Tue Oct 27, 2026 | 02:37 AM IST

Medically Reviewed by Dr Tanima Singhal , Pregnancy Educator & Lactation Consultant

डिलीवरी के बाद पत्नी से ये 5 बातें भूलकर भी न कहें, वरना बढ़ सकता है तनाव और दूरी

पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक गंभीर स्थिति है जिसमें नई मां को चिड़चिड़ापन, घबराहट, थकान और अकेलापन महसूस हो सकता है। यहां जानिए, डिलीवरी के बाद पति को अपनी पत्नी से क्या नहीं कहना चाहिए?
डिलीवरी के बाद पत्नी से ये 5 बातें भूलकर भी न कहें, वरना बढ़ सकता है तनाव और दूरीडिलीवरी के बाद पत्नी से ये 5 बातें भूलकर भी न कहें, वरना बढ़ सकता है तनाव और दूरी

मां बनना किसी भी महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत अनुभव होता है, लेकिन यह सफर आसान नहीं होता। गर्भावस्था के नौ महीनों के बाद जब एक महिला बच्चे को जन्म देती है, तो उसका शरीर और मन दोनों भारी बदलावों से गुजरते हैं। डिलीवरी के बाद, महिलाओं को शारीरिक थकान, हार्मोनल बदलाव और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। इन बदलावों के कारण कई बार महिलाएं पोस्टपार्टम डिप्रेशन (PPD) जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से गुजरती हैं। कुछ मामलों में, यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि महिला को अपने बच्चे की देखभाल करना भी कठिन लगने लगता है। यह समय नई मां के लिए भावनात्मक और मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण होता है और ऐसे समय में पति की भूमिका सबसे जरूरी हो जाती है। यदि इस समय पति बिना समझे गलत बातें कह दें या पत्नी की भावनाओं को नजरअंदाज कर दें, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। इस लेख में लखनऊ के मा-सी केयर क्लीनिक की आयुर्वेदिक डॉक्टर और स्तनपान सलाहकार डॉ. तनिमा सिंघल से जानिए, पोस्टपार्टम के दौरान पति को अपनी पत्नी से कौन से बातें नहीं कहनी चाहिए?

डिलीवरी के बाद पति को अपनी पत्नी से नहीं कहनी चाहिए ये 5 बातें - What Not To Say To Your Wife Postpartum

1. तुम बस इसे ठीक से नहीं कर रही हो - You're Just Not Doing It Right

यह वाक्य एक नई मां को और अधिक अपमानित और असहाय महसूस करवा सकता है। जब कोई महिला पोस्टपार्टम डिप्रेशन से जूझ रही होती है, तो उसका आत्मविश्वास पहले ही प्रभावित हो चुका होता है। ऐसे समय में उसे समझाने की बजाय आलोचना करना सिर्फ उसके मानसिक बोझ को बढ़ाता है। पति को पत्नी का साथ देना चाहिए और बोलना चाहिए कि तुम बहुत अच्छा कर रही हो और मैं तुम्हारे साथ खड़ा हूं। इस तरह के शब्द उसे सशक्त बनाएंगे और उसे महसूस होगा कि वह अकेली नहीं है।

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2. तुम इतनी इमोशनल क्यों हो? - Why Are You So Emotional

पोस्टपार्टम डिप्रेशन के दौरान महिलाएं मानसिक और भावनात्मक उथल-पुथल से गुजरती हैं। कभी खुशी की लहर, कभी गम, कभी चिंता और कभी अकेलापन, यह सब एक ही दिन में हो सकता है। ऐसे समय में, इस तरह के शब्द न केवल उसके भावनाओं का मजाक उड़ाते हैं, बल्कि उसे यह महसूस कराते हैं कि उसके अनुभवों को समझा नहीं जा रहा है। पतियों को कहना चाहिए कि मैं समझता हूं कि यह समय तुम्हारे लिए कठिन है, और मैं तुम्हारे साथ हूं। अगर तुम्हें बात करनी हो तो मैं तैयार हूं।

What not to say to your wifeWhat not to say to your wife

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3. तुम्हें वजन कम करना चाहिए - When Will You Lose The Baby Weight

शिशु के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर में बदलाव आते हैं, और यह बदलाव शारीरिक और मानसिक रूप से महसूस होता है। यदि कोई इस तरह की बात कहता है, तो यह उसके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। एक महिला पहले से ही अपने शरीर में आए बदलावों को लेकर चिंतित होती है और ऐसे समय में इस प्रकार की बातें और तनाव पैदा करती हैं। ऐसे में पति को कहना चाहिए कि तुम खूबसूरत हो और मैं तुमसे प्यार करता हूं। यह समय सिर्फ हमारे बच्चे की देखभाल करने का है, बाकी सब बाद में।

4. मैंने भी कठिन दिन बिताया है - I Had A Hard Day Too

पोस्टपार्टम डिप्रेशन का अनुभव करने वाली महिला को यह वाक्य खुद की समस्याओं के बारे में कम महसूस करवा सकता है। यह उसे सहानुभूति और समर्थन की बजाय प्रतिस्पर्धा का अनुभव करवा सकता है।

5. तुम्हें हमेशा खुश रहना चाहिए - You Should Be Happy All The Time

पोस्टपार्टम डिप्रेशन के दौरान, महिलाएं एक भावनात्मक रोलरकोस्टर से गुजरती हैं। कभी वह खुश होती हैं, कभी दुखी, कभी गुस्से में और कभी चुप रहती हैं। ऐसे में यह कहना कि "तुम्हें हमेशा खुश रहना चाहिए" न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि यह दबाव भी डाल सकता है। यह वाक्य यह भी महसूस करवा सकता है कि उसका दर्द और संघर्ष मान्य नहीं हैं।

निष्कर्ष

पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक गंभीर मानसिक स्थिति है और इस दौरान एक मां को सहायक और समझदार साथी की जरूरत होती है। पति का समर्थन बहुत जरूरी होता है, लेकिन इसके लिए यह जरूरी है कि वह अपनी पत्नी की भावनाओं को समझे और उसे सहानुभूति और समर्थन प्रदान करे। उसकी चिंता और भावनाओं को अनदेखा करने या आलोचना करने से समस्या और बढ़ सकती है। इसके बजाय, अगर आप सही शब्दों के साथ उसे सहारा देंगे, तो आप उसके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

 

 

 

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 28, 2025 19:20 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Feb 28, 2025 19:20 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Tanima Singhal