लगातार बढ़ते जा रहे हैं युवाओं में खुदकुशी करने के मामले, शोध में मेंटल डिस्ऑर्डर है कारण

आजकल बढ़ते तनाव को देखते हुए लगातार युवाओं में खुदकुशी के मामले बढ़ते जा रहे हैं, शोध में मेंटल डिस्ऑर्डर बना कारण।


सम्‍पादकीय विभाग
अन्य़ बीमारियांWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Mar 31, 2020Updated at: Mar 31, 2020
लगातार बढ़ते जा रहे हैं युवाओं में खुदकुशी करने के मामले, शोध में मेंटल डिस्ऑर्डर है कारण

कई लोग आपने ऐसे देखें होंगे जो खुदकुशी करने की बात करते होंगे, उनमें से लगभग सभी लोग तनाव या किसी मेंटल डिस्ऑर्डर से ग्रसित होते हैं। सोसाइट या खुदकुशी करना कोई इलाज या फिर किसी तरह का हल नहीं है। लोग अक्सर इस तरह के फैसले ज्यादा तनाव में आ जाने के कारण करते हैं। एक नए शोध में पाया गया है कि सोसाइट करने का ज्याद खतरा आजकल के युवाओं में हैं, क्योंकि वो अक्सर ज्यादा मेंटल हेल्थ की बीमारी से परेशान रहते हैं। 

ओहीओ, स्टेट वैक्सर मेडिकल सेंटर(Ohio State Wexner Medical Centre) में एसोसिएट प्रोफेसर और शोधकर्ता सिंथिया फोनटेनेला के मुताबिक, शोध कर रहे शोधकर्ताओं ने क्लिनिकल प्रोफाइल और मेंटल हेल्थ बच्चों की तुलना की, कि वो सभी आम जनता से कैसे अलग थे। ये शोध जामा पेडियाट्रिक्स में प्रकाशित हुआ। जहां तक मेरा मानना है कि अब तक कोई भी अध्ययन ऐसा नहीं हुआ है जिसमें ये साबित हुआ हो कि बच्चों और युवाओं की खुदकुशी के पीछे मुख्य कारण क्या है। ये समझना बहुत ही जरूरी है कि एक आम जनता और खुदकुशी करने वाले लोग आपस में कैसे अलग होते हैं। 

खुदकुशी करने वालों की शोध में इस्तेमाल किए जाने वाला डेटा यूएस पर आधारित था। अध्ययन में देखा गया कि 910 युवा जिनकी 10 से 18 साल की उम्र थी उनकी मौत खुदकुशी के कारण हुई थी, जो कि 1 जनवरी से लेकर 31 दिसंबर 2013 के बीच हुई थी। शोध में पाया गया है कि जिन लोगों की मौत खुदकुशी के कारण हुई है, हाईपरएक्टीविटी डिस्ऑर्डर, कंडक्ट डिस्ऑर्डर, डिप्रेशन, बाइपोलर डिस्ऑर्डर और अन्य डिस्ऑर्डर जैसी चीजें शामिल थी। फोनटेनेला ने आगे कहा कि अध्ययन में करीब 41 फीसदी युवा जिनकी मौत खुदकुशी के कारण हुई थी उन सभी में खुदकुशी का कारण एक जैसा ही था, 6 महीने पहले तक। हमारी खोज बताती है कि जो युवा मेंटल डिस्ऑर्डर है उन लोगों को अक्सर खुदकुशी करने का ख्याल आता रहता है। 

साल 1999 से यूएस में खुदकुशी करने वाले युवा जिनकी उम्र 10 से 24 साल थी उनकी संख्या 50 फीसदी बढ़ी है। मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण खुदकुशी ही है। खुदकुशी युवाओं की सबसे बड़ी हेल्थ प्रोबलम है। इसके साथ ही अगर युवाओं की खुदकुशी की स्क्रीनिंग की जाए तो हम इसे आसानी से समझ सकते हैं कि खुदकुशी करने का युवाओं में क्या कारण है। 

अक्सर देखा गया है कि लोग तनाव में आने के बाद खुदकुशी जैसी चीजों का सहारा लेते हैं, जो कि काफी गलत कदम होता है। कई लोगों में इतनी क्षमता नहीं होती कि वो तनाव को झेल सके, लेकिन क्या आप जानते हैं तनाव को कम और दूर किया जा सकता है। आइए हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताते हैं जिससे आप तनाव को दूर कर सकते हैं और तनावमुक्त रह सकते हैं। 

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एक्सरसाइज करें

अगर आप तनाव में हैं और आपको किसी भी चीज में काम करने का मन नहीं लग रहा तो आप इसके लिए एक्सरसाइज या योग का सहारा ले सकते हैं। एक्सरसाइज या योग करने से आप अपने आपको तनावमुक्त भी रख सकेंगे साथ ही इससे आप लंबे समय तक फिट भी रह सकते हैं। कई एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि तनाव दूर करने का सबसे बेहतरीन तरीका एक्सरसाइज है। 

ध्यान लगाएं

ध्‍यान के जरिए आप तनाव को बहुत ही आसान तरीके से दूर कर सकते है। इसके लिए आप रोजाना 10 मिनट के लिए किसी स्‍थान पर बैठ जाएं और अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित करें। ध्‍यान तनाव से लड़ने वाले प्रतिरोधक के रूप में काम करता है। कई अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि ध्यान लगाने से आप जल्द तनावमुक्त हो जाते हैं। इसके साथ ही आप आसानी से किसी भी चीज पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। 

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नींद पूरी करें

रातों को ठीक से ना सोना और बहुत ज्‍यादा थका हुआ महसूस करना तनाव को बहुत अधिक बढ़ा देता है। डॉक्टरों का भी यही मानना है कि जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती उनका मेटाबॉलिज्म ठीक नहीं रहता, जिससे वह हमेशा थकान और तनाव महसूस करते हैं। इसलिए सही तरीके से नींद व आराम लेने बहुत जरूरी है। 

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