दिनभर चलने, काम करने आदि कारणों से शरीर में थकान और तनाव दोनों ही समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है। रात होते-होते महसूस होने लगता है कि जैसे हमारे शरीर की सारी एनर्जी खत्म हो गई है। ऐसे में दिनभर की थकान कम करने के लिए कुछ न कुछ उपाय अपनाते हैं। ऐसे में कई लोग रात को सोने से पहले अपने पैरों की मालिश करते हैं वहीं कुछ लोग पैरों को नमक वाले पानी में भी भिगोकर रखते हैं। आयुर्वेद में इसे पाद स्नान के रूप में जाना जाता है, जिसमें गुनगुने नमक के पानी में में पैरों को डालकर बैठा जाता है, जिससे आपको कई तरह के फायदे मिलते हैं। ऐसे में आइए हरियाणा के सिरसा में स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि पाद स्नान क्या है और इसके क्या फायदे हैं?
पाद स्नान के फायदे
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, आयुर्वेद में पाद का अर्थ होता है अभ्यंग यानी तेल की मालिश, जो पैरों पर की जाती है। उससे नींद अच्छी आती है, मसल्स थोड़ी ढीली हो जाती है। इसके साथ ही यह वात को कम करने में मदद करता है। पैरों में वात बढ़ने के कारण होने वाली जकड़न, सूजन, सुन्नता और कमजोरी को दूर किया जा सकता है। स्नान करने का अर्थ है शरीर को साफ करना। पाद स्नान करने से आपके पैर साफ होते हैं, पैरों में इंफेक्शन होने की संभावना कम होती है, लिगामेंट्स और मसल भी थोड़े लूज होते हैं। इसके साथ ही दिनभर का तनाव कम होता है और रात में अच्छी नींद आती है। इसके साथ ही, पद स्नान करने से पैरों की मांसपेशियां रिलैक्स करती हैं, नसों को पोषण मिलता है और शरीर को शांति मिलती है। नींद जल्दी आती है और नींद की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।
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तेल मालिश के फायदे
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि, पैरों को गुनगुने पानी में भिगोकर रखने के बाद तेल से मालिश करने से वात संतुलित रखने में मदद मिलती है, जिससे आपको चलने-फिरने और तनाव को कम करने में मदद मिलती है। आयुर्वेद में उम्र और शरीर की प्रकृति के अनुसार तेल चुनना आपके पैरों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। आमतौर पर आप तिल का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं, जो वात दोष को संतुलित करने में मदद करता है। इसके अलावा आप नारियल तेल, घी और औषधीय तेलों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
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कैसे करें पाद स्नान?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के मुताबिक, पाद स्नान करने के लिए आप सबसे पहले एक टब या बाल्टी में गुनगुना पानी ले लें। अब इसमें थोडा सा तेल और सेंधा नमक डालें और चाहे तो त्रिफला भी डाल सकते हैं। इसके बाद 5 से 10 मिनट तक पैरों को पानी में डुबोकर रखें। इसके बाद पैरों को अच्छी तरह पोंछ लें और फिर तेल से हल्के हाथों से अपने तलवों, एड़ियों और पैर की उंगलियों की मालिश करें। खासकर तलवों के बीच और एड़ी पर हल्के हाथों से मसाज करें।
निष्कर्ष
पाद स्नान पैरों के तनाव को कम करने और शरीर को आराम दिलाने में मदद मिल सकती है। इसलिए आप रात को सोने से पहले 10 मिनट अपने पैरों को गुनगुने नमक के पानी में भिगोकर रख सकते हैं और उसके बाद अपने पैरों को तेल से मसाज कर सकते हैं, जो आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है।
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FAQ
गर्म पानी में पैर धोने के क्या फायदे हैं?
गर्म पानी में 10 से 15 मिनट पैरों को भिगोकर रखने से तनाव को कम करने, थकी मांसपेशियों को आराम दिलाने और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में मदद मिलती है।अपने पैरों को गर्म पानी में कितनी देर तक भिगोना चाहिए?
पैरों की थकान, सूजन और तनाव को कम करने के लिए गुनगुने पानी में 10 से 15 मिनट तक अपने पैरों को भिगोकर रखें। इतनी देर तक पैरों को भिगोकर रखने से पैरों की स्किन को मुलायम बना सकते हैं।पैरों की सूजन खत्म करने के लिए क्या करना चाहिए?
पैर की सूजन कम करने के लिए पैरों को ऊपर उठाएं, गुनगुने नमक के पानी में पैरों को डुबोएं और फिर पैरों को हल्का मसाज करें।
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Feb 07, 2026 16:46 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Feb 07, 2026 16:46 IST
Modified By : Katyayani TiwariFeb 07, 2026 16:46 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma