Spondylitis: इन 5 तरह के लोगों में ज्यादा होता स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा, जानें कैसे करें बचाव

अगर आप भी खुद को स्पॉन्डिलाइटिस के खतरे से दूर रखना चाहते हैं तो जान लें किन लोगों को होता है इसका ज्यादा खतरा और क्या है बचाव का तरीका।

Vishal Singh
Written by: Vishal SinghUpdated at: Jan 28, 2021 14:00 IST
Spondylitis:  इन 5 तरह के लोगों में ज्यादा होता स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा, जानें कैसे करें बचाव

हड्डियों में एक या दो दिनों तक दर्द एक आम समस्या है, लेकिन अगर ये दर्द लगातार आपके साथ रहने लगे तो ये सामान्य नहीं हो सकता है। ऐसे ही स्पॉन्डिलाइटिस (Spondylitis) के दौरान होता है जिसमें आपको लंबे समय तक रीढ़ के दर्द की स्थिति से गुजरना पड़ता है। ये स्थिति एक प्रकार का गठिया है जो आपकी रीढ़ में दर्द का कारण बनता है। स्पॉन्डिलाइटिस का दर्द पहचानना हर किसी के लिए परेशानी वाला हो सकता है, ज्यादातर लोग इस दर्द को भी कई दिनों तक एक सामान्य दर्द समझते हुए नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि आपको पता होना चाहिए कि Spondylitis का दद आपकी पीठ के नीचले हिस्से में शुरू होता है और ये आपकी गर्दन तक भी पहुंच सकता है। आपको बता दें कि अगर आप लगातार इस स्थिति के साथ रहते हैं और इस दर्द को नजरअंदाज करते हैं तो इससे आपकी स्थिति गंभीर बन सकती है और आप कूबड़ भी बन सकते है। हालांकि, लोगों में स्पॉन्डिलाइटिस को लेकर सवाल होता है कि किन लोगों को स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा हो सकता है और इससे बचाव का क्या तरीका है। तो इसके लिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं हैं क्योंकि हम आपको इस लेख में इन सवालों का जवाब आसानी से देंगे। इस विषय पर हमने बात की डॉ. राखी आयुर्विज्ञान, सफ़दरजंग एंक्लेव , नई दिल्ली की डॉक्टर राखी मेहरा से।

डॉक्टर राखी मेहरा का कहना है कि एंकिलोसिस स्पॉन्डिलाइटिस (Ankylosing Spondylitis) एक ऐसी समस्या है जिसका इलाज पूर्ण रूप से इलाज मौजूद नहीं है लेकिन फिर भी कुछ दवाएं, जीवनशैली में हल्के बदलावों और एक्सरसाइज की मदद से इस स्थिति को दूर किया जा सकता है। ऐसा नहीं है कि अगर आप स्पॉन्डिलाइटिस का शिकार हैं तो आप खुद को फिर से स्वस्थ नहीं बना सकते हैं, इसके लिए कुछ तरीके हैं जो आपको इस लेख में बताए जाएंगे। 

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किन लोगों को होता है स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा

1. लिंग के अनुसार

एक्सपर्ट और डॉक्टर राखी मेहरा का कहना है कि इस स्थिति में आपका लिंग बहुत महत्वपूर्ण देखा गया है, ऐसा पाया गया है कि पुरुषों में स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा हमेशा ज्यादा देखा गया है और महिलाओं में पुरुषों की तुलना में काफी कम खतरा रहता है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि महिलाएं पूरी तरीके से इस स्थिति से बची हुई है, बल्कि वो भी इसका शिकार हो सकती है। एक्सपर्ट का कहना है कि महिलाओं में एएस का एक दूसरा रूप होने की संभावना हो सकती है जिसे नॉन-रेडियोग्राफिक स्पॉन्डिलाइटिस कहा जाता है। 

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2. आयु

आपकी उम्र कितनी है इसका संबंध भी स्पॉन्डिलाइटिस से जुड़ा हुआ है, जी हां, डॉक्टर राखी मेहरा का कहना है कि आमतौर पर ये देखा गया है कि जब लोग अपनी किशोरावस्था या युवा-वस्था में होते हैं तो स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है और ये दर्द उन्हें अपना शिकार बना लेता है। डॉक्टर राखी मेहरा का कहना है कि रिपोर्ट्स में पाया गया है कि करीब 80 प्रतिशत मामले ऐसे सामने आते हैं जिसमें पीड़ितों की उम्र 30 से कम होतीी है और 95 प्रतिशत मामले 45 की उम्र तक होते हैं। 

3. बहुत ज्यादा सोने की आदत

ऐसे लोग जो बहुत ज्यादा सोने की आदत के साथ या बिस्तर पर ज्यादा समय बिताते हैं उन लोगों को भी स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा काफी होता है। एक्सपर्ट का कहना है कि जो लोग बिस्तर पर ज्यादा समय बिताते हैं वो लोग अक्सर घंटों तक एक ही अवस्था में रहते हैं जिसके कारण आपकी रीढ़ की हड्डी की एक्टिविटी काफी हो जाती है। जिसके कारण धीरे-धीरे ये स्पॉन्डिलाइटिस के खतरे को बढ़ाने का काम करती है। 

