ज्यादा सोचने की आदत बना सकती है मानसिक रोगी, 'ओवरथिंकिंग' से आपको बचाएंगी ये 5 टिप्स

मन एक विचित्र अंग है, जो बिना सोचे समझें चलने लगे तो इस पर रोक लगाना मुश्किल हो जाता है।  ऐसे में आपको अपनी ओवरथिंकिंग पर रोक लगाने की जरूरत है। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Dec 24, 2019
ज्यादा सोचने की आदत बना सकती है मानसिक रोगी, 'ओवरथिंकिंग' से आपको बचाएंगी ये 5 टिप्स

स्ट्रेस फ्री जीवन जीने के लिए जरूरी है कि आप अपने दिमाग को ज्यादा से ज्यादा फ्री रखें। अवसाद या किसी भी मानसिक बीमारियों की शुरुआत ज्यादातर लोगों की सोच से होती है। ऐसे लोगों का अपने मन और सोच पर कंट्रोल नहीं होता है। वहीं शरीर मस्तिष्क के निर्देशों पर प्रतिक्रिया करता है, यही वजह है कि मानसिक स्वास्थ्य को इतना महत्वपूर्ण माना जाता है। ओवरथिंकिंग एक ऐसी आदत है जो, मानसिक थकावट के अलावा आपके शारीरिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे चिंता, तनाव और शारीरिक गतिविधियों पर भी बहुत असर होता है। चूंकि मन अक्सर आपके नियंत्रण से बाहर होता है, इसलिए जरूरी है कि आप अपने सोच पर कंट्रोल करें। ऐसे में कुछ चीजें हैं, जिनका आपका को ख्याल रखना है। ये चीजें आपके दिमाग को राहत देने की कोशिश कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि आप अपने ओवरथिंकिंग करने की आदत पर कैसे कंट्रोल पा सकते हैं।

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तुरंत में विचलित न हों

बहुत से लोगों को आपने देखा होगा कि वे तुरंत में घबरा जाते हैं। छोटी सी घटना पर भी उनकी प्रतिक्रिया बहुत ज्यादा रिएक्टीव होती है। ऐसे लोगों को ये किसी भी मामले पर ओवरथिंकिंग  करने के कारण होता है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने सोच पर एक विराम लगाएं और गहरी सांस लें। कुछ भी हो, अपने दिमाग को किसी बात पर भी गहराई से हर चीज के बारे में सोचने से रोकें।  ऐसे में घर से बाहर निकलें या तुरंत किसी और काम में अपना दिमाग लगा दें। साइकिल चलाने या बाहर यूं ही  टहलने निकल जाएं। कुछ नई चीजों को सीखें और जब भी ऐसा हो उन्हीं चीजों को करें। इस तरह ये आपके दिमाग की मांसपेशियों को रीलेक्स करने में मदद करेगा।

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सांस लें और ध्यान लगाएं

जब आपको लगे कि आप अपने जीवन पर नियंत्रण खो रहे हैं, तो आप अपनी इस सोच से पीछे हटें और एक गहरी सांस लें। यह जान लें कि आपके नियंत्रण में कुछ नहीं हैं और आपको बस इतना करना है कि आप अपने मन को शांत कर लें। ऐसा करने में ध्यान और योग आपकी मदद कर सकते हैं। साथ ही  अपने आप के लिए एक शांत जगह खोजें और वहां शांति से जाकर बैठें। अगर आप योग और एक्सरसाइज को दैनिक रूप से करें, तो यह आपके मस्तिष्क की अव्यवस्था को साफ कर सकता है।जब आपको लगता है कि आप नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं, तो किसी और के लिए कुछ अच्छा करें ताकि आप जीवन का एक नया दृष्टिकोण प्राप्त कर सकें और वापस पटरी पर आ सकें। जब आप किसी और का दिन उज्जवल बनाते हैं, तो यह आपको एक अजीब शक्ति देता है। आपको एहसास होता है सब ठीक है और ज्यादा चिंता वाली तो कोई बात ही नहीं है।

अपनी सफलताओं के बारे में सोचें

अपनी उपलब्धियों के बारे में सोचना मुश्किल है जब आपका मन नकारात्मकता से भरा होता है, लेकिन प्रयास करें। आप जब चिंता में होते हैं या स्ट्रेस में होते हैं तो आपको अपनी कमजोरियां ही नजर आएंगी। आपको लग सकता है कि दुनिया ने आपके साथ ये किया वो किया और आप इस तरह खुद को और दुखी कर सकते हैं। ऐसे में एक पल के लिए सोचें  कि आपने अपने जीवन में क्या हासिल किया है।  वे मामूली उपलब्धियां हो सकती हैं, लेकिन आपके पास शायद एक भूमिका थी। आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि आप इस समय जो भी आपके मन को भटका रहे हैं, उससे अधिक आप मजबूत और सक्षम हैं।

खुद को माफ करें और गलतियों को भूलें

अगर आप अपनी पिछली गलतियों को याद करते रहेंगे तो आप कभी चैन से जी नहीं पाएंगे। आप खुद को लगातार परेशान करेंगे। ऐसे में चीजों को जाने देना और भूल जाना सीखें। सभी चीजों को आसान बनाकर देखें और गलतियां भूल जाएं। अगर आप अपने दिमाग से खेलते रहेंगे और उन परिदृश्यों को दोहराते रहते हैं जिनका कोई मतलब नहीं है, तो इसका असर आपके  मानसिक स्वास्थ्य पर होगा। ऐसे में कोशिश करें कि पूरानी बातों को भूल जाएं और आगे को लेकर अच्छा सोचें।

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अकेले न रहे और दोस्तों से बात करें

खुद को अकेले छोड़ना ओवरथिंकिंग को ट्रिगर करता है। ऐसे में खुद को अकेले मत छोड़िए। आपको जब भी लगे कि आप ज्यादा सोच रहे हैं, तो उस अकेली जगह को छोड़े और दोस्तों के बीच चलें जाएं। अपने परिवार और दोस्तों के पास जाएं और अपने मन की बात या जो भी परेशानी हो उनसे कह लें। इस तरह आपका मन भी हल्का हो जाएगा और आप खुद को फ्रेश और अच्छा महसूस करेंगे।

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