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दादी-नानी के जमाने में इम्‍यून‍िटी बढ़ाने के ल‍िए खाई जाती थीं ये 5 चीजें, एक्‍सपर्ट से जानें फायदे

Immunity Boosting Foods: इम्‍यून‍िटी बढ़ाने के ल‍िए दादी-नानी कई चीजों का सेवन करने की सलाह देती थीं। ऐसे ही कुछ आहारों को खाने के फायदे जानेंगे।

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Nov 10, 2022 10:45 IST
दादी-नानी के जमाने में इम्‍यून‍िटी बढ़ाने के ल‍िए खाई जाती थीं ये 5 चीजें, एक्‍सपर्ट से जानें फायदे

Immunity Boosting Foods: इम्‍यून‍िटी बढ़ाने के ल‍िए खाई जाने वाली चीजों का महत्‍व कोव‍िड के बाद बढ़ गया है। हर कोई अब रोग प्रत‍िरोधक क्षमता को मजबूत करने की जरूरत को समझ रहा है। लेक‍िन पुराने जमाने में घर के बड़े, छोटों को इम्‍यून‍िटी बढ़ाने की नसीहत द‍िया करते थे। उनके मुताब‍िक डाइट में कुछ खास चीजों को शाम‍िल करने से इम्‍यून‍िटी बढ़ सकती है। भारतीय खाने में 6 मुख्‍य स्‍वाद होते हैं- कसैला, कड़वा, नमकीन, मीठा, खट्टा और मसालेदार। इन स्‍वाद के आधार पर डाइट में मसाले, सब्‍ज‍ियां, आटा आद‍ि शाम‍िल क‍िया जाता है। इसी आधार पर हम आपको 5 ऐसे आहार बताने जा रहे हैं, ज‍िनका सेवन पुराने समय से लेकर आज तक क‍िया जाता है और ये हमारी सेहत को बेहतर करने में मदद करते हैं। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Holi Family Hospital, Delhi की डायटीश‍ियन Sanah Gill से बात की।  

पुराने जमाने में खाने को पूजनीय माना जाता था। वेदों में भी खाने को प्राण यानी ऊर्जा का स्रोत बताया गया है। दादी-नानी के समय में खाने की सही मात्रा और खाने के ल‍िए सही चीजों पर जोर था। जानते हैं शरीर की रोग प्रति‍रोधक क्षमता बढ़ाने वाले 7 आहार-  

1. गुड़ खाकर बढ़ा सकते हैं इम्‍यून‍िटी 

gud khane ke fayde

पुराने जमाने में शाद‍ियों में म‍ि‍ठाइयों की जगह गुड़ बांटा जाता था। हर अच्‍छे मौके पर गुड़ बांटना शुभ भी मानते थे। सेहत की बात करें, तो शरीर की रोग प्रत‍िरोधक क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा का संचार करने के ल‍िए गुड़ का सेवन करना चाह‍िए। गुड़ में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। त्‍वचा रोग दूर करने के ल‍िए ये फायदेमंद माना जाता है। हर द‍िन 10 ग्राम से ज्‍यादा गुड़ का सेवन नहीं करना चाह‍िए। गुड़ की सीम‍ित मात्रा का ही सेवन करें। इसके ज्‍यादा सेवन से मोटापा, टाइप 2 डायब‍िटीज का खतरा बढ़ सकता है। ओरल हेल्‍थ के ल‍िए गुड़ का ज्‍यादा सेवन नुकसानदायक बन सकता है। गुड़ वाली चाय पी सकते हैं, गुड़ और चना खा सकते हैं या गुड़ का पाउडर बनाकर सेहतमंद ड‍िशेज तैयार कर सकते हैं।  

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2. केसर का सेवन करना न भूलें 

