सीओपीडी का कारण हो सकता है वजन का तेजी से कम होना, जानें क्या है ये खतरनाक रोग

सीओपीडी यानि कि क्रोनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मनरी डिजीज एक गंभीर रोग है। इस बीमारी की वजह से ब्रोन्कीअल ट्यूब में सूजन हो जाती है जिसके वजह से फेफड़ों में बलगम की समस्या शुरू हो जाती है और हमेशा मरीज को खांसी रहती है। 

Rashmi Upadhyay
वज़न प्रबंधनWritten by: Rashmi UpadhyayPublished at: Nov 12, 2018
सीओपीडी का कारण हो सकता है वजन का तेजी से कम होना, जानें क्या है ये खतरनाक रोग

सीओपीडी यानि कि क्रोनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मनरी डिजीज एक गंभीर रोग है। इस बीमारी की वजह से ब्रोन्कीअल ट्यूब में सूजन हो जाती है जिसके वजह से फेफड़ों में बलगम की समस्या शुरू हो जाती है और हमेशा मरीज को खांसी रहती है। सर्दियों में खांसी होना आम बात है। लेकिन लंबे समय तक खांसी अगर आपका पीछा नहीं छोड़ती, तो आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए। यह सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्‍मोनरी डिजीज) भी हो सकती है। सीओपीडी फेफड़ों की गंभीर बीमारी है। इसमें सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है। यह सूजन निरंतर बढ़ती रहती है। डॉक्टर्स का कहना है कि इस रोग की अनदेखी करना खतरनाक साबित हो सकता है। सीओपीडी के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए 15 नवंबर को सीओपीडी डे मनाया जाता है। क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीस (सीओपीडी) रोग में वजन तेजी से कम होता है। इस रोग के होने पर फिजियोथैरेपी कराने की सलाह दी जाती है।

क्या है सीओपीडी

क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पलमोनरी डिजीज को सामान्य भाषा में क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस या फेफड़े की बीमारी भी कहते हैं। यह पुरुषों के लिए जानलेवा है। एंफीसीमा और क्रोनिक ब्रोंकाइटिस इसके दो प्रकार हैं और धूम्रपान इस बीमारी की प्रमुख वजह है। धूम्रपान के जरिये विषाक्‍त पदार्थ पुरुषों के फेफड़ों को प्रभावित करते हैं, इसके कारण फेफड़े की कोशिकायें सही तरीके से काम नहीं कर पाती हैं और रक्‍त में ऑक्‍सीजन की कमी हो जाती है। शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने वाले छोटे-छोटे वायुतंत्रों में गड़बड़ी आने से सांस लेना तक दूभर होने लगता है। यह फेफड़ों में संक्रमण भी फैलाता है।

क्या हैं सीओपीडी के लक्षण

सीओपीडी के प्राथमिक लक्षणों की पहचान करना बहुत ही आसान है। अगर बलगम वाली खांसी लगातार दो महीने से अधिक बनी रहती है और मौसम बदलने पर पिछले दो साल से ऐसा हो रहा हो तो आपको डॉक्टर से तुरंत संपर्क करने की जरूरत है। खांसी के सामान्य सिरप और दवाएं इसमें कारगर नहीं होती। हालांकि ज्‍यादातर मामलों में सीओपीडी के लक्षण 35 साल की उम्र के बाद ही नजर आते हैं।  

ऐसे बढ़ाएं अपना वजन

वजन का कम होना अच्‍छी बात है, लेकिन क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीस (सीओपीडी) के साथ नहीं। इस फेफड़े की बीमारी में, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और वातस्‍फीति भी शामिल है, व्‍यक्ति का  वजन बहुत और मसल्‍स बहुत ज्‍यादा कम हो जाती है। सीओपीडी के चार में एक लोग बहुत ही पतले होते हैं। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से जानें कि सीओपीडी के कारण कम होने वाले वजन को किस प्रकार से बढ़ाया जा सकता है।

डाइट में हेल्दी फैट शामिल करें

वजन बढ़ाने के लिए आपको अपने आहार पर ध्‍यान देना होगा। पंजीकृत आहार विशेषज्ञ डॉक्‍टर क्रिस्टीन गरबसटड कहते हैं कि आप मानो या न मानो लेकिन वजन बढ़ाने के लिए हाई फैट फूड सबसे अच्‍छे फूड ग्रुप में से एक है और आपको सीओपीडी की समस्‍या के साथ वजन बढ़ाने के लिए इसपर ध्‍यान केंद्रित करना होगा। क्‍योंकि जिस तरह फैट पच जाता है वह पचाने के लिए अन्‍य फूड की तरह श्‍वसन प्रणाली पर असर नहीं करता। आप अधिक स्‍वाद को मिला सकते हैं लेकिन कैलोरी को कुशलता से जोड़ने के लिए आपको अपने चयापचय का ध्‍यान रखना होगा, ताकी यह सांस लेने के प्रयास में मदद करत सकें। इसके लिए आपको सादी उबली हुई सब्जियों को खाने की बजाय सलाद में ऑलिव ऑयल को शामिल करना चाहिए।

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