दांतों को स्वस्थ रखने के लिए 5 आसान योगासन

योगा शरीर ही नहीं बल्‍क‍ि दांतों से जुड़ी समस्‍याओं में भी फायदेमंद है, आइए जानते हैं स्‍वस्‍थ दांतों के ल‍िए 5 आसान योग करने का तरीका

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jun 15, 2021Updated at: Jun 15, 2021
दांतों को स्वस्थ रखने के लिए 5 आसान योगासन

दांतों के ल‍िए कौनसे योगासन फायदेमंद है? शरीर के अन्‍य रोगों की तरह दांतों से जुड़ी समस्‍याओं के ल‍िए आप शीतकारी, शीतली, सर्वांगासन, अपान मुद्रा, वात नाशक मुद्रा आद‍ि कर सकते हैं। ज‍िन लोगों के दांत में मसूड़ों की समस्‍या पायर‍िया या दांतों सड़न या मसूड़ों में दर्द सह‍ित अन्‍य समस्‍याओं हों उन्‍हें इलाज के साथ योगा करना चाह‍िए। योगा की मदद से आप ओरल हाइजीन बनाकर रख पाएंगे। दांतों के खराब होने का असर अन्‍य अंगों पर भी पड़ता है इसल‍िए आपको समय-समय पर डॉक्‍टर से जांच और इलाज करवाना चाह‍िए साथ ही आसान योगासनों को करना चाह‍िए। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के रवींद्र योगा क्लीनिक के योगा एक्सपर्ट डॉ रवींद्र कुमार श्रीवास्तव से बात की।

sheetkari yoga 

1. दांतों को स्वस्थ रखने के लिए करें शीतकारी प्राणायाम (Try Sheetkari Pranayama to make teeth healthy)

अन्‍य रोगों के ल‍िए योगासन है ठीक उसी तरह दांतों की सेहत के ल‍िए योगासन फायदेमंद है। इन्‍हीं में से एक है शीतकारी प्राणायाम। डॉ रवींद्र कुमार ने बताया क‍ि शीतकारी प्राणायाम को करने से दांतों में सड़न की संभावना को आप कम कर सकते हैं। मसूड़ों के ल‍िए भी ये प्राणायाम फायदेमंद माना जाता है। चल‍िए जानते हैं इसे करने का तरीका। 

शीतकारी प्राणायाम को करने का तरीका: 

  • जमीन पर या मैट पर आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं। 
  • आप अपने होठों को खोलें। 
  • आपको होठों से सी-सी की आवाज न‍िकालनी है। 
  • इस दौरान सांस को भरें और नाक से धीरे-धीरे छोड़ें। 
  • शीतकारी प्राणायाम को आप 10 से 12 बार र‍िपीट कर सकते हैं। 

2. दांतों को स्वस्थ रखने के लिए करें वात नाशक मुद्रा (Try Vata naashak mudra to make teeth healthy)

vat nashak asan

 वात नाशक मुद्रा को आप कहीं भी और कभी भी कर सकते हैं। इस मुद्रा की मदद से दांतों से जुड़ी समस्‍याओं से आप न‍िजात पा सकते हैं, साथ ही इस मुद्रा को करने से आपके शरीर की थकान म‍िनटों में दूर हो जाती है। चल‍िए जानते हैं इस मुद्रा को करने का तरीका। 

वात नाशक मुद्रा करने का तरीका:

  • इस योग को करने के ल‍िए आपको सबसे पहले तर्जनी और बीच की उंगली को मोड़ना है। 
  • उंगली को मोड़कर आप उसे हथेली तक ले जाएं और हथेली से म‍िला दें। 
  • अब उंगल‍ियों के ऊपर अंगूठे को रख दें। उंगली पर जोर न लगाएं, हल्‍के हाथ से मुद्रा बनाएं।
  • बाक‍ि दो उंगल‍ियों को आपको सीधा ही रखना है। अब आप वात नाशक मुद्रा में आ गए हैं। 
  • हाथों की मुद्रा बनाने के बाद सीधा बैठ जाएं और इस मुद्रा को 10 से 15 म‍िनट के ल‍िए करें।

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3. दांतों को स्वस्थ रखने के लिए करें शीतली प्राणायाम (Try Sheetali Pranayama to make teeth healthy)

sheetali yoga

शीतली का मतलब होता है शीतल या ठंडा। शीतली प्राणायाम को करने से पूरे शरीर में ठंडक पहुंचती है। शीतली प्राणायाम भी दांतों के ल‍िए भी हेल्‍दी माना जाता है। आप इस प्राणायाम को रोजाना 10 से 15 बार कर सकते हैं।

शीतली प्राणायाम को करने का तरीका: 

  • सबसे पहले सुखासन की मुद्रा यानी जमीन पर आराम से बैठ जाएं। 
  • जीभ को बाहर न‍िकालें। 
  • जीभ के दोनों क‍िनारों को ऊपर उठाकर रोल करें। 
  • मुंह से सांस लेते हुए नाक से छोड़ें। 
  • आप इस प्राणायाम को 10 बार र‍िपीट करें। 

