हॉर्टबर्न की दवा बन सकती है हार्ट अटैक का कारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 16, 2015
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Quick Bites

  • हार्टबर्ऩ की दवा से दिल के दौरे का खतरा ज्यादा ।
  • शरीर मे एसिड रिफ्लक्‍स के कारण होता है हार्टबर्ऩ।
  • पीपीआई के प्रयोग होती है विटामिन बी की कमी।
  • खानपान में सुधार जैसे बचाव ज्यादा मददगार।

हार्टबर्न एक दर्दनाक स्थिति है, इसके लक्षणों में सीने में जकड़न, बेचैनी और दर्द महसूस शामिल है। ताजा वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि हार्टबर्ऩ की दवाइयों का सेवन करने वाले लोगों में से 30 प्रतिशत लोगों को पहली बार दिल के दौरे पड़ने के एक साल के भीतर दूसरी बार दिल के दौरे पड़ने अथवा या अन्य दिल की अन्य बीमारियों के कारण मौत होने का खतरा होता है।

heartburn In Hindi

क्यों होता है हार्टबर्न

हार्टबर्न एसिड रिफ्लक्‍स के कारण होता है, ऐसा तब होता हे जब पेट का एसिड इसोफैगस में चला जाता है। इससे इसोफैगस की अंदरूनी परत नष्ट हो जाती है। हार्टबर्न के मरीज प्रोटोन पंप इनब्हीटर (पीपीआई) का इस्तेमाल करते हैं, उससे भी विटामिन बी का मात्रा में कमी‌ आती है।विटामिन बी 12 को रक्त में घोलने में गैस्ट्रिक एस‌िड की बड़ी भूमिका है और विटामिन बी की कमी के कारण शरीर में ए‌सिड रिफ्लक्स की स्थिति आ सकती है। इसलिए इसकी जगह खानपान में सुधार जैसे बचाव ज्यादा मददगार हो सकते हैं।

 

how to keep your heart healthy

हार्टबर्ऩ की दवा से पड़ सकता है दिल का दौरा

कैलीफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनीवर्सिटी मे हुए एक शोध के अनुसार हार्टबर्ऩ की दवा का सेवन करने वालों में दिल का खतरा पड़ने की संभावना ज्यादा रहती है। शोधकर्ता निल लीपर का कहना है कि इस बात की गणना करना संभव नहीं है कि कितने लोग हार्टबर्ऩ के लिए ज्यादातर प्रयोग मे आने वाली दवाई लैन्सोप्राजोल और ओमेप्राजोल का सेवन कर रहे है। लीपर ने आगे कहा कि इस शोध पर निर्भर होकर दवा का सेवन तुंरत बंद कर देना भी ठीक नहीं है। बेहतर होगा कि ऐसे लोग अपने डॉक्टर से इस बारे मे एक आवश्यक जांच की सलाह लें। इस शोध में पाया गया कि ऐसी दवाइयों का सेवन नहीं करने वाले लोगों की तुलना में इसकी कम खुराक का सेवन करने वाले लोगों के दिल के दौरे के पहले साल के अंत तक किसी भी कारण से मृत्यु होने की 59 प्रतिशत अधिक आशंका पाई गई। जबकि पांच साल के बाद मृत्यु की संभावना 64 प्रतिशत तक हो गई।

ये दवाइयां रक्त का थक्का बनाकर दिल के दौरे या स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाती है। हालांकि अभी भी कई शोध मे कई बातों पर पुष्टि नहीं की गई है।

 

ImageCourtesy@gettyimages

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