International Yoga Day 2021: पश्चिमोत्‍तासन करने से साफ होती है खून की गंदगी और मर जाते हैं पेट के कीड़े

21 जून अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) की इस सीरीज में आज हम आपको पश्चिमोत्‍तासन योग के बारे में विस्‍तार से बता रहे हैं।

सम्‍पादकीय विभाग
योगाWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Jun 11, 2020
International Yoga Day 2021: पश्चिमोत्‍तासन करने से साफ होती है खून की गंदगी और मर जाते हैं पेट के कीड़े

पश्चिमोत्‍तासन योग (Paschimottanasana Yoga In Hindi) न सिर्फ आपके मन को शांत रखता है, बल्कि यह आपको कई शारीरिक समस्‍याओं से भी छुटकारा दिलाता है। पश्चिमोत्‍तासन का नियमित अभ्‍यास से रक्‍त की गंदगी साफ होती है साथ ही यह पेट के कीड़ों को मलद्वार से बाहर निकालने में मदद कर सकता है। पश्चिमोत्‍तासन के और भी कई लाभ हैं। पश्चिमोत्‍तासन योग करना बहुत आसान है। इसे आप आसानी से अपने घर पर कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि पश्चिमोत्‍तासन योग क्‍या है? 

पश्चिमोत्‍तासन योग क्‍या है? 

पश्चिमोत्‍तासन योग को Seated Forward Bend pose कहते हैं। यह एक बेहतरीन योग मुद्रा है जो तंत्रिका तंत्र (Nervous system) पर एक गहरा प्रभाव डालता है। इससे मन शांत होता है। यह तनाव और हल्के अवसाद को दूर करने में मदद करता है। पाश्चिमोत्तानासन हठ योग और आधुनिक योग में सबसे महत्वपूर्ण आसनों में से एक है। यह एक उत्कृष्ट आसन है जो आपके मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार करने में मदद कर सकता है।

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जैसा कि हम सभी जानते हैं, योग मन और शरीर को आराम देने का एक बेहतरीन तरीका है। यह आपके चिंतित मन को शांत करने में मदद कर सकता है, तनाव और चिंता को दूर कर सकता है। यह आपको कई शारीरिक समस्‍याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। एक स्वस्थ आहार और व्‍यायाम का अभ्‍यास और आसन आपको वजन कम करने, मांसपेशियों की टोन में सुधार करने, फ्लेक्‍सीबिलिटी और शक्ति प्रदान करने में मदद कर सकते हैं। योग को बेहतर हृदय स्वास्थ्य और बेहतर इम्‍यून सिस्‍टम से भी जोड़ा गया है।

आज हम आपको इस लेख के माध्‍यम से बताएंगे पश्चिमोत्‍तासन योग के फायदे और पश्चिमोत्‍तासन योग करने का तरीका क्‍या है। साथ ही बताएंगे कि किन लोगों को पश्चिमोत्‍तासन योग नहीं करना चाहिए। 

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पश्चिमोत्‍तासन योग करने का तरीका: Paschimottanasana steps in Hindi

  • सबसे पहले आप सुखासन में बैठ जाएं और गहरी सांसें लें और छोड़ें। इससे मन शांत होता है। 
  • अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीध में खोलकर बैठ जाएं। दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे। 
  • अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें। 
  • माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियां जमीन पर लगी रहेंगी। जैसा कि आप तस्‍वीरों में देख सकते हैं।
  • इस पोजिशन में आप खुद को 30 से 60 सेकेंड तक रखें। धीमी सांसें लेते रहें। 
  • अब अपने पूर्व की मुद्रा में वापस आ जाएं और आराम करें।

सावधानी: अगर आप कमर दर्द और गर्दन दर्द से परेशान हैं तो योगासन को न करें। अगर आप पहली बार इस आसन को कर रहे हैं तो निश्चित रूप से आपका शरीर ऐसा कर पाने में थोड़ा असमर्थ हो सकता है। ऐसे में आप इस आसन को शुरू करने पहले सूक्ष्‍म व्‍यायाम या स्‍ट्रेचिंग कर लें। इससे चोट लगने की संभावना कम रहती है। अपने शरीर को धीरे-धीरे आगे की ओर झुकाने का प्रयास करें। कुछ दिनों के अभ्‍यास के बाद आप इस आपस को अवश्‍य कर पाएंगे।

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पश्चिमोत्‍तासन करने के लाभ: Benefits of Paschimottanasana in Hindi

  • इस आसान के निरंतर अभ्‍यास से आपका मेरूदंड यानी स्‍पाइन या रीढ़ की हड्डी लचीली होती है।
  • शरीर में रक्‍त का संचार बेहतर होता है। 
  • जब आप पश्चिमोत्‍तासन का अभ्‍यास करते हैं तो कमर व पिंडलियों की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे वह लचीली हो जाती है।
  • इस आसन के अभ्‍यास से मोटापा दूर हो जाता है। 
  • जिनके शरीर का निचला हिस्‍सा भारी होता है उन्‍हें यह आसन जरूर करना चाहिए। इससे उनकी कमर पतली और सुडौल हो जाती है।
  • यह आसन चर्मरोग और शारीरिक दुर्गंध को दूर करने में कारगर है। 
  • इसके अभ्‍यास से पेट की कीड़े मर जाते हैं और रक्‍त शुद्ध हो जाता है।

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