4. दांतों को स्वस्थ रखने के लिए करें सर्वांगासन (Try Sarvangasana to make teeth healthy)

yoga for oral health

मुंह में बैक्‍टीर‍िया पनपने के कारण दांतों में सड़न होने लगती है, इस समस्‍या के ल‍िए आप सर्वांगासन करें। इस योग को करने से दांतों की सड़न, मसूड़ों की बीमारी से बचा जा सकता है। सर्वांगासन को करने में आपको शुरूआत में कठिनाई हो सकती है पर धीरे-धीरे अभ्‍यास से ये योग आसान लगने लगेगा। आप इस आसन को पहली बार कर रहे हैं तो शुरूआत में कुछ सेकेंड के लि‍ए ही करें, फ‍िर क्षमता अनुसार समय बढ़ा दें। 

सर्वांगासन को करने का तरीका:

  • सबसे पहले मैट ब‍िछाकर या कमर के बल सीधे लेट जाएं। 
  • आपको अपने पैरों को ऊपर आसमान या छत की ओर उठाना है। 
  • धीरे-धीरे कूल्‍हों और फ‍िर कमर को भी ऊपर की ओर उठाएं। 
  • आपको अपने शरीर के वजन का भार कंधों पर देना है। 
  • पीठ को सपोर्ट करने के ल‍िए हाथों का इस्‍तेमाल करें। 
  • इस पोज को करने के दौरान आपको सांस लेते-छोड़ते रहना है। 
  • आप इस मुद्रा को ज‍ितनी देर होल्‍ड कर सकते हैं उतनी देर करें। 
  • इसके बाद धीरे-धीरे सामान्‍य मुद्रा में आ जाएं। 

5. दांतों को स्वस्थ रखने के लिए करें अपान मुद्रा (Try Apan Mudra to make teeth healthy)

apan mudra

अपान मुद्रा को आप ध्‍यान की मुद्रा में बैठकर या क‍िसी भी पोज में रहकर कर सकते हैं, इसके ल‍िए बॉडी की मुद्रा से ज्‍यादा हाथों की मुद्रा जरूरी है। अपान मुद्रा को करने से दांतों की समस्‍या दूर होती है। दांतों में एस‍िड बन जाता है ज‍िसके चलते दांत खराब होने लगते हैं, आपके दांतों में भी ऐसी समस्‍या है तो इलाज के साथ इस योगा को ट्राय करें। 

अपान मुद्रा को करने का तरीका:

  • अपान मुद्रा करने के ल‍िए आप ध्‍यान की मुद्रा में आराम से बैठ जाएं। 
  • अपान मुद्रा बेहद आसान है, इसके ल‍िए हाथों को घुटनों पर रखें। 
  • बीच की उंगली और अंगूठे को म‍िलाएं और प्रेशर दें।
  • इस दौरान ध्‍यान करें और बाक‍ि दो उंगलियों को सीधा रखें। 
  • आपको ये मुद्रा 15 से 30 म‍िनट के ल‍िए करनी है। 

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दांतों के ल‍िए क्‍यों फायदेमंद है योगा? (Benefits of yoga for teeth)

  • योगा करने से दांतों में पायर‍िया, मसूड़ों में दर्द आद‍ि समस्‍याओं से बच सकते हैं। 
  • कुछ लोगों को जबड़े से जुड़ी बीमारी होती है ज‍िसे हम टीएमजे डिसऑर्डर कहते हैं ज‍िसमें एक जबड़ा दूसरे के साथ सही स्‍थ‍ित‍ि में नहीं होता, उनके ल‍िए भी योग फायदेमंद है। 
  • दांत पीसने की आदत से छुटकारा पाने के ल‍िए भी योग कर सकते हैं। 
  • योग स्‍ट्रेस कम करता है और स्‍ट्रेस कम होने से दांत हेल्‍दी रहेंगे क्‍योंक‍ि स्‍ट्रेस लेने से ओरल हेल्‍थ प्रभाव‍ित होती है। 
  • ज‍िन लोगों को दांत या मसूड़े में दर्द होता है उनके ल‍िए भी योगा फायदेमंद है, तुरंत डेंट‍िस्‍ट के पास नहीं जा सकते तो योगासन ट्राय करें।
  • मुंह में मौजूद सलाइवा या लार, दांत को बैक्‍टीर‍िया से बचाता है। जब सलाइवा कम बनता है तो बैक्‍टीर‍िया बढ़ जाते हैं और दांतों की बीमार‍ियां होने लगती है। सलाइवरी ग्‍लैंड ठीक से काम करें उसके ल‍िए आपको योगा करना चाह‍िए। 

ओरल हेल्‍थ के ल‍िए योगा फायदेमंद है पर दांतों की बीमारी होने पर इलाज भी जरूरी है इसल‍िए दांतों में हल्‍की सी भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्‍टर के पास जाएं। 

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