Bhekasana/Frog Pose: भेकासन को करने से सेहत को होते हैं ये 5 फायदे, जानें इसे करने की विधि

भेकासन (Bhekasana) को करने से सेहत को कई तरीकों से फायदा पहुंचता है। जानते हैं इस आसन को करने का सही तरीका और बरतने वाली सावधानी...

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: May 05, 2021Updated at: May 05, 2021
Bhekasana/Frog Pose: भेकासन को करने से सेहत को होते हैं ये 5 फायदे, जानें इसे करने की विधि

जीवन में योग बेहद महत्वपूर्ण है। यह न केवल जीवन को जीने का सही ढंग  सिखाता है बल्कि कई समस्याओं को दूर भी रखता है। आज हम बात कर रहे हैं भेकासन (Bhekasana) की। यह दो शब्दों से मिलकर बना है भेक और आसन। भेक का अर्थ होता है मेंढक और आसन का अर्थ होता है मुद्रा। भेक का दूसरा अर्थ बैठना भी होता है। जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है इस स्थिति में व्यक्ति मेंढ़क की स्थिति में आ जाता है। अगर आप अपनी रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाना चाहते हैं साथ ही टखने, घुटने, एड़ियों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो यह आसन आपके बेहद काम आ सकता है। आज हम आपको अपने लेख के माध्यम से बताएंगे कि भेकासन को करने का सही तरीका (Frog Pose Steps) क्या है? साथ ही हम इसके फायदे (Benefits of Bhekasana Pose) और बरतने वाली सावधानी के बारे में भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

 

भेकासन को करने का सही तरीका (steps of bhekasana)

सबसे पहले जमीन पर मैट बिछाएं और उस पर पेट के बल लेट जाएं। अब अपने हाथों को जमीन पर टिकाएं और अपने सर को ऊपर उठाएं। अपने दोनों घुटनों को ऊपर की तरफ मोड़ें और हिप्स के पास लेकर आएं। अब हाथों की मदद से पंजों को पकड़ने की कोशिश करें। सबसे पहले आप अपने बाएं पैर को पकड़ें और उसके बाद दाएं पैर को पकड़ें। जैसा कि ऊपर तस्वीर में बताया गया है। अब अपने सीने को भी ऊपर की तरफ उठाएं और लंबी गहरी सांस लेते रहें। आपकी नजरें सामने की ओर होनी चाहिए। इस मुद्रा में लगभग 30 से 35 सेकेंड तक बने रहें। अपने शरीर को ढ़ीला छोड़ दें। पुरानी अवस्था में आने के लिए सबसे पहले अपने हाथों से पंजों को छोड़ें और उसके बाद पेट के बल लेट जाएं।

इस आसन को करते वक्त हो सकता है कि आपके कंधे और टांगों पर दबाव पड़ता है। ऐसे में अपनी क्षमता के अनुसार ही शरीर पर दबाव डालें। अगर आपको इस आसन को करते वक्त असामान्य दर्द महसूस हो रहा है या किसी भी प्रकार की असुविधा महसूस हो रही है तो इस आसन को ना करें। आप किसी एक्सपर्ट की देखरेख में भी शुरुआत में इस आसन को कर सकते हैं। ध्यान रहे कि यह आसन सुबह के वक्त करना चाहिए। अगर आप शाम को इस आसन कर रहे हैं तो ध्यान दें कि कम से कम खाने के 4 से 6 घंटे बाद ही इस आसन को करें। आसन करने से पहले आपका पेट एकदम साफ होना चाहिए। शौच के बाद ही इस आसन को करें।

इसे भी पढ़ें- Garudasana/Eagle Pose: गरुड़ासन करने से सेहत को होते हैं ये 4 फायदे, जानें इसे करने की विधि

बरतने वाली सावधानियां

1 - अगर आपके घुटनों में चोट लगी है तो इस आसन को न करें।

2 - आपके लोअर बैक में दर्द है तो इस आसन को ना करें।

3 - पेट की समस्या होने पर इस आसन को ना करें।

4 - इस आसन को करते वक्त घुटनों पर दबाव पड़ सकता है और टिशू प्रभावित हो सकते हैं ऐसे में ज्यादा दबाव ना डालें।

इसे भी पढ़ें- Jathara Parivartanasana: जठर परिवर्तनासन को करने से वजन होता है कम, जानें इसके 6 फायदे और विधि

भेकासन को करने से होने वाले फायदे (benefits of bhekasana)

1 - बढ़े सांस लेने की क्षमता

बता दें कि इस आसन को करने से सीने की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और सांस लेने की क्षमता पर सुधार आता है। बता दें कि इस आसन को करते वक्त शरीर को पूरी तरह पीछे मोड़ लिया जाता है, जिसके कारण पूरा जोर सीने पर आ जाता है।

2 - टांगों में आता है खिंचाव

जब हम इस आसन को करते हैं तो इसके दौरान हम अपनी टांगों को ऊपर की तरफ मुड़ते हैं। ऐसा करने से जांघों की मांसपेशियों में खिंचाव पड़ता है और टांगों में मजबूती आती है। बता दें कि इसके अलावा पैरों के पंजे, पिंडली, टकने आदि पर भी जोर पड़ता है और स्ट्रैचिंग होती है।

3 - पाचन क्रिया होती है तंदुरुस्त

इस आसन को करने के दौरान पेट के निचले हिस्से में मसाज होती है, जिसके कारण पेट की कई समस्याएं दूर हो जाती हैं। साथ ही अपच, कब्ज आदि से छुटकारा मिलता है। पाचन क्रिया को तंदुरुस्त बनाने में यह आसन एक अच्छा विकल्प है। अगर आप पेट की समस्याओं से परेशान है तो आप इस आसन को नियमित रूप से कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें- Navasana/Boat Pose: नावासन को करने से सेहते को होते हैं ये 5 फायदे, जानें इसे करने की विधि

4 - पिंडली और जांघों पर खिंचाव

जैसा कि हमने पहले भी बताया कि इस आसन को करने से जांघों पर खिंचाव पड़ता है। ऐसे में सारी मसल्स खुल जाती हैं और जांघों में, पिंडलियों में, टांगों में मजबूती आती है। वर्क फ्रॉम होम के दौरान अक्सर लोग एक ही पोजीशन में घंटों तक बैठे रहते हैं ऐसे में इस आसन को करने से मसल्स को आराम मिलता है और दर्द भी कम होता है।

5 - एब्डोमेन पर प्रभाव

जब हम इस आसन को करते हैं तो न केवल शरीर के हार्मोंस का स्तर संतुलित रहता है बल्कि लोअर एब्डोमेन पर भी काफी खिंचाव पड़ता है। यही कारण होता है कि भीतर के अंग अच्छे से काम करना शुरू कर देते हैं और जननांग भी सक्रिय हो जाती है।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि इस आसन को करने से शरीर की कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। साथ ही यह आसन मांसपेशियों की सेहत के लिए अच्छा विकल्प है। लेकिन इस आसन को करने के दौरान अपने शरीर पर ज्यादा दबाव ना डालें। साथ ही अपनी क्षमता के अनुसार ही समय निर्धारित करें। आप शुरुआत में इस आसन को करने के लिए किसी एक्सपर्ट की मदद भी ले सकते हैं। 

Read More Articles on yoga in hindi

Disclaimer