillai बताती हैं कि जी हां, हीटर और ब्लोअर का गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर चिलब्लेन्स की समस्या और बढ़ सकती है। चिलब्लेन्स तब होते हैं जब ठंडी त्वचा अचानक तेज गर्मी के संपर्क में आती है, जिससे छोटी रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। त्वचा के बहुत करीब हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करने से रेडनेस, खुजली, सूजन और दर्द बढ़ सकता है। तापमान में अचानक बदलाव से ब्लड सर्कुलेशन अनियमित हो जाता है और घाव भरने में देरी होती है। हीटर से निकलने वाली शुष्क गर्मी त्वचा को और अधिक शुष्क और जलनयुक्त बना सकती है।

चिलब्लेंस की समस्या से कैसे बचें?
ऐसे में जहां विजय सिंघल बताते हैं कि फिटकरी या मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल मददगार हो सकता है क्योंकि ये त्वचा को शांत करते हैं और नमी बनाए रखते हैं तो वहीं डॉ. पूजा पिल्लई बताती हैं कि बेहतर है कि शरीर को धीरे-धीरे गर्म किया जाए, इसके लिए परतदार कपड़े पहनें, गर्म मोजे पहनें और कमरे को हल्का गर्म रखें। मॉइस्चराइजर लगाने और त्वचा को सूखा और सुरक्षित रखने से चिलब्लेन्स की समस्या को बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा चिलब्लेंस की समस्या से बचने के लिए शरीर के बाहरी अंगों को गर्म और सूखा रखें।
साथ ही तापमान में अचानक बदलाव से बचना और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए ठंड के मौसम में परतदार कपड़े, ऊनी मोजे, दस्ताने और टोपी पहनें और ठंड लगने पर त्वचा को धीरे-धीरे गर्म करें। एक्टिव रहना, त्वचा को मॉइस्चराइज करना और धूम्रपान से बचना भी महत्वपूर्ण उपाय हैं। साथ ही अचानक से गर्मी के संपर्क से बचें। ठंडी त्वचा को कभी भी हीटर, गर्म पानी या आग से सीधे गर्म न करें, क्योंकि इससे सूजन और दर्द हो सकता है। इसके बजाय, धीरे-धीरे गर्म करें। ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाए रखने के लिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।
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तंग जूते, बूट या मोजे पहनने से बचें जो पैर की उंगलियों और हाथों की उंगलियों तक ब्लड सर्कुलेशन को बाधित करते हैं। त्वचा को फटने या सूखने से बचाने के लिए मॉइस्चराइजर का उपयोग करें। इसके अलावा, प्रभावित हिस्सों को हीटर या ब्लोअर की सीधी हवा से बचाना चाहिए और कमरे में हल्की नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करना फायदेमंद है। अगर चिलब्लेंस बार-बार बढ़ती है या दर्द और सूजन बढ़ जाए, तो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है।
FAQ
चिलब्लेन्स का मूल कारण क्या है?
चिलब्लेंस का असली कारण है ब्लड वेसेल्ल का सिकुड़ जाना जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने लगता है। ब्लड सर्कुलेशन की ये कमी ठंड लगने की वजह बन जाती है और पैरों व उंगलियों में सूजन की वजह बन जाती है।चिलब्लेंस को ठीक करने में कौन से विटामिन मदद करते हैं?
चिलब्लेंस को ठीक करने के लिए आप विटामिन बी3 लें जो कि स्किन को हेल्दी रखने के साथ त्वचा की बनावट को बेहतर बनाए रखने में मददगार है।नारियल का तेल चिलब्लेन्स के लिए अच्छा है?
नारियल का तेल चिलब्लेन्स की समस्या के लिए बहुत फायदेमंद है। इस तेल को गर्म करके लगाने से जहां खुजली कम होती है वहीं ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे जलन और दर्द में भी कमी आती है।
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Feb 07, 2026 18:57 IST
Modified By : Anurag Gupta Feb 07, 2026 18:57 IST
Modified By : Anurag GuptaFeb 07, 2026 18:57 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Vijay Singhal