कोरोना के समय में भ्रामरी प्राणायाम करना है बहुत फायदेमंद, बढ़ेगी इम्यूनिटी और मिलेंगे कई फायदे

अगर आप घर में आइसोलेट हैं तो भ्रामरी प्राणायाम जरूर करें, इससे आपकी इम्‍यून‍िटी बूस्‍ट होगी और अन्‍य फायदे जानने के ल‍िए पढ़‍िए ये लेख 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: May 06, 2021
कोरोना के समय में भ्रामरी प्राणायाम करना है बहुत फायदेमंद, बढ़ेगी इम्यूनिटी और मिलेंगे कई फायदे

कोरोना पॉज‍िट‍िव होने पर वायरस से कैसे बचें? अगर आप कोव‍िड पॉज‍िट‍िव हैं तो आप वायरस से लड़ने के ल‍िए योग का सहारा ले सकते हैं। ये उन मरीजों के ल‍िए लाभदायक है जो घर में आइसोलेट हैं। ऐसे मरीज सुबह-सुबह योग करें। वैसे तो कई योग हैं जो आपको कोरोना होने पर फायेदा पहुंचाएंगे पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं भ्रामरी प्राणायाम के बारे में। ये प्राणायाम करने में बेहद आसान है, आपको सांस लेते समय ओम का उच्‍चारण करना है और अंत में हमममम का स्‍वर न‍िकलेगा जो आपके शरीर में पॉज‍िट‍िव एनर्जी का काम करेगा। भ्रामरी प्राणायाम को करने से इम्‍यून‍िटी बूस्‍ट होगी और रेस्‍प‍िरेट्ररी ट्रैक्‍ट वायरस मुक्‍त होगा। इस प्राणायाम को करने की तकनीक, फायदे और कोरोना में इसके लाभ पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के रवींद्र योगा क्लीनिक के योगा एक्सपर्ट डॉ रवींद्र कुमार श्रीवास्तव से बात की।

bhramari yoga 

भ्रामरी प्राणायाम क्‍या होता है? (What is Bhramari Pranayama or Humming Bee Breath Technique)

भ्रामरी प्राणायाम का नाम भ्रमर शब्‍द से आया है और भ्रमर का मतलब होता है मधुमक्‍खी। वहीं अगर बात की जाए प्राणायाम की तो ये एक संस्कृत शब्‍द है ज‍िसका मतलब होता है सांस का व‍िस्‍तार। जब आप ये योगा करते हैं तो सांस छोड़ते समय ठीक वैसी आवाज न‍िकलती है जैसी मादा मधुमक्‍खी के गुनगुनाने से न‍िकलती है इसल‍िए इसे भ्रामरी प्राणायाम कहते हैं। जब आप इस योग को करते हैं तो हममममम का स्‍वर पूरे शरीर में गूंजता है ज‍िससे मन शांत हो जाता है। इस योग को करते समय न स्‍वर की आवाज आती है। न स्‍वर की आवाज जरूरी है, आपको ये ध्‍यान रखना है क‍ि योग करते समय न स्‍वर की ही आवाज आए न क‍ि म स्‍वर की। 

भ्रामरी प्राणायाम कोरोना मरीजों के ल‍िए क्‍यों लाभदायक है? (How Bhramari Pranayama is beneficial for covid patients)

इस प्राणायाम को करने से शरीर में नाइट्रिक ऑक्‍साइड की मात्रा बढ़ जाती है। नाइट्रिक ऑक्‍साइड एक फ्री, नैचुरल बनने वाली गैस है जो एंटी-बैक्‍टीर‍ियल और एंटी-वायरल होती है। नाइट्रिक ऑक्‍साइड इन्‍हेल करने के ल‍िए हमें भ्रामरी योग करते समय, हमममम करने के बाद सांस भरनी होती है ज‍िससे नाइट्रिक ऑक्‍साइड दोबारा रेस्‍पिरेट्ररी ट्रैक्‍ट में चली जाए। इस योग को करने से हवा का फ्लो बॉडी में बढ़ जाता है। वैश्‍व‍िक महामारी के चलते अगर वर्तमान स्‍थ‍ित‍ि देखी जाए तो ऐसा कोई नहीं म‍िलेगा जि‍सके घर-पर‍िवार में कोरोना का केस न हो। दहशत इस सीमा तक बढ़ गई है कि कोरोना के मरीज प‍िछले साल की तरह जल्‍दी ठीक नहीं हो पा रहे हैं। कुछ मरीजों को महीने भर संक्रमण रहता है, इसका एक कारण है मानस‍िक रूप से कमजोर होना। कोरोना के चलते लोगों में स्‍ट्रेस बढ़ रहा है, पल्‍सरेट बढ़ रहा है, इम्‍यून‍िटी घट रही है। ऐसे में भ्रामरी प्राणायाम कोरोना मरीजों के ल‍िए उम्‍मीद की एक क‍िरण हो सकता है। इस योग को करने से माइग्रेन, तनाव आद‍ि कम होता है और आप पॉज‍िट‍िव सोच पाते हैं।

