खुशखबरी: आपके आस-पास कोरोनावायरस है या नहीं पता लगाएगा ये ऐप, जानें किस देश ने बनाया और कैसे करता है काम

चीन सरकार ने एक कंपनी के साथ मिलकर एक ऐसा ऐप बनाया है, जो कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति की पहचान कर सकता है।

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Feb 18, 2020Updated at: Feb 18, 2020
खुशखबरी: आपके आस-पास कोरोनावायरस है या नहीं पता लगाएगा ये ऐप, जानें किस देश ने बनाया और कैसे करता है काम

चीन समेत दुनियाभर में दहशत का पर्याय बन चुके कोरोनावायरस (coronavirus) जिसे वैज्ञानिक COVID-19 के नाम से बुला रहे हैं हजारों जिंदगियों को लील चुका है। इंसानों से इंसानों में संचरित होने वाले इस वायरस का कोई तोड़ नहीं है और न ही अब तक इसका कोई इलाज सामने आया है। लेकिन हाल ही में चीन ने कोरोनावायरस  (coronavirus)से निपटने के मकसद से एक नया ऐप लॉन्च किया है, जिसे 'क्लोज कॉन्टेक्ट डिटेक्टर' (close contact detector) नाम दिया गया है। ये ऐप यूजर को सूचित करता है कि वे संक्रमित व्यक्ति के आसपास हैं या उसके आस-पास संक्रमित व्यक्ति होने का संदेह है। इसके अलावा यूजर इस बात का भी पता लगा सकता है कि उसे कोरोनावायरस का खतरा है या नहीं।

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चीन की सरकार ने चाइना इलेक्ट्रोनिक टेक्नोलॉजी ग्रुप कार्पोरेशन और नेशनल हेल्थ कमीशन के साथ मिलकर इस क्लोज कॉन्टेक्ट डिटेक्टर' (close contact detector)को बनाया है, जो यूजर को बताता है कि उसके आस-पास कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति है। ये ऐप कोरोनावायरस (coronavirus) से संक्रमित व्यक्ति की पुष्टि और उसके संदिग्ध होने के बारे में भी बताता है। चीन के स्वास्थ्य एवं परिवहन विभाग ने इस ऐप का समर्थन किया है।

कैसे करता है काम

8 फरवरी को लॉन्च किए गए इस ऐप पर जानकारी के लिए यूजर को केवल अपने स्मार्टफ़ोन पर अलीप्ले, वीचैट या फिर  QQ पर एक QR कोड को स्कैन करना होगा। जिसके बाद यूजर को सबसे पहले अपना फोन नंबर लिंक करने की आवश्यकता होगी, जिसके बाद वे अपनी सरकारी आईडी और नाम डालते हैं, जिसके बाद एप्लिकेशन का उपयोग तीन आईडी नंबर तक की स्थिति की जांच करने के लिए किया जा सकता है।

कौन-कौन शामिल

'क्लोज कॉन्टेक्ट' में साथ में काम करने वाले लोग, कक्षाओं में बैठने वाले बच्चे, एक ही घर में रहने वाले लोगों के साथ-साथ मरीजों के साथ काम कर रहे मेडिकल प्रोफेशनल्स शामिल हैं।

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प्राइवेसी को लेकर उठे सवाल

ऐप के काम करने के तरीके के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है लेकिन आईडी नंबर की जरूरत ने लोगों की निजता से संबंधित कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि चीन की सरकार अपने नागरिकों पर उच्च स्तरीय निगरानी रखने के लिए जानी जाती है।

लोगों को घरों में रहने की सलाह

कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों को घरों में रहने और सार्वजनिक जगहों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। लोगों को संक्रमण से बचने के लिए हाथ धोने और मास्क पहनने जैसे एहतियाती उपाय अपनाने के साथ किसी भी प्रकार का लक्षण दिखाई देने पर सीधे डॉक्टर से मिलने की सलाह दी गई है।

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क्या है कोरोनावायरस

कोरोनोवायरस,  वायरस परिवार का एक हिस्सा है, जिसके कारण कोमन कोल्ड से लेकर कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। कोरोनावायरस जूनोटिक है, जिसका मतलब ये है कि ये जानवरों के संपर्क में आने से फैलता है। कोरोनावायरस की दो गंभीर स्थितियां हैं पहली मिडल-ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम और सीवर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम। चीन में कोरोनावायरस की स्थिति बिगड़ती जा रही है देश में 1750 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 70 हजार से ज्यादा लोग इसकी चपेट में है। चीन ने अस्पतालों, हवाईअड्डों और कई जगहों पर इस वायरस की पहचान के लिए उपकरण लगाए हैं। वहीं डब्लूएचओ ने भी इस स्थिति से निपटने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालांकि हालात पर काबू पाता हुआ नजर नहीं आ रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस वायरस के विश्व में फैलने की संभावना को कम करने के लिए इसका निदान बहुत ही ज्यादा जरूरी है।

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