डैमेज बालों को जड़ों से रिपेयर करने के लिए आजमाएं ये 7 आयुर्वेदिक उपाय

अगर पोलूशन या गलत खानपान की वजह से आपके बाल कमजोर हो गए हैं तो कुछ आयुर्वेदिक टिप्स अपनाकर आप अपने बालों की सेहत ठीक कर सकते हैं।

Monika Agarwal
बालों की देखभालWritten by: Monika AgarwalPublished at: Jan 23, 2022Updated at: Jan 23, 2022
डैमेज बालों को जड़ों से रिपेयर करने के लिए आजमाएं ये 7 आयुर्वेदिक उपाय

अगर आपके बालों में दो मुंहें बाल, रफ टेक्सचर और ड्राइनेस अधिक देखने को मिल रही है तो इसका अर्थ है आपके बाल डैमेज हो चुके हैं। यही नहीं यदि बाल ज्यादा टूट रहे हैं तो भी इसका मतलब है कि आपके बाल अब डैमेज होना शुरू हो गए हैं। इसलिए आपको अपने बालों को सुंदर और हेल्दी बनाने के लिए प्रयास करना शुरू कर देना चाहिए। यदि आप कोई प्राकृतिक उपचार ढूंढ ना चाह रहे हैं तो आपको बालों की सेहत अच्छी बनाने के लिए आयुर्वेदिक उपचार अपनाना चाहिए। दरअसल इस उपचार का कोई साइड इफेक्ट या बालों को नुकसान भी नहीं होता। आयुर्वेद के अनुसार बालों का स्वास्थ्य वात, कफ और पित्त दोष की वजह से खराब होता है। इन तीनों दोष में यदि कुछ भी कम या ज्यादा होता है तो बाल कमजोर हो जाते हैं। 

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एक्सपर्ट के अनुसार (Expert Opinion)

जीवा आयुर्वेद के निदेशक डॉ प्रताप चौहान बताते हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल हार्मोन इन बैलेंस और शुगर इंबैलेंस की वजह से बालों की हेल्थ पर असर पड़ता है। जिसकी वजह से डैंड्रफ भी हो सकती है और बालों की जड़ों तक पोषक तत्व नहीं पहुंचते। इसको कफ दोष माना जाता है। वात दोष का मतलब है कि आप पूरी तरीके से पोषक तत्व नहीं खा रहे। जब आपके बालों के फॉलिकल्स को पोषण नहीं मिलता तो वह कमजोर होकर टूटने लगते हैं। पोषण की कमी से बालों में ड्राइनेस, बालों का पतला पड़ना या दो मुंहे बाल जैसी समस्या होने लगती है। पित्त दोष में बहुत ज्यादा केमिकल युक्त प्रोडक्ट या पॉल्यूशन एक्स्पोज़र, एसिडिक डाइट आदि आते हैं। इनसे भी बालों की सेहत पर असर पड़ता है। जिसकी वजह से बालों की जड़ें या स्कैल्प में खुजली हो सकती है या वह कमजोर हो सकते हैं। लेकिन कुछ निम्न उपचारों की मदद से बालों की हेल्थ को ठीक किया जा सकता है।

आयुर्वेदिक उपचार (Treatment According To Ayurveda)

1. आयुर्वेदिक शैंपू (Ayurvedic Shampoo)

आयुर्वेदिक शैंपू बालों के लिए काफी अच्छे होते हैं क्योंकि वह एक प्रकार की प्राकृतिक हेयर केयर रेमेडी होते हैं। इससे आपके बाल रिपेयर भी होते हैं और उनका विकास भी होता है। रीठा, शिकाकाई जैसे तत्व आयुर्वेदिक शैंपू में पाए जाते हैं। इन तत्वों में विटामिन ए, सी, डी, ई और के होते हैं जो आपके सिर और बालों की सेहत के लिए काफी आवश्यक होते हैं। इसके अलावा इन शैंपू में आंवला, मेथी और ब्राह्मी भी होते हैं।

2. आयुर्वेदिक हेयर मास्क (Ayurvedic Hair Mask)

