शरीर की अंदरूनी सूजन दूर करने के लिए आजमाएं ये 10 जड़ी-बूटियां और मसाले

शरीर में सूजन को करने के लिए दर्द निवारक दवाओं की जगह आप इन जड़ी बूटियों और मसालों की मदद लें तो, ये बिना नुकसान के आपको फायदा देंगे।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Aug 24, 2021Updated at: Aug 24, 2021
शरीर की अंदरूनी सूजन दूर करने के लिए आजमाएं ये 10 जड़ी-बूटियां और मसाले

शरीर में सूजन होना आम बात है। ज्यादातर लोगों में ये एडिमा के कारण होता है जिसमें कि शरीर में तरह पदार्थ ज्यादा जमा होने से सूजन आ जाती है। इसके अलावा चोट लगने और गठिया आदि की बीमारी में भी शरीर में सूजन की शिकायत हो जाती है। पर अगर आपका ये सूजन हल्का है और इसके पीछे गंभीर कारण नहीं हैं तो, आपको हर बार दर्द निवारक दवाइयां नहीं लेनी चाहिए। इनकी जगह आप कुछ दर्द निवारक जड़ी बूटियों और मसाले की मदद ले सकते हैं जो कि आपकी रसोई में ही मौजूद हैं। इन्हीं दर्द निवारक जड़ी-बूटियां और मसालों के बारे में विस्तार से बात करने और इनके इस्तेमाल को जानने के लिए हमने डॉ. संजय शास्त्री  से बात की जो कि एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं और लखनऊ आयुर्वेदा क्लीनिक में कार्यरत हैं।  

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अंदरूनी सूजन दूर करने वाले जड़ी-बूटियां और मसाले-Anti inflammatory herbs and spices

1. हल्दी

हल्दी का उपयोग आमतौर पर भारतीय व्यंजनों में और एक रंगीन मसाले के रूप किया जाता है, जो कि खाने में रंग भरने का काम करता है। डॉ. संजय शास्त्री की मानें, तो हल्की का यही पीला रंग ही आयुर्वेदिक गुणों की भरमार है। दरअसल, ये पीला रंग करक्यूमिन (curcumin) के कारण होता है जो कि शरीर के लिए एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है।  करक्यूमिन ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है और इसका एंटी इंफ्लेमेरी गुण सूजन को कम करने में मदद करता है। करक्यूमिन  गठिया और मांसपेशियों में दर्द व प्रबंधन में भी मदद करता है। इसके अलावा हल्दी के इस्तेमाल सें आप मौसमी संक्रमणों से लड़ सकते हैं। इसनमनें थ्रोम्बोक्सेन, प्रोस्टाग्लैंडीन, नाइट्रिक ऑक्साइड, कोलेजनेज़, इलास्टेज और अन्य एंटी इंफ्लेमेटरी एंजेट होते हैं जो कि सूजन को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं।

2. काली मिर्च

काली मिर्च आपके खाने को चटपटा बनाने में मदद करता है। पर इसका खास गुण यही है कि से सूजन को कम करता है।  काली मिर्च में पिपेरिन होता है जो कि आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। कुछ शोध में पाया गया है कि काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और गैस्ट्रो-प्रोटेक्टिव प्रभाव होते हैं। साथ ही इसका पिपेरिक एसिड सूजन को रोकता है और दर्द और गठिया जैसी अन्य बीमारियों के लक्षणों से राहत दिलाता है। 

3. अजवाइन

अजवाइन खाने के फायदे की बात करें तो, ज्यादातर लोग इसे पेट की सूजन को कम करने और वजन घटाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। अजवाइन में थाइमोल होता है जो कि एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। इसलिए चाहे दांत का दर्द हो या जोड़ों का दर्द अजवाइन का सेवन इन सभी स्थितियों में मददगार है। थाइमोल मुंह में बैक्टीरिया और फंगस से लड़कर आपके ओरल हेल्थ को भी बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है। अजवायन दर्द और सूजन को शांत करने में भी उतना ही मददगार है।

