Expert

गर्भाशय को स्वस्थ रखने के लिए महिलाएं जरूर करें ये 5 योगासन, फर्टिलिटी होगी मजबूत

गर्भाशय को स्वस्थ बनाने के लिए आप योग का भी सहारा ले सकती हैं। इससे गर्भाशय हेल्दी बनेगा और फर्टिलिटी भी मजबूत होगी। 

Anju Rawat
Written by: Anju RawatUpdated at: Oct 28, 2021 09:56 IST
गर्भाशय को स्वस्थ रखने के लिए महिलाएं जरूर करें ये 5 योगासन, फर्टिलिटी होगी मजबूत

क्या योग से गर्भाशय को हेल्दी बनाया जा सकता है? योग संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होता है। इससे शरीर के सभी अंग मजबूत बनते हैं। योग बीमारियों से मुक्त रखने और लंबी आयु तक जीवन देने में मददगार होता है। यह कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करके व्यक्ति को निरोगी बनाता है। महिलाओं को खासकर अपनी जीवनशैली में योग को जरूर शामिल करना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी कई समस्याएं दूर होती हैं। कई महिलाओं को कंसीव करने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है, इसका मुख्य कारण है गर्भाशय का स्वस्थ या हेल्दी न होना। कंसीव करने के लिए एक हेल्दी गर्भाशय का होना बहुत जरूरी होता है। अगर आप भी अपने गर्भाशय को हेल्दी बनाना चाहती हैं, तो नियमित रूप से 5 योगासन जरूर करें। इससे आप आसानी से कंसीव कर पाएंगी और बीमारियों से भी दूर रहेंगी। योगा एक्सपर्ट डॉक्टर रमेश कुमार से जानें इन योगासनों के बारे में-

butterfly yoga

(Image : brettlarkin.com)

1. तितली आसन (butterfly posture)

गर्भाशय को मजबूत बनाने के लिए तितली आसन को करना बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसके नियमित अभ्यास आप अपने गर्भाशय को हेल्दी रख पाएंगी और आसानी से कंसीव भी कर पाएंगी। यह पैरों को भी मजबूत बनाता है। इस आसन को करना भी बेहद आसान है। जानें तितली आसन को करने का तरीका-

  • तितली आसन को करने के लिए सबसे पहले किसी शांत वातावरण में योग मैट बिछा लें। इस दौरान सूर्य की ओर मुख करके बैठें।
  • अब इस पर पैरों को एकदम सीधा करके बैठ जाएं।
  • फिर पैरों को घुटनों से मोड़कर दोनों तलवों को एक-दूसरे से मिला लें।
  • इसके बाद अपने हाथों को इंटरलॉक कर लें और पैरों के तलवों को पकड़ लें।
  • इस आसन को करने के लिए दंडासन में भी बैठ सकती हैं। 
  • इसके बाद अपनी दोनों आंखें बंद कर लें और तितली की तरह पैरों को ऊपर-नीचे हिलाएं।
  • इस मुद्रा को आप 3-5 मिनट तक कर सकती हैं।
  • अगर आपके घुटनों में दर्द है, तो इस आसन को करने से बचें।
Anjanayasana
 
(Image : 24-7fitness.ru)

2. अंजनेयासन (Anjanayasana)

अंजनेयासन को करके गर्भाशय को हेल्दी और स्वस्थ रखा जा सकता है। अगर आप लंबे समय से कंसीव नहीं कर पा रही हैं, तो इस स्थिति में इस आसन का नियमित अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इस आसन को आसानी से किया जा सकता है, लेकिन शुरुआत में इसका अभ्यास धीरे-धीरे ही करें। अगर आपके घुटनों में दर्द है, तो इस आसन को करने से बचें।

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक योग मैट पर वज्रासन (घुटनों को मोड़कर) में बैठ जाएं।
  • अपने बाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और दाएं पैर को घुटने से मोड़कर तलवे को जमीन पर रखें।
  • इसके बाद अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और नमस्कार की मुद्रा बना लें। हाथों को एकदम सीधा रखें।
  • धीरे-धीरे पीछे की तरफ झुकने की कोशिश करें। साथ ही जितना हो सके हाथों को भी सिर के साथ पीछे ले जाने का प्रयास करें।
  • 10-30 सेकेंड तक इस अवस्था में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।
Paschimottanasana
 
(Image : swasthyagyan.in)

3. पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana)

