अश्व संचालनासन योग से सुधारें मेटाबॉलिज्म और शरीर को बनाएं फ्लेक्सिबल, जानें करने का तरीका और अन्य फायदे

अश्व संचालनासन का अभ्यास शरीर को फ्लेक्सिबल बनाने और मेटाबॉलिज्म को ठीक करने के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है, जानें इसके अभ्यास का तरीका।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Sep 16, 2021
अश्व संचालनासन योग से सुधारें मेटाबॉलिज्म और शरीर को बनाएं फ्लेक्सिबल, जानें करने का तरीका और अन्य फायदे

शरीर को स्वस्थ और फिट बनाये रखने के लिए रोजाना योग का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद होता है। योग न सिर्फ शरीर बल्कि जीवनशैली को भी सुधारने में बहुत उपयोगी होता है। भारत में प्राचीन काल से ही योग का अभ्यास शरीर को स्वस्थ और निरोगी बनाये रखने के लिए किया जा रहा है। आज पूरी दुनिया में योग के फायदों को देखते हुए इस अपनाया जा रहा है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग-अलग योगासनों का अभ्यास किया जाता है। आज हम आपको अश्व संचालनासन योग (Ashwa Sanchalanasana) के बारे में बताने जा रहे हैं जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को ठीक करने से लेकर शरीर को फ्लेक्सिबल बनाने में भी बहुत फायदेमंद है। अश्व संचालनासन एक संतुलन मुद्रा का आसन है जिसमें आप हाथों में खिंचाव देने के साथ शरीर को भी स्ट्रेच करते हैं। अश्व संचालनासन का अभ्यास सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते वक्त भी किया जाता है। आइये जानते हैं अश्व संचालनासन योग के फायदे और इसे सही ढंग से करने के बारे में।

क्या है अश्व संचालनासन योग? (What is Ashwa Sanchalanasana?)

शरीर को फ्लेक्सिबल बनाने से लेकर पेट के भीतरी अंगों को स्टिमुलेट करने तक अश्व संचालनासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। इस योगासन का रोजाना अभ्यास करने से आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म भी ठीक रहता है। अश्व संचालनासन को घुड़सवार आसन और अंग्रेजी में इसे इक्वेस्ट्रियन पोज (Equestrian Pose) के नाम से जाना जाता है। ये आसन शरीर को नीचे झुकाकर किया जाता है। सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते समय भी इस आसन का अभ्यास होता है। योग विज्ञान की भाषा में अश्व संचालनासन को संतुलन आसन की श्रेणी में रखा गया है। यह शरीर को संतुलित करने के लिए बहुत फायदेमंद योगासन के रूप में जाना जाता है।

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अश्व संचालनासन के फायदे (Ashwa Sanchalanasana or Equestrian Pose Benefits)

जिस तरह से आप घुड़सवारी करते हुए अपने शरीर का संतुलन बनाते हैं उसी तरह से अश्व संचालनासन में भी आपको अपने शरीर का संतुलन बनाना होता है।  अश्व संचालनासन का अर्थ ही घुड़सवारी करना है। इस आसन के अभ्यास में अपने शरीर घुड़सवारी के पोज के हिसाब से रखते हैं। अश्व संचालनासन या इक्वेस्ट्रियन पोज शरीर के सभी अंगों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके अभ्यास के दौरान आपके पेट के अंग उत्तेजित होते हैं। इस योगासन को दोनों टांगों की सहायता से बारी-बारी किया जाता है। रोजाना अश्व संचालनासन का अभ्यास करने से आपके शरीर में लचीलापन आता है और इसके साथ ही नियंत्रण और संतुलन को ठीक करने में भी मदद मिलती है। अश्व संचालनासन योग का अभ्यास करने के फायदे इस प्रकार हैं।

1. मसल्स को मजबूत बनाने में उपयोगी

अश्व संचालनासन का रोजाना अभ्यास करने से आपके शरीर की मांसपेशियों को बहुत फायदा मिलता है। इस योगासन के अभ्यास में शरीर के निचले भाग की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है। अश्व संचालनासन का अभ्यास करने से आपके टांगें, टखने, हिप्स और लोवर बैक की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इस योगासन के अभ्यास से आपको लोअर बैक की मांसपेशियों में होने वाली समस्या से भी राहत मिलती है।

