‘इंट्यूटिव ईटिंग’ से वजन घटाने की प्रक्रिया के बारे में जानें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 22, 2016
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Quick Bites

  • दुनियाभर के ज्यादातर डाइट प्लान असफल हो जाते हैं।
  • इंट्यूटिव ईटिंग शारीरिक और मानसिक संतुष्टि प्रदान करता है।
  • इसमें नियमित कैलोरी की गणना नहीं की जाता है।
  • खाने पर किसी तरह की बंदिश भी नहीं होती है।

डाइट प्लान यानी आहार योजना का सीधा संबंध वजन कम करने को लेकर है। क्योंकि हम डाइटिंग वजन कम करने के लिए ही करते हैं। दुनियाभर में कई तरह के डाइट प्लान प्रचलन में हैं। लेकिन ज्यादातर (लगभग 90 से 95 प्रतिशत) डाइट प्लान असफल हो जाते हैं। इसका प्रमुख कारण है सही तरह से इनका पालन न करना। इसके अलावा, कुछ लोगों को जल्दी परिणाम चाहिए होता है जिसके कारण वे अपने हिसाब से इसमें बदलाव भी करते हैं जिससे डाइट प्लान फेल हो जाता है।


कुछ लोगों को हार्मोन की समस्या होती है और वे किसी तरह के डाइट प्लान के अनुकूल नहीं हो पाते हैं। इनके कारण वजन घटने की बजाय बढ़ने लगता है। इन सबके बीच में है एक डाइट प्लान है जो कि वजन घटाने का बहुत ही फायदेमंद तरीका है, जिसे ‘इंट्यूटिव ईटिंग’कहते हैं। इस लेख में इसके बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं।

क्या है इंट्यूटिव ईटिंग

इंट्यूशन यानी अंतर्आत्मा, और ईटिंग यानी खानपान, तो यह आंतरिक रूप से (शारीरिक और मानसिक) खानपान से संबंधित आहार योजना है। इस आहार योजना में वजन घटाने पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय सही तरीके से खानपान पर ध्यान दिया जाता है। इसका उद्देश्य हर स्तर से शारीरिक और मानसिक रूप से वजन कम करना है।

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इंट्यू‍टिव ईटिंग के सिद्धांत

इस आहार योजना को प्रमणित करने के लिए कई शोध हुए और उनके आधार पर ही इसके सिद्धांतों को बनाया गया है, जो कि निम्न है –

  1. यह मानसिक भूख को शांत करता है।  
  2. यह मूड और सामाजिक स्थि‍ति के आधार पर खानपान पर जोर देता है।
  3. यह कैलोरी या वजन घटाने पर केंद्रित नहीं है।
  4. खुद की देखभाल पर अधिक जोर देना ।


दूसरे डाइट प्लान से यह अलग है, क्योंकि इसमें खानपान को लेकर बंदिशें नहीं हैं और न ही इसमें किसी तरह के आहार को शामिल किया गया है। इसमें व्यक्ति अपने हिसाब से किसी भी तरह की खाने के विकल्प को अपना सकता है। इसमें यह भी निर्धारित नहीं है कि एक दिन में कितनी कैलोरी, कितना ग्राम कार्बोहाइड्रेट, आदि लेना है।

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इसमें शारीरिक जरूरत के अनुसार खाने पर जोर दिया जाता है, इसके कारण व्यक्ति जरूरत से अधिक नहीं खाता। चूंकि सभी डाइट प्लान का आधार रोजमर्रा के लिए जरूरी कैलोरी (1800 से 2200) को पूरा करना है। जबकि इसमें ऐसा नहीं है। इसमें अगर आपको लगता है कि आपका मन भर गया है तो आप खाने पर विराम लगायें। इससे आप कम कैलोरी लेते हैं और तेजी से वजन घटने लगता है।

 

इसके फायदे

  • जब भूख लगे तभी खाना, यानी खाने के लिए कोई निर्धारित समय का न होना, इससे व्यक्ति कम खाता है।
  • मानसिक रूप से नहीं बल्कि शारीरिक रूप से खाना।
  • इंसान को स्वयं निर्धारित करना है कब और कितना खाना है, किसी का कोई जोर नहीं होता है।
  • धीरे-धीरे इंसान की खाने की इच्छा कम होने लगती है और वह कम खाता है और तेजी से वजन घटता है।
  • अच्छे और पसंदीदा फलों और आहारों का सेवन करना।


जब हम अपनी भूख को समझ जाते हैं तब हम केवल जरूरत के हिसाब से खाते हैं और यही वजन कम करने का सबसे अच्छा तरीका भी है। इस डाइट प्लान को आजमाने से पहले एक बार डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।

 

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