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भ्रामरी प्राणायाम कैसे क‍िया जाता है? (How to do Bhramari Yoga)

method of bhramari yoga

सबसे पहले एक शांत‍ि वाली जगह देखकर आराम से बैठ जाएं। अगर आपको नीचे बैठने में परेशानी होती है तो आप कुर्सी का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं पर ध्‍यान रखें क‍ि आपकी रीढ़ ही हड्डी सीधी होनी चाह‍िए और उसके ल‍िए आप कुशन का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। आपको इस योगा को 12 से 22 बार करना है। वैसे तो आप इसे कभी भी कर सकते हैं पर कोश‍िश करें क‍ि इसे खाली पेट करें। अगर आपको चक्‍कर आ रहा है या स‍िर में दर्द है तो इस योगा को न करें। कान में दर्द या इंफेक्‍शन है तो भी ये प्राणायाम न करें। भ्रामरी योगा करते समय आपको ये ध्‍यान रखना है क‍ि कानों को जोर से न दबा दें, पर छेद में अंगूठा इस तरह से लगाएं क‍ि कान में बाहर की आवाज न जाने पाए। आपको ये भी ध्‍यान रखना है प्राणायाम करते समय आप मुंह से सांस न लेकर नाक से सांस लें। 

  • 1. अपनी स्‍पाइन सीधे करके बैठ जाएं और आंखों को बंद कर लें। 
  • 2. अब आप नाक से गहरी सांस भरें। 
  • 3. दोनों हाथों के अंगूठे से कान के छेद को बंद कर लें। 
  • 4. हाथों की पहली दोनों उंगलि‍यों को आप अपने माथे पर रखें और बाक‍ि उंगल‍ियों को बंद करके आंखों पर रख लें। 
  • 5. मुंह को बंद रखते हुए आपको सांस छोड़नी है और ओम का उच्‍चारण करना है ज‍िससे हममममम की ध्‍वन‍ि निकलेगी। 

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भ्रामरी प्राणायाम को करने से कोव‍िड मरीज के शरीर में पॉज‍िट‍िव बदलाव आते हैं (Positive changes in covid patient's body by Bhramari Yoga)

bhramari yoga benefits

  • 1. कोव‍िड से जुड़ी खबरों से लोगों में डर का माहौल है, कुछ लोगों की डर के चलते तबीयत ब‍िगड़ जाती है। इस योग को करने से आपकी बॉडी में स्‍ट्रेस या डिप्रेशन घटेगा। 
  • 2. कोव‍िड मरीजों में हाई ब्‍लड प्रेशर, हाइपरटेंशन जैसी पर‍ेशानी होने लगती है, भ्रामरी प्राणायाम को करने से इस समस्‍या से भी छुटकारा म‍िलेगा। 
  • 3. भ्रामरी प्राणायाम करते से नसों को आराम म‍िलता है ज‍िससे ब्‍लड फ्लो अच्‍छा रहता है, कोरोना के मरीजों में खून के थक्‍के जमने की परेशानी को ये योग बढ़ने नहीं देगा। 
  • 4. आप इस योगा को अपने नाइट रूटीन में भी शाम‍िल कर सकते हैं। इससे आपको अच्‍छी नींद आएगी। 
  • 5. कोव‍िड के मरीजों में ब्‍लड क्‍लॉट के चलते हार्ट ब्‍लॉकेज का डर बढ़ जाता है, अगर आप ये योग करेंगे तो हार्ट भी हेल्‍दी रहेगा और ब्‍लॉक होने का डर नहीं होगा। 
  • 6. कोरोना के चलते मरीजों में मेमोरी लॉस की समस्‍या देखी गई है ज‍िसे दूर करने के ल‍िए भ्रामरी प्राणायाम लाभदायक है, इस योग को करने से मेमोरी तेज होती है। 
  • 7. ज‍िन मरीजों को हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या है और उन्‍हें कोव‍िड हुआ है तो ये समय उनके ल‍िए मुश्‍क‍िल भरा हो सकता है, आप रोजाना भ्रामरी प्राणायाम करें, इससे ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल रहेगा। 
  • 8. कोरोना काल में अगर आप गर्भवती हैं तो भ्रामरी प्राणाायम जरूर करें, इससे आपको मूड स्‍व‍िंग की समस्‍या नहीं होगी और ज्‍यादा गुस्‍सा या च‍िड़च‍िड़ापन नहीं होगा। 

भ्रामरी प्राणायाम आपको सुबह के समय करना चाह‍िए, उस समय हवा ताजी होती है ज‍िससे शरीर में पॉज‍िट‍िव एनर्जी आती है। कोश‍िश करें क‍ि इस प्राणायाम को क‍िसी खुली जगह जैसे बालकनी या बगीचे में करें। 

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