4. घंटों कंप्यूटर और लैपटॉप पर काम करने वाले लोग

दफ्तर में घंटों कंप्यूटर और लैपटॉप के सामने बैठ रहने वाले लोगों को स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा काफी ज्यादा हो जाता है, यहां तक की ज्यादातर लोग ऐसे भी होते हैं जो कई महीनों तक इस दर्द को नजरअंदाज करते रहते हैं। जबकि आपकी ये एक गलत आदत है। एक्सपर्ट का कहन है कि जो लोग आजकल वर्क फ्रॉम होम को अपना रहे हैं उन लोगों में भी इस स्थिति की संभावना काफी ज्यादा है क्योंकि अक्सर ऐसे लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं और कई लोग गलत तरीकों से बैठने की आदत को अपनाए रखते हैं जिसके कारण आपकी रीढ़ को काफी नुकसान का सामना करना पड़ता है। 

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5. फिजिकल एक्टिविटी से दूर रहने वाले लोग

अक्सर आपने भी कई ऐसे लोगों को देखा होगा जो फिजिकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज से पूरी तरह से खुद को दूर रखते हैं जबकि ऐसी आदत आपको कई तरह की गंभीर बीमारियों के साथ मोटापे का शिकार बनाने का काम करती है। ऐसे ही स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा भी उन लोगों में ज्यादा देखा जाता है जो लोग अक्सर एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी से दूर रहते हैं। इससे आपके शरीर की हड्डियां और मांसपेशियों पूरी तरह से जमने लगती है और एक समय पर आपको परेशान करने का काम करती है। 

कैसे करें बचाव 

1. एक्सरसाइज

स्पॉन्डिलाइटिस के खतरे को हमेशा दूर रखने के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है कि आप नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। इससे आप अपने पूरे शरीर को अच्छी तरह से फिट रख सकते हैं साथ ही कई गंभीर समस्याओं को दूर रख सकते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि जिन लोगों को एक्सरसाइज नहीं करनी होती उन लोगों को रोजाना करीब 30 मिनट तक पैदल चलना या फिर शारीरिक गतिविधियों में शामिल रहना चाहिए इससे भी आप काफी हद तक खुद को फिट रख सकते हैं। 

2. वजन को नियंत्रित रखें

बढ़ता वजन आपके लिए कई तरह की बीमारियों को पैदा करने का काम करता है जिसके कारण आप एक समय पर कई गंभीर स्थितियों का सामना कर सकते हैं। स्पॉन्डिलाइटिस से बचाव के लिए भी जरूरी है कि आप अपने वजन को नियंत्रण में रखें और खुद को फिट रखने की कोशिश करें। 

3. धूम्रपान कम करें

एक्सपर्ट राखी मेहरा का कहना है कि कई लोगों के लिए स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा तब भी बढ़ सकता है जब वो बहुत ज्यादा धूम्रपान कर रहे होते हैं। इसके कारण वो स्पॉन्डिलाइटिस के साथ कई अन्य गंभीर बीमारियों को भी न्योता दे रहे होते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि धूम्रपान इस तरह की बीमारियों को तेजी से ट्रिगर करने का काम करती है जल्द ही इस स्थिति के लक्षण दिखा सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप धूम्रपान को कम करें। 

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4. हेल्दी डाइट

कई मामलों में ये भी देखा गया है कि आपको स्पॉन्डिलाइटिस या रीढ़ का दर्द तब भी हो सकता है जब आप पर्याप्त डाइट का सेवन नहीं कर रहे हों। जबकि आपको हमेशा ऐसी डाइट का सेवन करना चाहिए जो आपको पर्याप्त मात्रा में पोषण देने के साथ आपको लंबे समय तक फिट रखने का काम करें। पोषण से भरपूर डाइट आपको स्पॉन्डिलाइटिस के अलावा कई दूसरी गंभीर बीमारियों से बचाव में मददगार है। आप अपनी डाइट में सभी हरी सब्जियां, फल और दालों को जरूर शामिल करें। इसमें भारी मात्रा में आपको फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियल और पोटैशियम जैसे खास तत्व मिलते हैं। जिसकी मदद से आप अपने पूर्ण स्वास्थ्य को आसानी से दूर रख सकते हैं। 

एक्सपर्ट राखी मेहरा का कहना है कि जिन लोगों को स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण लंबे समय से दिख रहे हैं उन लोगों को कभी भी इसको नजरअंदाज करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर संबंधित जांचें करवानी चाहिए जिससे आप किसी भी गंभीर स्थिति से खुद को बचाकर रख सकें। 

(इस लेख में दी गई जानकारी डॉ. राखी आयुर्विज्ञान, सफ़दरजंग एंक्लेव , नई दिल्ली की डॉक्टर राखी मेहरा से बातचीत पर आधारित है)।

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