World Asthma Day 2025 Significance History Theme: सीढ़ियां चढ़ते समय, तेज चलते समय और छोटी-छोटी भाग दौड़ करते समय कई बार हमें सांस से जुड़ी परेशानी होती है। जिन्हें हम पूरी तरह से नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन सांस से जुड़ी बीमारी अस्थमा का संकेत देती है। धूल, मिट्टी, वायु प्रदूषण और विभिन्न कारणों से आज अस्थमा लाखों लोगों को प्रभावित कर रहा है।
अस्थमा के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को वर्ल्ड अस्थमा डे मनाया जाता है। इस साल वर्ल्ड अस्थमा डे आज यानी कि 6 मई को मनाया जा रहा है। वर्ल्ड अस्थमा डे (World Asthma Day 2025) को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को इसके लक्षणों की पहचान करना है, ताकि समय रहते इलाज हो सके और भविष्य में आने वाली चुनौतियों से बचा जा सके।
वर्ल्ड अस्थमा डे का इतिहास- History of World Asthma Day
वर्ल्ड अस्थमा डे को मनाने की शुरुआत 1988 में ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा (GINA) द्वारा की गई थी। GINA के सहयोग से विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से पहला अस्थमा डे स्पेन के बार्सिलोना आयोजित किया गया था। पहली बार अस्थमा में दुनिया के 35 से अधिक देशों ने हिस्सा लिया था। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच अस्थमा के प्रति भ्रांतियों को दूर करके, अस्थमा के मरीजों को एक सामान्य जीवन देना था।
तब से हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को वर्ल्ड अस्थमा डे (World Asthma Day 2025)मनाया जाता है। यह खास दिन वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संस्थाओं, डॉक्टरों, मरीजों और समाज को एकजुट करता है ताकि अस्थमा को बेहतर तरीके से समझा जा सके और इसे जीवनशैली के जरिए नियंत्रित किया जा सके।
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वर्ल्ड अस्थमा डे 2025 की थीम- Theme of World Asthma Day 2025
हर साल एक खास थीम के साथ वर्ल्ड अस्थमा डे को वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। इस साल वर्ल्ड अस्थमा डे की थीम Asthma Education Empowers Lives (अस्थमा की शिक्षा, जीवन को सशक्त बनाती है) रखी गई है। इस थीम का अर्थ आम लोगों तक अस्थमा के बारे में सही जानकारी पहुंचाना है, ताकि वह बिना किसी डर या समझौते के अस्थमा की पहचान करके डॉक्टरी सलाह ले सके।
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वर्ल्ड अस्थमा डे का महत्व- Importance of World Asthma Day
1. जागरूकता बढ़ाना : अस्थमा एक सामान्य क्रोनिक रोग है। वर्ल्ड अस्थमा डे के खास मौके पर अस्थमा के लक्षणों और इलाज के प्रति जागरूकता को बढ़ाने का है।
2. भ्रांतियों को दूर करना :आधुनिकता के युग में भी बड़ी संख्या में लोग अस्थमा को छुआ-छूत की बीमारी मानते हैं। वर्ल्ड अस्थमा डे एक खास मौका है, समाज में अस्थमा से जुड़ी इन भ्रांतियों को दूर करने का।
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3. सरकारी नीतियों में सुधार : यह खास दिन सरकारी संस्थान, स्वास्थ्य संगठन को अस्थमा के मरीजों की सुविधाओं के प्रति जागरूक करने वाली नीतियों में सुधार करने की याद दिलाता है।
4. मरीज को सपोर्ट : अस्थमा के मरीज को समाज अक्सर घृणा वाली निगाहों से देखता है। यह खास दिन अस्थमा के तमाम मरीजों को इस बात का एहसास दिलाता है, कि वो अकेले नहीं। अस्थमा के खिलाफ लड़ाई में सिर्फ एक परिवार और समाज उनके साथ नहीं, बल्कि पूरा विश्व खड़ा है।