अगर बालों को अच्छे से नरिश करना चाहती हैं तो आयुर्वेदिक मास्क अप्लाई कर सकती हैं और ऐसी ही एक मास्क का नाम शीरो लेपा है। यह न केवल सिर से स्ट्रेस कम करने में मदद करता है बल्कि बालों तक ब्लड सप्लाई इंप्रूव करने में भी मदद करता है। आप आंवला पाउडर और शिकाकाई के द्वारा भी हेयर मास्क बना सकती हैं। भृंगराज और नीम का हेयर मास्क भी बालों के लिए लाभदायक होता है। एलो वेरा को भी हेयर मास्क के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।

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3. आयुर्वेदिक हेयर ऑयल (Ayurvedic Hair Oil)

अगर आयुर्वेदिक हेयर ऑयल से बालों की नियमित मसाज की जाए तो बालों की सेहत को काफी अच्छा बनाया जा सकता है। इससे बालों की जड़ों को पोषण मिलता है और सिर में ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ता है। हफ्ते में दो बार तो सिर की ऑयल मसाज अवश्य करनी चाहिए। सिर धोने से एक दिन पहले बालों की तेल मालिश करनी चाहिए। ब्राह्मी, अश्वगंधा, गूंजा, अमाल्की जैसे इंग्रेडिएंट्स से बना तेल प्रयोग कर सकती हैं।

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4. आयुर्वेदिक थेरेपी (Ayurvedic Therapy)

पंचकर्मा, नास्य, शिरोधर, बस्ती, शिरो अभ्यानगा जैसी आयुर्वेदिक थेरेपी ले सकती हैं। इनसे सिर को डीप नरिशमेंट मिलती है और ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार आता है। इससे सिर डिटॉक्स और रिजूविनेट होता है। इन थेरेपी से आपका दिमाग और शरीर काफी रिलैक्स महसूस करता है और इस वजह से मौजूद स्ट्रेस में भी काफी राहत मिलती है।

5. आयुर्वेदिक हेयर सीरम ( Ayurvedic Hair Serum)

आयुर्वेदिक हेयर सीरम को बालों में लगाने से आपके बाल बाहरी तत्वों जैसे प्रदूषण और धूप की हानिकारक किरणों से बचे रहते हैं। इससे बालों में उलझनें कम होती हैं और बालों में एक शाइन एड होती है। आप ऐसे सीरम का प्रयोग कर सकती हैं जिसमे प्राकृतिक हर्ब्स और इंग्रेडिएंट्स जैसे एलो वेरा, ऑर्गन ऑयल, भृंगराज आदि मिले हुए होते हैं। यह इंग्रेडिएंट्स दोष लेवल को बैलेंस करते हैं और साथ ही हेयर डैमेज से भी बालों को रिपेयर करते हैं।

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6. हेल्दी डाइट का भी करें पालन (Healthy Diet)

हमारे शरीर के साथ साथ हमारे बालों को भी स्वस्थ रहने के लिए पोषण की जरूरत होती है। इस पोषण को डाइट के माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है। अपनी डाइट में ऐसी चीजें एड करें जिसमे आयरन, जिंक, प्रोटीन और विटामिन होते हैं।

7. रेगुलर एक्सरसाइज करें (Regular Exercise)

आयुर्वेद के अनुसार रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर डिटॉक्सिफाई होता है और शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकलते हैं। साथ ही एक्सरसाइज करने से आपके शरीर को जरूरी प्राकृतिक न्यूट्रिएंट्स और ऑक्सीजन मिलती है। जिससे आपके बालों के फॉलिकल्स में ब्लड फ्लो बढ़ता है। अगर आप का कार्डियो नहीं करना चाहते हैं तो आप योगा और प्रणायाम अपने डेली रूटीन में शामिल करें।

बालों की सेहत को अच्छी बनाने के लिए इन आयुर्वेदिक टिप्स को अपनाएं। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप न केवल बालों की बल्कि ओवरऑल हेल्थ भी अच्छी रख सकते हैं।

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