सोते समय बेचैनी और सांस लेने में तकलीफ इन 8 रोगों का हो सकता है संकेत, जानें इस समस्या का क्या है इलाज?

अगर किसी को रात में सोते समय बेचैनी महसूस होती है या सांस फूलने के कारण नींद खुल जाती है, तो इसका कारण ये 8 बीमारियां हो सकती हैं, जानें इलाज।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: May 21, 2020
सोते समय बेचैनी और सांस लेने में तकलीफ इन 8 रोगों का हो सकता है संकेत, जानें इस समस्या का क्या है इलाज?

कुछ लोग सोते समय बहुत ज्यादा बेचैनी महसूस करते हैं और उन्हें रात के समय सांस लेने में तकलीफ होती है। सांस लेने की तकलीफ को मेडिकल की भाषा में डिस्पनिया (Dyspnea) कहते हैं। ये एक ऐसी गंभीर समस्या है, जो कई बार जानलेवा भी हो सकती है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को रात में सांस लेने की तकलीफ जैसी समस्या महसूस होती है, तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। वैसे तो सोते समय सांस की तकलीफ के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर इसका कारण हार्ट या फेफड़ों की कोई समस्या होती है। इसलिए इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

shortness of breathe

ऐसा हो, तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास

अगर आपको पहले कभी ये समस्या नहीं हुई है और न ही ऐसा कोई रोग है, जिसके कारण आपको सांस में तकलीफ हो, तो आपको पहली बार इसके लक्षण दिखते ही सावधान हो जाना चाहिए। अगर सोते हुए या लेटने के थोड़ी देर के बाद सांस में तकलीफ की समस्या अचानक शुरू हुई है, या फिर सांस लेना लगातार कठिन होता जा रहा है, तो आपको बिना देरी किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए, क्योंकि ये किसी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति हो सकती है।

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इन बीमारियों का संकेत हो सकती है सोते समय सांस की तकलीफ

अस्थमा- अस्थमा एक ऐसा रोग है, जिसमें फेफड़ों में सूजन आ जाती है, इसलिए सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

पल्मोनरी एम्बोलिज्म- पल्मोनरी एम्बोलिज्म भी फेफड़ों से संबंधित एक गंभीर बीमारी है, जिसमें फेफड़ों में खून का थक्का जम जाता है, जिसके कारण सीने में दर्द, खांसी और सूजन की समस्या होती है और सांस लेने में तकलीफ होती है।

सीओपीडी (COPD)- सीओपीडी श्वसननली की समस्या है। इस बीमारी में व्यक्ति की श्वसननली में सूजन आ जाती है, जिसके कारण वो सांस ठीक से नहीं ले पाता है। इसका खतरा सिगरेट पीने वालों को ज्यादा होता है।

निमोनिया- निमोनिया एक वायरल बीमारी है, जिसमें बुखार जैसे लक्षणों के साथ-साथ सीने में दर्द, खांसी और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। आमतौर पर अगर सांस की तकलीफ के साथ बुखार भी है, तो इसका कारण कोई वायरल बीमारी ही हो सकती है।

हार्ट फेल्योर- कई बार जब व्यक्ति का हृदय पर्याप्त मात्रा में खून को पंप नहीं कर पाता है, तो भी उसे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। ये एक मेडिकल इमरजेंसी स्थिति है और देरी करने पर व्यक्ति को हार्ट फेल्योर हो सकता है, जिसके कारण उसकी जान जा सकती है।

एलर्जी- कई बार कुछ तरह की एलर्जी के कारण भी सांस की तकलीफ हो सकती है। अगर आप प्रदूषण वाले इलाके में रहते हैं या फिर आपको एलर्जी की समस्या जल्दी होती है, तो अपना ख्याल रखें और ऐसी स्थितियों के लिए डॉक्टर से पहले ही सलाह ले लें।

स्लीप एप्निया- स्लीप एप्निया नींद से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें सोते समय व्यक्ति की श्वसननली में संकुचन आ जाता है, जिसके कारण उसके शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। अगर आप अचानक सोते हुए उठकर गहरी सांसें लेने लगते हैं, तो इसका संकेत स्लीप एप्निया हो सकता है।

पैनिक अटैक- कई बार बहुत अधिक तनाव के कारण व्यक्ति को पैनिक अटैक हो सकता है, जिसके कारण उसे सांस लेने में तकलीफ की समस्या हो सकती है।

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breathing problems

सोते समय सांस की परेशानी का क्या है इलाज?

अगर आपको सोते समय सांस की तकलीफ होती है और जागने के थोड़ी देर बाद ये ठीक हो जाती है, तो घबराने की बात नहीं है। क्योंकि संभव है कि तनाव के कारण या गलत पोश्चर में सोने के कारण ऐसा हो गया हो। लेकिन अगर उठने के बाद भी आपको तकलीफ महसूस हो रही है और समय के साथ बढ़ती जा रही है, तो ऐसी स्थिति में आपको बिना देरी किए डॉक्टर को संपर्क करना चाहिए।

अगर आपको पहले ऐसी कोई समस्या हो चुकी है, तो पूरी जांच कराकर डॉक्टर से इसका कारण जानने की कोशिश करें, ताकि अगली बार आपको ये समस्या न हो। ध्यान दें ऊपर बताई गई स्थितियों में से कुछ समस्याएं ऐसी हैं, जिनमें थोड़ी सी भी देरी मरीज की जान ले सकती है।

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