गर्भाशय को हेल्दी रखने के लिए पश्चिमोत्तानासन एक सबसे बेहतरीन योगासन है। इसके रोजाना अभ्यास से गर्भाशय और फर्टिलिटी को मजबूत बनाया जा सकता है। अगर आपको कंसीव करने में दिक्कत आ रही है, तो इस स्थिति में इस आसन का अभ्यास कर सकती हैं। इसे करना शुरुआत में थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन धीरे-धीरे इसे आसानी से किया जा सकता है। पश्चिमोत्तानासन के फायदे और करने का तरीका-

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक चटाई या मैट पर एकदम सीधी अवस्था में बैठ जाएं। 
  • अपने पैरों को आगे की तरफ फैला लें।
  • इसके बाद हाथों को सीधा कर लें और हथेलियों से पैरों की उंगुलियों को पकड़ने की कोशिश करें।
  • इस दौरान अपनी नाक से घुटनों को छूने की कोशिश करें। 
  • इस आसन को करते समय आपके घुटने और दोनों बाजू एकदम सीधे होने चाहिए।
  • इस अवस्था में 10-30 सेकेंड तक रुकें और सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।
  • इस आसन को खाली पेट करना अधिक फायदेमंद होता है। साथ ही इसके नियमित अभ्यास से गर्भाशय को भी हेल्दी रखा जा सकता है।
  • इसे करने से पेट के सभी रोग दूर होते हैं और पैरों-हाथों की मांसपेशियां भी मजबूत बनती हैं।

Utkata Konasana
 
(Image : theyogacollective.com)

4. उत्कट कोणासन (Utkata Konasana)

उत्कट कोणासन गर्भाशय को हेल्दी बनाने के लिए एक बेहद कारगर योगासन है। इसके अभ्यास से पेट, घुटनों और पैरों की मसल्स मजबूत बनती हैं। साथ ही यह पेल्विक फ्लोर को भी मजबूत बनाता है। इस आसन को आसानी से किया जा सकता है। जानें इस आसन को करने का तरीका-

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पैरों को थोड़ी दूरी पर रखकर खड़ी हो जाएं।
  • इसके बाद पैरों की उंगुलियों को बाहर की तरफ 45 से 90 डिग्री तक मोड़ लें।
  • लंबी गहरी सांस लें और रीढ़ की हड्डी को ऊपर की तरफ स्ट्रेच करें।
  • सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ें और स्क्वाट्स की अवस्था में आ जाएं।
  • इसके बाद अपनी दोनों हथेलियों को छाती के सामने लाएं और नमस्कार की मुद्रा बना लें।
  • इस प्रक्रिया में सांसों पर ध्यान दें और सामान्य अवस्था में लौट आएं।
  • इस प्रक्रिया को आप 3-5 बार दोहरा सकते हैं।
setu bandhasana
 
(Image : fashionstreetonline.hu)

5. सेतुबंधासन (setu bandhasana)

सेतुबंधासन में व्यक्ति का शरीर एक पुल के समान प्रतीत होता है। इस आसन को करने से पीठ, पेट, पैर और हाथों की मांसपेशियों मजबूत बनती हैं। साथ ही यह योगासन हड्डियों की मजबूती के लिए भी बेहद जरूरी है। शुरुआत में इस आसन को करना थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन  इसके नियमित अभ्यास से आप इसे आसानी से कर पाएंगी। यह आपके गर्भाशय को मजबूत बनाता है और कंसीव करने में आपकी सहायता करता है। इस तरह करें सेतुबंधासन, सेतुबंधासन करना बेहद फायदेमंद होता है।

  • सेतुबंधासन को करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
  • इस दौरान अपनी सांसों की गति को एकदम सामान्य रखें।
  • इसके बाद अपने दोनों हाथों को बगल में रखें।
  • फिर अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ लें और तलवों को जमीन पर रखें।
  • अपनी दोनों हथेलियों को इंटरलॉक कर लें। इसके बाद हिप्स को ऊपर उठाने की कोशिश करें। कंधों तक अपने शरीर को उठाएं।
  • हाथों को जमीन पर ही रखें।  
  • कुछ देर इस अवस्था में सांस रोककर रखने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • पैरों को सीधा करें और इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

आप भी अपने गर्भाशय और फर्टिलिटी को मजबूत बनाने के लिए इन 5 योगासनों की नियमित रूप से अभ्यास कर सकती हैं। लेकिन अगर आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही हैं, तो एक्सपर्ट की सलाह पर ही इनका अभ्यास करें। 

Disclaimer