Fri Sep 11, 2026 | 08:22 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

सुबह उठते ही उंगलियों में अंगूठी टाइट होना कोई बीमारी तो नहीं? एक्‍सपर्ट से जानें

क्‍या सुबह उठते ही आपके हाथों की उंगली टाइट हो जाती है? चेहरे पर सूजन नजर आती है? इसका कारण वॉटर र‍ि‍टेंशन और कार्ब्स फूड्स का ज्‍यादा सेवन हो सकता है। एक्‍सपर्ट से जानते हैं इस समस्‍या से कैसे छुटकारा पाएं?

भारतीय लोग कार्ब्स का सेवन बहुत ज्‍यादा करते हैं। मेरी बुआ को ही देख लें, उनसे जब भी मैं पूछती हूं क‍ि बुआ आपने क्‍या खाया? तो कहती हैं क‍ि चावल खाया या जवाब में रोटी ही सुनने को म‍िलता है। यही ज्‍यादातर लोगों की समस्‍या है, वो कार्ब फूड्स ज्‍यादा खाते हैं। कार्ब फूड्स ज्‍यादा लेने से टाइप 2 डायब‍िटीज, हार्ट ड‍िजीज और पाचन की समस्‍याएं हो सकती हैं। कई बार कार्ब्स का ज्‍यादा सेवन करने से हाथों की अंगूठी टाइट हो जाती है। अगर सुबह उठते ही हाथों की अंगूठी टाइट हो गई है, तो इसका यह मतलब नहीं है क‍ि रातभर में आपका वजन बढ़ गया है। इस लेख में समझेंगे क‍ि हाथों की अंगूठी टाइट होने के पीछे क्‍या कारण हो सकते हैं? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

 

 

 

View this post on Instagram

A post shared by Dietitian Shweta J Panchal | The Diet Therapy (@dt.shwetashahpanchal)

सुबह उठकर हाथों की उंंगली टाइट क्‍यों लगती है?- Why My Finger Ring Suddenly Tight

मान लें क‍ि रात को आपने प्‍लेट भरकर चावल खाया है। शरीर चावल से कार्ब्स लेकर उसे ग्‍लूकोज में बदल देता है। यह ग्‍लूकोज फैट में बदलने से पहले ल‍िवर और मसल्‍स में ग्लाइकोजन (Glycogen) के रूप में स्‍टोर होता है। एक ग्राम ग्‍लाइकोजन के साथ तीन से चार लीटर पानी में स्‍टोर होता है। यही वजह है क‍ि जब आप अगले दि‍न वजन चेक करते हैं, तो वह बढ़ा हुआ द‍िखता है। हाथों की अंगूठी टाइट हो जाती हैं और चेहरे पर सूजन नजर आती है। ऐसे में ब्‍लोट‍िंग के लक्षण भी नजर आते हैं, लेकि‍न यह फैट गेन नहीं है यह बस वॉटर र‍िटेंशन है।

यह भी पढ़ें- पैरों में सूजन और दिनभर थकान कहीं किडनी की बीमारी तो नहीं? डॉक्टर से समझें कनेक्शन

इन गंभीर लक्षणों पर गौर करें

why-ring-finger-tight-in-morning

कभी-कभी वॉटर र‍िटेंशन के लक्षण सामान्‍य नहीं हाेते हैं और इसके पीछे जोड़ों की गंभीर समस्‍या भी हो सकती है। ये लक्षण सामान्‍य नहीं हैं-

  • सूजन सुबह 20 से 30 म‍िनट से ज्‍यादा होना
  • बार-बार सूजन आना
  • समय के साथ सूजन कम होना

वॉटर र‍ि‍टेंशन को कैसे ठीक करें?- How To Get Rid Of Water Retension

  • पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करें। अगर इस समस्‍या से जूझ रहे हैं, तो पानी का सेवन थोड़ा बढ़ा सकते हैं।
  • पोटेश‍ियम र‍िच फूड्स जैसे केला, पालक या कोकोनट वॉटर का सेवन करें।
  • शरीर को ड‍िटॉक्‍स करने की जरूरत नहीं है, वॉटर र‍ि‍टेंशन होने पर रोज के भोजन का ही सेवन करें।

न‍िष्‍कर्ष:

अगर सुबह उठकर हाथों की अंगूठी टाइट लगती है, तो इसका कारण वजन बढ़ना नहीं बल्‍क‍ि वॉटर र‍िटेंशन की समस्‍या हो सकती है। इससे चेहरे पर सूजन भी नजर आती है। इस समस्‍या को दूर करने के ल‍िए पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं और पोटेश‍ियम र‍िच फूड्स का सेवन करें।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

Video Credit: Dietitian Shweta J Panchal

FAQ

  • वॉटर र‍िटेंशन के लक्षण क्‍या हैं?

    जब शरीर में फ्लूड की मात्रा ज्‍यादा होती है, तो शरीर वॉटर र‍िटेंशन का श‍िकार हो जाता है। वॉटर र‍िटेंशन के कारण हाथ और पैरों में सूजन आ सकती है।
  • वॉटर र‍िटेंशन को दूर कैसे करें?

    वॉटर र‍िटेंशन को दूर करने के ल‍िए नमक को कम करें, र‍िफाइंड कार्ब्स का सेवन कम करें और पोटेश‍ियम र‍िच फूड्स का सेवन करें।
  • वॉटर र‍िटेंशन के कारण क्‍या हैं?

    वॉटर र‍िटेंशन के पीछे हार्मोनल बदलाव, मोटापा, न्‍यूट्र‍िशन की कमी, इंफेक्‍शन या एलर्जी हो सकती है। वॉटर र‍िटेंशन एक गंभीर समस्‍या है, इसके लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें।

Read Next

हफ्ते में एक बार अल्‍कोहल लेने से शरीर पर क्‍या असर पड़ता है, डॉक्‍टर से जानें यह वाकई सेफ है?

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Feb 16, 2026 18:48 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 16, 2026 18:48 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content