Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

गर्मियों में क्यों है कॉटन अंडरवियर सबसे बेस्ट? पुरुष और महिलाएं दोनों जानें इसके फायदे

गर्मियों में प्राइवेट पार्ट के आसपास खुजली या जलन होने जैसी समस्या से कई लोग दो-चार होते हैं। इससे निपटने के लिए इन दिनों सूती के अंडरवियर पहनें। जानें, इसे पहनने के फायदे। 

आपने सुना होगा कि गर्मियों के दिनों में काॅटन के अंडरवियर को सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। ऐसा सिर्फ महिलाओं नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए भी कहा जाता है। क्या आप जानते हैं कि इसके क्या कारण हैं? आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है? इस लेख में जानेंगे कि गर्मियों में काॅटन अंडरवियर पहनना सबसे बेस्ट क्यों होता है और इससे स्किन को किस तरह के लाभ मिलते हैं? इस संबंध में हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की है।

गर्मियों में काॅटन अंडरवियर क्यों पहनना चाहिए?

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गर्मियों के कारण ग्रोइन एरिया में बहुत ज्यादा पसीना होने लगता है। इसकी वजह से खुजली, रेडनेस और रैशेज तक हो जाते हैं। यही कारण है कि इन दिनों ऐसी समस्याओं से बचाने के लिए डाॅक्टर काॅटन के अंडरवियर पहनने की सलाह देते हैं। असल बात ये है कि गर्मियों में काॅटन यानी सूती के अंडरवियर पहनना बहुत अच्छा होता है। सूती के कपड़े की वजह से हवा आसानी से पास हो जाती है और यह कपड़ा पसीना भी सोख लेता है। अच्छी बात ये है कि पुरुष और महिला दोनों के लिए यह फैब्रिक फायदेमंद होता है। इसलिए, गर्मियों के दिनों में दोनों को ही अंडरवियर के लिए सूती के फैब्रिक का इस्तेमाल करना चाहिए।

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काॅटन अंडरवियर पहनने के फायदे

महिलाओं के लिए

  • वजाइनल हेल्थ सही रहती हैः गर्मियों के दिनों महिलाओं को योनि के पास पसीना, चिपचिपापन जैसी कई समस्याएं होती हैं। ऐसे में यीस्ट इंफेक्शन या बैक्टीरियल इंफेक्शन का जोखिम भी बना रहता है। वहीं, अगर सूती के अंडरवियर कैरी किए जाएं, तो इस तरह की समस्याओं में कमी आती है।
  • वजाइनल पीएच संतुलन बना रहता हैः महिलाओं के प्राइवेट पार्ट का एक प्राकृतिक पीएच संतुलन होता है। अगर योनि के आसपास बहुत ज्यादा पसीना हो जाता है, जिसकी वजह बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है, तो पीएच का स्तर भी बिगड़ जाता है। इस स्थिति में महिलाओं को इचिंग और ड्राइनेस जैसी समस्या हो सकती है। सूती का कपड़ा इस हिस्से को ठंडा रखता है, जिससे पीएच संतुलित रहता है।

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पुरुषों के लिए

  • पसीने-खुजली से बचावः महिलाओं की ही पुरुषों को भी अपने प्राइवेट पार्ट के आसपास गर्मियों के दिनों में पसीना और खुजली जैसी समस्या बनी रहती है। अगर पुरुष सूती के फैब्रिक के अंडरवियर पहनते हैं, तो इसकी वजह से यह समस्या नहीं होती है। ऐसे में खुजली और जॉक इच से छुटकारा मिलता है।
  • बदबू से छुटकाराः जाहिर तौर पर जब कहीं बहुत ज्यादा पसीना आता है, तो वहां न सिर्फ बैक्टीरिया पनपते हैं, बल्कि बदबू भी आने लगती है। काॅटन के इस्तेमाल से पसीना सूख जाता है, हवा पास होती रहती है, जिससे बदबू आने का जोखिम कम होता है

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निष्कर्ष

गर्मियों के दिनों में महिला-पुरुष को सिंथेटिक फैब्रिक के अंडरवियर नहीं पहनने चाहिए। इसके बजाय उन्हें सूती के अंडरवियर को प्राथमिकता देनी चाहिए। इससे खुजली, रैशेज, रेडनेस या किसी भी तरह के इंफेक्शन का जोखिम कम होता है। हां, अगर इस तरह की कोई समस्या होती है, तो बेहतर है कि आप डाॅक्टर से संपर्क करें और अपना ट्रीटमेंट करवाएं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • जॉक इच से बचने का सबसे आसान तरीका क्या है?

    रोजाना साफ और सूखे कॉटन अंडरवियर पहनने से जोक इच की समस्या से बचे रहा जा सकता है।
  • क्या गर्मियों में नायलॉन या सिल्क के अंडरवियर पहनना सुरक्षित है?

    नहीं, ये फैब्रिक पसीना नहीं सोखते और हवा को रोक देते हैं। ऐसे में इंफेक्शन का रिस्क बढ़ता है। 
  • कॉटन अंडरवियर यीस्ट इन्फेक्शन को कैसे रोकता है?

    कॉटन नमी को सोखकर उस हिस्से को सूखा रखता है, जिससे संक्रमण का रिस्क कम हो जाता है।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 05, 2026 08:15 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • May 05, 2026 08:15 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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