Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr Deepak Joshi , Ayurveda Expert

उंगलियों के बीच होती खुजली का देसी इलाज हैं ये 2 चीजें, फंगल इंफेक्शन में भी कारगर

सर्दियों में अक्सर लोगों के पैरों में खुजली (pair ki ungli mein khujli hona) होती है और उन्हें समझ नहीं आता कि इससे छुटकारा कैसे पाएं। ऐसे में आयुर्दिक एक्सपर्ट से जानते हैं इस समस्या का इलाज क्या है और इससे कैसे निपटें?

सर्दियां आने के साथ स्किन की सेहत सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। इसके अलावा जैसे-जैसे तापमान गिरता जाता है ब्लड सर्कुलेशन भी प्रभावित होता है और इससे शरीर के कई अंग नीले पड़े जाते हैं, सूजन आ जाती है और खुजली होने लगती है जैसे कि हमारे हाथ-पैर की उंगलियों के बीच खुजली। सर्दियों में ये बेहद आम है क्योंकि इस मौसम में उंगलियों को ठंड लग जाती है यानी कि वे स्लो ब्लड सर्कुलेशन की वजह से नीले पड़ने लगते हैं। इसके अलावा इस मौसम में लोगों को फंगल इंफेक्शन की समस्या भी बहुत ज्यादा होती है जिस वजह से भी उंगलियों के बीच खुजली की समस्या देखने को मिलती है। ऐसी स्थिति में आप इन दो चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं पहला लौंग और दूसरा कपूर (laung kapoor ke upay), आइए एक्सपर्ट Dr. Deepak Joshi, Ayurveda Expert Pravek Kalp से जानते हैं इस स्थिति में ये कैसे काम करते हैं?

उंगलियों के बीच होती खुजली का देसी इलाज हैं लौंग और कपूर

Dr. Deepak Joshi बताते हैं कि उंगलियों में खुजली, जलन, लालपन या छिलने जैसी समस्या अक्सर फंगल इंफेक्शन के कारण होती है, जो पसीना, नमी, गंदगी या लंबे समय तक हाथ गीले रहने से बढ़ सकती है। कई लोग घरेलू उपाय के तौर पर कपूर और लौंग का इस्तेमाल करते हैं। इनमें एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो हल्के फंगल इंफेक्शन में कुछ हद तक राहत दे सकते हैं।

  •  कपूर में ठंडक देने वाला और कीटाणुरोधी प्रभाव होता है, जिससे खुजली और जलन कम हो सकती है।
  • लौंग में मौजूद यूजेनॉल तत्व फंगस और बैक्टीरिया के बढ़ने को रोकने में मदद करता है।

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लौंग और कपूर से कैसे करें उंगलियों में खुजली का इलाज?

ये पूछने पर डॉ. दीपक बताते हैं कि आपको नारियल तेल या सरसों का तेल लेना है क्योंकि ये दोनों ही एंटीबैक्टीरियल होने के साथ मोटे कण वाले हैं जो कि लंबे समय तक त्वचा में अवशोषित रहते हैं। इसके बाद आपको करना ये है कि

  • इन में से किसी एक तेल में 4 से 5 लौंग डालें और पका लें।
  • फिर तेल को आग से उतारने के बाद या गर्म करने के बाद हल्का ठंडा होते ही इसमें कपूर को तोड़कर पाउडर की तरह मिलाएं।
  • इसे एक गाढ़ा लेप जैसा तैयार करें और इसे खुजली वाली जगह पर लगा लें।

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इस प्रकार से ये दोनों ही चीजें खुजली में बेहद तेजी से काम करते हुए नजर आएंगे। पहले तो आपकी खुजली की जलन कम होगी और फंगल इंफेक्शन में कमी आएगी। इसके अलावा स्किन मॉइस्चराइज होकर हील होना शुरू करेगी। साथ ही ये लेप स्किन में गर्मी पैदा करती है जिससे नीलापन कम होगा और यहां का ब्लड सर्कुलेशन सही होगा।

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हालांकि इनका इस्तेमाल सीधे त्वचा पर लगाने से पहले सावधानी जरूरी है। कपूर या लौंग का तेल बिना घोल के लगाने से स्किन में जलन, रैश या एलर्जी हो सकती है, खासकर संवेदनशील त्वचा वालों में। अगर इनका प्रयोग करना ही है तो इन्हें नारियल तेल या किसी कैरियर ऑयल में बहुत हल्की मात्रा में मिलाकर ही लगाया जाए और पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अगर खुजली, फटने, पस बनने या दर्द की समस्या बढ़ रही है, तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें। लंबे समय से चल रहे या बार-बार होने वाले फंगल इंफेक्शन में सही एंटीफंगल क्रीम और दवाओं की ज़रूरत होती है। इसलिए समय पर डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

FAQ

  • पैर की उंगली में खुजली क्यों आती है?

    पैर की उंगलियों में खुजली की एक बड़ी वजह चिलब्लेन (Chilblains) और फंगल इंफेक्शन। इन दोनों में ही पैरों की उंगलियों की सेहत प्रभावित होती है और खुजली की दिक्कत बढ़ जाती है।
  • उंगलियों में खुजली का इलाज क्या है?

    उंगलियों में खुजली हो तो सबसे पहले गर्म पानी में बेकिंग सोडा मिलाएं और इसमें अपनी उंगलियों को रखें। इससे दर्द और खुजली में अपने आप कमी आएगी।
  • पैर की उंगलियों में फंगल संक्रमण के क्या लक्षण हैं?

    पैर की उंगलियों में फंगल इंफेक्शन होने पर पहले तो वहां की स्किन लाल और चक्कतेदार व पानी से भरपूर नजर आ सकती है। इसके अलावा यहां खुजली हो सकती है या सूजन रह सकती है।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 26, 2026 11:25 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Jan 26, 2026 11:25 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Deepak Joshi

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