मस्तिष्क की स्कैनिंग से संभव होगा ऑटिज्म का इलाज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 21, 2013

treatment of autismऑटिज्म से जुड़े लक्षणों की पहचान करने में मस्तिष्क की स्कैनिंग से मदद मिल सकती है। इससे अपने आप में खोए रहने की इस बीमारी से लोगों को शीघ्र उपचार मुहैया कराने की राह आसान होगी। शोधकर्ताओं के एक समूह ने इसका खुलासा किया है।

ऑटिज्म मनोविज्ञान और व्यवहार से जुड़ी एक बीमारी है, जिससे प्रभावित लोग असामान्य रुप से आत्मकेंद्रित होते हैं। वे संचार संबंधी विकारों से ग्रस्त होते हैं और कहीं ध्यान करने में दिक्कत होती है।

प्रमुख शोधकर्ता राजेश काना के मुताबिक यह शोध दर्शाता है कि ऑटिज्म की पहचान के लिए मस्तिष्क की संयोजकता को तंत्रिका के संकेतो को रुप में देखा जा सकता है। इससे ऑटिज्म के चिकत्सीय परीक्षण में मदद मिलेगी। मस्तिष्क के क्षेत्र विशेष में स्थानांतरित होने वाली सूचनाएं , किसी ऑटिज्म पीड़ित व्यक्ति में कमजोर हो जाती हैं। इस स्थिति में शोधकर्ताओं ने ऑटिज्म के शिकार 15 व्यस्कों और 16 से 34 की उम्र के 15 ऐसे मरीजों पर अध्ययन किया जिनमें यह बीमारी विकसित हो रही थी।

अध्ययन से पता चला कि व्यस्क मरीजों ने अन्य के मुकाबले सामाजिक संकेतों को बिल्कुल अलग तरह से समझा। अध्ययन में यह खुलासा हुआ कि मस्तिष्क में संचार संयोजन के दौरान आने वाली बादाओं के कारण ऑटिज्म से पीड़ित लोगों को सामाजिक प्रक्रियाओं को समझने में खास तौर पर कठिनाई होती है।

 

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