गंटूर के एक छोटे से इलाके में रहने वाली 74 साल की एरामती मंगयाम्मा (Erramatti Mangamma) ने जुड़वा बच्‍चों को जन्‍म दिया है। इसके लिए डॉक्‍टरों ने एक तकनीक का इस्‍तेमाल किया था।

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IVF के जरिए 74 साल की महिला ने दिया जुड़वा बच्‍चे को जन्‍म, जानें क्‍या है ये तकनीक

गंटूर के एक छोटे से इलाके में रहने वाली 74 साल की एरामती मंगयाम्मा (Erramatti Mangamma) ने जुड़वा बच्‍चों को जन्‍म दिया है। इसके लिए डॉक्‍टरों ने एक तकनीक का इस्‍तेमाल

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Sep 05, 2019Updated at: Sep 06, 2019
IVF के जरिए 74 साल की महिला ने दिया जुड़वा बच्‍चे को जन्‍म, जानें क्‍या है ये तकनीक

आपने 'बधाई हो' फिल्‍म तो जरूर देखी होगी? इस फिल्‍म में एक्‍ट्रेस नीना गुप्‍ता ने अधेड़ उम्र में बच्‍चे को जन्‍म देने वाली एक महिला का किरदार निभाया था। फिल्‍म काफी रोमांचक थी। इस‍ फिल्‍म में गिरिराज राव और आयुष्‍मान खुराना जैसे बड़े कलाकार भी प्रमुख भूमिका में थे। इस फिल्‍म की कहानी लीक से हटकर थी। 

मगर आंध्रप्रदेश के गुंटूर शहर में सच्‍ची घटना देखने और सुनने को मिली है। यहां एक 74 साल की महिला ने जुड़वा बच्‍चों को जन्‍म दिया है। ये खबर सुनकर हर कोई हैरान है, लोगों का मानना है कि इस प्रकार की घटना पहली बार सुनने को मिल रही है। वहीं, दूसरी तरफ बुजुर्ग दंपत्ति को संतान सुख मिलने की खुशी है। महिला ने दो बेटियों को जन्‍म दिया है।

74 साल की उम्र महिला ने कैसे दिया शिशुओं को जन्‍म? 

दरअसल, गंटूर के एक छोटे से इलाके में रहने वाले राजाराव की शादी एरामती मंगयाम्मा (Erramatti Mangamma) के साथ 1962 में हुई थी। इतने साल बीत जाने के बाद भी उन्‍हें बच्‍चा नहीं हुआ। उन्‍होंने कई डॉक्‍टरों से सलाह ली, मगर इस बुजुर्ग दंपत्ति की ख्‍व‍ाहिश पूरी नहीं हो सकी। लेकिन, पिछले साल जब उनके पड़ोस में रहने वाली एक 55 साल की महिला ने आईवीएफ तकनीक के माध्‍यम से बच्‍चे को जन्‍म दिया तो इनके अंदर भी एक उम्‍मीद की किरण जगने लगी। आई वी एफ के बाद रखें ये सावधानियां

इसके बाद पिछले साल नवंबर 2018 में वे गुंटूर के एक प्राइवेट अस्‍पताल पहुंचे, जहां डॉ. शनाक्‍याला उमाशंकर ने इस केस को बारीकी से समझा और महिला के आईवीएफ तकनीक के अनुकूल होने संभावना दिखी। डॉ. शनाक्‍याला ने  मीडिया को बताया कि 'इस महिला का बीपी, शुगर जैसी बीमारियों का कोई इतिहास नहीं है और जेनेटिक लाइन बहुत अच्छी है। बाकी स्‍पेशलिस्‍ट्स ने भी बारीकी से केस का अध्‍ययन किया, महिला ने मेनोपॉज की अवस्था बहुत पहले प्राप्त कर ली थी, लेकिन आईवीएफ के माध्यम से हम उनके पीरियड्स सिर्फ एक महीने में वापस ले आए।'

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क्‍या है आईवीएफ तकनीक- What Is In Vitro Fertilisation (IVF)

इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) एक कृत्रिम गर्भाधान के तौर पर जाना जाता है। इसमें मानव शरीर से अलग परखनली में अंड कोशिकाओं और शुक्राणुओं का निशेचन कराया जाता है। इस प्रक्रिया में अंडे को निषेचित करने के बाद महिला के गर्भ में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। अगर पुरूष का स्‍पर्म काउंट कम है तो आइवीएफ किया जाता है। इसके अलावा अगर पति या प‍त्‍नी की उम्र ज्‍यादा है या नेचुरल प्रेग्‍नेंसी के चांस कम हैं तो भी आईवीएफ प्रक्रिया से बच्‍चे का जन्‍म कराया जाता है।

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