पुराने जमाने में केसर का सेवन करने पर जोर था। दादी-नानी केसर खाने पर जोर देती थीं। इसका कारण है इसमें मौजूद गुण। केसर में फाइबर, व‍िटाम‍िन सी, पोटैश‍ियम, आयरन और प्रोटीन आद‍ि पोषत तत्‍व पाए जाते हैं। केसर को सबसे महंगी जड़ी-बूटी माना जाता है। पुराने समय में केसर वाला दूध पीने के अनेक लाभ ग‍िनाए जाते थे। केसर का सेवन करने से शरीर की रोग प्रत‍िरोधक क्षमता बढ़ती है। मान‍स‍िक स्‍वास्‍थ्‍य के ल‍िए भी केसर फायदेमंद माना जाता है। त्‍वचा में न‍िखार के ल‍िए केसर का इस्‍तेमाल और सेवन करने की सलाह दी जाती है।  

3. पान का पत्ता  

paan ka patta

आज के समय में मुखवास के नाम पर लोग मसाले में ल‍िपटी खट्टी-मीठी गोलि‍यां खा लेते हैं या मीठी सौंफ खाते हैं ज‍िससे सेहत को क‍िसी भी तरह के फायदे नहीं म‍िलते। लेक‍िन पुराने समय में मुखवास का सेवन, शरीर के ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में फायदेमंद माना जाता था। मुखवास के तौर पर आप कई तरह के नट्स, बेरीज का सेवन कर सकते हैं। इससे आपके शरीर को जरूरी व‍िटाम‍िन्‍स और म‍िनरल्‍स म‍िलेंगे। इसके अलावा खाने के बाद मुखवास में केवल पान का एक पत्ता भी खा सकते हैं। इसमें व‍िटाम‍िन सी, पोटैश‍ियम, फाइबर, व‍िटाम‍िन बी6 और कइ फाइटोन्‍यूट्र‍िएंट्स मौजूद होते हैं। 

4. इम्‍यून‍िटी बढ़ानी है तो ऐसे प‍िएं दूध  

पुराने जमाने में दूध का सेवन शरीर की कई समस्‍याओं को दूर करने के ल‍िए फायदेमंद माना जाता था। रात को दूध पीने से शरीर में मेलाटोन‍िन की मात्रा बढ़ती है ज‍िससे आपको अच्‍छी नींद आएगी। आयुर्वेद‍िक तरीके से दूध का सेवन करेंगे, तो शरीर की इम्‍यून‍िटी भी बढ़ेगी और रक्‍त प्रवाह भी बेहतर होगा। पुराने जमाने की बात करें, तो दूध में औषधीय हर्ब्स जैसे हल्‍दी, मुलेठी और अश्वगंधा आद‍ि डालकर पीना फायदेमंद माना जाता था।      

5. तांबे के बर्तन का पानी  

पुराने समय में तांबे के लोटे में जल भरकर उसे सुबह प‍िया जाता था। पुराने समय में इम्‍यून‍िटी के ल‍िए इसे अच्‍छा मानते थे। आपको बता दें क‍ि इस पानी में एंटीमाइक्रोब‍ियल, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्‍सीडेंट्स मौजूद होते हैं। अर्थराइट‍िस, त्‍वचा रोग और अन्‍य समस्‍याओं को दूर करने के ल‍िए तांबे के बर्तन का पानी पीना फायदेमंद माना जाता है। लेक‍िन तांबे की तासीर गरम होती है। एस‍िड‍िटी की समस्‍या होने पर इसका सेवन न करें। क‍िडनी या हार्ट के मरीजों को भी डॉक्‍टर की सलाह पर ही तांबे के बर्तन का पानी पीना चाह‍िए। तांबे के बर्तन में खट्टी चीजें या दूध या पानी के अलावा क‍िसी अन्‍य चीज का सेवन नहीं करना चाह‍िए।   

दादी-नानी के जमाने से नीचे बैठकर या सुखासन की मुद्रा में बैठकर खाना फायदेमंद माना जाता है। ऐसा कहते हैं क‍ि सुखासन की मुद्रा में बैठकर खाने से पाचन तंत्र अच्‍छा रहता है, रक्‍त प्रवाह बेहतर होता है और पेट की मसल्‍स स्‍वस्‍थ्‍य रह सकती हैं। ऊतर बताई चीजों को आजमांकर आप भी अपनी इम्‍यून‍िटी बढ़ा सकते हैं।

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