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2. पीठ के लिए फायदेमंद

अश्व संचालनासन का अभ्यास आपकी पीठ को मजबूत करने का काम करता है। इस आसन के अभ्यास के दौरान आपकी पीठ पर जोर पड़ता है और स्ट्रेच होती है। इसके अभ्यास से पीठ का मांसपेशियों को तो फायदा मिलता ही है बल्कि रीढ़ की हड्डी को भी सीधा करने और मजबूती देने के लिए इस योगासन का अभ्यास बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। पीठ की मांसपेशियों पर दबाव पड़ने से पीठ में होने वाले दर्द की समस्या में भी आराम मिलता है। इसके अलावा अश्व संचालनासन का अभ्यास आपको स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या में भी फायदा देने वाला होता है। पीठ के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए अश्व संचालनासन का रोजाना अभ्यास करना फायदेमंद होता है। 

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3. शरीर के मेटाबॉलिज्म और पाचन के लिए उपयोगी

अश्व संचालनासन का अभ्यास शरीर के मेटाबॉलिज्म को सुधारने का काम करता है। इसके अभ्यास से आपका पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करने से आपका शरीर डिटॉक्स होता है और शरीर के आकार को सुधारने में भी फायदा मिलता है। जो लोग नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करते हैं उनके शरीर में पाचक रस का प्रभाव बेहतर  ढंग से होता है जिससे आपका पाचन तो सही रहता ही है और तमाम अन्य समस्याएं भी दूर होती हैं। अश्व संचालनासन का रोजाना सही ढंग से अभ्यास करने से आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है।

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4. स्किन के लिए बहुत उपयोगी

अश्व संचालनासन का अभ्यास स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके अभ्यास से आपके शरीर का ब्लड फ्लो संतुलित रहता है जिससे आपके स्किन पर ऊर्जा और ताजगी का अनुभव होता है। स्किन को यंग और ताजा बनाये रखने के लिए अश्व संचालनासन का अभ्यास बहुत उपयोगी होता है। इस आसन का नियमित रूप से अभ्यास करने से आपके शरीर की त्वचा तो जवान रहती ही है बल्कि स्किन पर होने वाली झुर्रियां भी कम होती हैं।

5. हृदय और फेफड़ों के लिए उपयोगी

अश्व संचालनासन का रोजाना अभ्यास करने से आपके फेफड़ों को फायदा मिलता है और सीने की मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं। इसका अभ्यास आपको कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के खतरे से भी बचाने का काम करता है। रोजाना अश्व संचालनासन का अभ्यास आपके शरीर में ब्लड फ्लो को सही बनाये रखने में मदद करता है जिससे आपके हृदय को भी फायदा मिलता है। 

अश्व संचालनासन का अभ्यास करने का तरीका (How To Do Ashwa Sanchalanasana or Equestrian Pose?)

अश्व संचालनासन का अभ्यास शुरुआत में भी किया जा सकता है। सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने वाले लोगों को इसके अभ्यास की आदत हो जाती है। इस आसन का अभ्यास धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। जिन लोगों को इसके अभ्यास के दौरान कोई परेशानी होती है उन्हें अपने पैरों, घुटनों आदि पर अधिक दबाव नहीं देना चाहिए। अश्व संचालनासन का अभ्यास करने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो करें। 

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  • सबसे पहले अश्व संचालनासन का अभ्यास करने के लिए समतल जमीन पर योगा मैट के सहारे बैठ जाएं।
  • अब खड़े होकर अपने दोनों पैरों को आसपास रखें।
  • इसके बाद घुटनों के बल खड़े हों।
  • अब इस आसन का अभ्यास के लिए अपने दाहिने पर को आगे की तरफ लाकर रखें।
  • इस दौरान अपनी पिंडलियों और जांघों के बीच में 90 डिग्री का कोण बनाएं।
  • अब हाथों को दाहिने टांग के बगल में रखें और उंगलियों से जमीन को छूते हुए संतुलन बनाएं।
  • गर्दन सीधी रखें और सामने की तरफ देखें।
  • इसके बाद इस पोजीशन में कुछ देर रहें और फिर वापस सामान्य मुद्रा में आ जाएं।
  • अब यही प्रक्रिया बाएं पैर से भी दोहराएं।

इस योगासन का अभ्यास शुरुआत में एक्सपर्ट की देखरेख में करना चाहिए। शरीर को लचीला और मजबूत बनाने के अलावा अश्व संचलासन का अभ्यास मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसका रोजाना अभ्यास आपके शरीर के सभी अंगों को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है।

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