लड़कियों का ये राज खोलता है उनका सैंडिल पहनने का स्टाइल

इस रिसर्च के अनुसार फीमेल स्थानीय प्रवृत्ति को अपनाती है यानी जब वो शहर के अमीर हिस्से में जाती हैं तो ऊंची हील पहनती हैं, लेकिन वो सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े इलाकों में जाती है तो इसे नजरअंदाज कर देती है।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Sep 19, 2017Updated at: Sep 19, 2017
लड़कियों का ये राज खोलता है उनका सैंडिल पहनने का स्टाइल

अगर आप भी किसी लड़की को दोस्‍त बनाना चाहते हैं तो इससे पहले आप उसके बारे में जानना चाहते हैं तो हम आपको एक आसान तरीका बताते हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि वह कितनी महत्वाकांक्षी है तो आप उसकी सैंडल की तरफ देखें। अगर कोई महिला ऊंची हील के जूते-सैंडल पहनती है तो यह समाज में रुतबा हासिल करने की गहरी मानवीय तीव्र इच्छा का ही प्रतीक है। इस रिसर्च के अनुसार फीमेल स्थानीय प्रवृत्ति को अपनाती है यानी जब वो शहर के अमीर हिस्से में जाती हैं तो ऊंची हील पहनती हैं, लेकिन वो सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े इलाकों में जाती है तो इसे नजरअंदाज कर देती है।

शरीर में इस एक चीज की कमी के चलते हो सकती हैं ये 10 परेशानियां

अमेरिका के नार्थ केरोलीना विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर कुर्ट ग्रे का कहना है, दूसरे शब्दों में कहें तो ज्यादातर फीमेल अमीर दिखना चाहती हैं और वे गरीब लड़कियों से अलग दिखना चाहती हैं। जब फीमेल समृद्ध इलाकों में जाती है तो वह उन इलाकों की महिलाओं के हील के साइज से अपने हील के साइज का मेल करना चाहती हैं, जो उनकी समरूपता की तीव्र इच्छा को जाहिर करता है।

हालांकि इसके विपरीत जब वे गरीब और पिछड़ों इलाकों की तरफ जाती हैं तो वे केवल अपने पिछली बार खरीदी गई सैंडल या जूते के साइज के साथ ही मेल करती है। रिसर्च ने इस असर को 'नीचे की तरफ जाती समरूपता' का नाम दिया है, क्योंकि फैशन की वरीयता ऊपर से नीचे जाती है और शायद ही कभी नीचे से ऊपर जाती दिखती हो।

यह रिसर्च प्लोस वन नाम के जर्नल में प्रकाशित हुआ है। ग्रे इस बारे में आगे बताते हैं, मानव सभ्यता की शुरुआत से ही लोगों में इज्जत और रुतबे की प्यास रही है। इसलिए वे शक्तिशाली के साथ खड़े होते हैं और शक्तिहीन से अपने को अलग करते हैं। तो हील के साइज के साथ भी ऐसा करना समझ में आता है।

लोगों की फैशन की यह आकांक्षा उन्हें अमीर और अधिक प्रभुत्व संपन्न दिखने के लिए प्रेरित करती है, और यह समाज में अमीर-गरीब के बीच बढ़ती खाई के साथ ही और बढ़ रही है। ग्रे कहते हैं, पुरुषों में भी यही चलन है, खासतौर से जब वे कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स या कारें खरीदते हैं।

 

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप
Read More Articles Healthy Living In Hindi

Disclaimer