इस तरह से सोयेंगी तो नहीं कर पायेंगी गर्भधारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 24, 2015
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Quick Bites

  • कमरे की रोशनी से प्रभावित होती है महिलाओं की प्रजनन क्षमता।
  • लाइट जलाकर ना सोएं गर्भधारण का प्रयास करने वाली महिलाएं।
  • शरीर में मेलाटोनिन के स्त्राव को कम करती है अप्राकृतिक रोशनी ।
  • गर्भधारण करने के लिए ओवुलेशन पीरियड में संबंध बनाना उचित।

क्या आपको टीवी के शोर या मोबाइल की जलती रोशनी में भी नींद आ जाती है। अगर हां तो ये आदत ना सिर्फ आपकी नींद की क्वालिटी को कम करती है बल्कि प्रजनन की क्षमता को कम कर रही है। एक शोध की मानें तो आर्टिफिशियल रोशनी में सोने या संबंध बनाने से प्रजजन की क्षमता पर असर पड़ता है। अगर आपको भी गर्भाधारण करने में समस्या हो रही हो तो अपनी इस आदत को तुरंत ही बदल डालिए।

 

जानें क्या कहती है शोध  

ओसाका यूनीवर्सिटी के यूसीएलए के रिसर्चरों और जापान सांइस और टेक्नॉलजी एजेंसी की एक शोध के अनुसार अधेड़ हो चुकी महिलाओं को गर्भधारण करने के लिए अंधेरे में संबंध बनाने चाहिए। शोधकर्ताओं के अनुसार प्रेग्नेंट होने के लिए संघर्ष कर रही महिलाओं को रात की अच्छी नींद के लिए कुछ सलाह दी है। इनमें रात में वक्त पर खाने शाम होते ही कमरे में रोशनी हल्की करने के लिए कहा गया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि रात के समय बेडरूम में आने वाली कोई भी रोशनी महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डालती है। शोध में पाया गया कि जब भी रात के वक्त रोशनी की जाती है, मेलाटोनिन के स्त्राव में कमी आती है। मेलाटोनिन एक हार्मोन है जिसका स्त्राव अंधेरे में मस्तिष्क की पिनीयल से होता है। यह महिलाओं के गर्भधारण में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में एक दिन से दूसरे दिन के दौरान प्रकाश और अंधेरे का चक्र व्यवस्थित होना चाहिए।


गर्भधारण करने मे सावधानी

गर्भधारण के लिए, जब भी सेक्स करें तो ओवुलेशन पीरियड में ही करें। अपनी ओवुलेशन साइकिल का पता लगायें। इसके लिए आप चिकित्सक से संपर्क भी कर सकते हैं। ओवुलेशन पीरियड को जानने के लिए  घर में एक ओव्‍यूलेशन कैलेंडर रखें।इससे आपको पता चलेगा कि आपका कौन सा दिन कंसीव करने के लिये अच्‍छा रहेगा। ऐसा आपके पीरियड का आखिरी दिन देख कर और औसत चक्र की लंबाई को ध्‍यान में रख कर किया जाता है। प्रजजन की क्षमता को बढ़ाने वाले आहार जैसे ओमेगा 3 फैटी एसिड और डेयरी प्रोडक्‍ट्स आदि का सेवन करें।



आपके साथ साथ आपको आपके पार्टनर का स्‍पर्म काउंट और उसकी गुणवत्‍ता का भी ध्यान रखना पड़ेगा। स्‍ट्रेस लेने से भी प्रजनन समस्‍या पैदा होती है। इसको ठीक करने के लिये योगा और एक्‍सरसाइज कीजिये और थोडा़ सा एक्‍टिव बनिये।

 

Image Source-Getty

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