4. दालचीनी

दालचीनी में सिनामाल्डिहाइड और सिनेमिक एसिड होता है, दोनों में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो फ्री रेडिकल्स से होने वाले सेल डैमेज को रोकने में मदद करते हैं। इसका एंटी इंफ्लेमेटरी गुण अपच, सरदर्द और मिरगी की परेशानी को भी कम करने में मदद करता है। एनाल्जेसिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीमाइक्रोबियल और एंटीस्पास्मोडिक होते हैं, जो कि सूजन को भी कम करने में मदद करता है। 

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5. लौंग

लौंग एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है जो कि इम्यूनिटी बूस्ट करने में भी मदद करता है। साथ ही इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण है जो मुक्त कणों के कारण होने वाले सूजन को रोकता है। लौंग में कुछ एंटीऑक्सीडेंट होता है जो कि लौंग अस्थमा और इन जैसे बीमारियों में मदद करता है। इसमें यूजेनॉल होता है जो कि सूजन को तेजी से कम करने में मदद कर सकता है। 

6. लहसुन

लहसुन एंटी इंफ्लेमेटरी है जो कि दर्द कम करने में मदद करता है। साथ ही इसमें डायलील डाइसल्फाइड होता है जो कि प्रो-इंफ्लेमेटरी साइटोकिन्स के प्रभाव को कम करता है। ये लिवर के सूजन को करने में भी मदद करता है। लहसुन में सल्फर यौगिक होते हैं, जो कि शरीर को कई बीमारियों से बचाते हैं। 

7. अदरक

अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कि दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इनमें सर्दी, माइग्रेन, मतली, गठिया और उच्च रक्तचाप को भी कम करने की क्षमता होती है। अदरक में 100 से अधिक सक्रिय यौगिक होते हैं, जैसे कि जिंजरोल, शोगोल, जिंजिबरीन और जिंजरोन। ये सभी शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। 

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8. अश्वगंधा

अश्वगंधा के फायदे अद्भुत गुणों वाली एक पुरानी जड़ी बूटी है।अश्वगंधा शरीर, दिमाग का पुनर्निर्माण करता है और गठिया को कम करने में मदद करता है। अश्वगंधा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कि सूजन को कम करने, संक्रमण से बचाने और तनाव को कम करने में मदद करते है। साथ ही ये पुरानी बीमारियों जैसे कि हृदय रोग, डायबिटीज, गठिया और पेट से जुड़ी बीमारियों से सी बचाने में मदद करता है। रोजाना अश्वगंधा का सेवन करने से ये  सी-रिएक्टिव प्रोटीन के स्तर को 30% तक कम कर सकता है, जो सूजन का एक मार्कर है। अश्वगंधा इस तरह संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकता है। 

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9. तेज पत्ता

तेज पत्ते के फायदे की बात करें तो, ये  सबसे महत्वपूर्ण लाभों में से एक इसकी पूरे शरीर में सूजन को कम करने की क्षमता है। तेज पत्ते में एक अद्वितीय फाइटोन्यूट्रिएंट होता है, जिसे पार्थेनोलाइड कहा जाता है, जो सूजन और जलन को जल्दी से कम कर सकता है। इसी वजह से कुछ लोग इसके पत्ते को गर्दन के दर्द में या गठिया से प्रभावित क्षेत्रों में दर्द कम करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। तेज पत्ते विटामिन ए, विटामिन सी, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम का एक समृद्ध है जो कि माइग्रेन के उपचार में मदद करता है। तेज पत्ते में कुछ एंजाइम भी होते हैं जो प्रोटीन को तोड़ने और भोजन को तेजी से पचाने में मदद करते हैं, जिससे पेट में सूजन को कम किया जा सकता है।  

10. पुदीना

पुदीने के पौधों में एक एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट होता है जिसे 'रोसमारिनिक एसिड' कहा जाता है। इसके इस्तेमाल से लोगों में सिर दर्द, माइग्रेन का दर्द और पीरिएड्स के दर्द में भी आराम मिल जाता है। साथ ही रेगुलर इसका सेवन करना आपको कई अन्य बीमारियों से बचा सकता है।  

इस तरह इन 10 जड़ी-बूटियां और मसालों के इस्तेमाल से आप घर में रहते हुए ही शरीर के अंदरूनी और बाहरी सूजन दोनों को ही कम कर सकते हैं। तो, अपनी डाइट और रोजमर्जा की जिंदगी में इन चीजों को शामिल करें और हेल्दी रहें। 

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