Fri Sep 11, 2026 | 09:06 PM IST

Medically Reviewed by Dr Tanima Singhal , Pregnancy Educator & Lactation Consultant

ज्यादा ब्रेस्ट मिल्क की समस्या से हैं परेशान? डॉक्टर से जानें इसके कारण

कुछ महिलाएं शिशु को ब्रेस्ट फीडिंग कराने के दौरान ब्रेस्ट मिल्क की ज्यादा सप्लाई की समस्या से परेशान रहती हैं। यहां जानिए, ब्रेस्ट मिल्क ज्यादा होने के कारण क्या हो सकते हैं?

शिशु के जन्म के बाद महिला के शरीर में कई बदलाव आते हैं, जिनका महिला के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है। कुछ महिलाएं ब्रेस्ट मिल्क ज्यादा होने की समस्या से परेशान रहती हैं। यह समस्या न केवल मां के लिए असुविधाजनक हो सकती है, बल्कि बच्चे के लिए भी चुनौतीपूर्ण बन सकती है। दरअसल, जब शरीर जरूरत से ज्यादा दूध का उत्पादन करता है, तो इससे मां को दूध लीक होने, छाती में दर्द और कभी-कभी इंफेक्शन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टर का मानना है कि ज्यादा स्तनपान, बार-बार पंपिंग और कुछ विशेष दवाइयों का सेवन इस स्थिति को और बढ़ा सकता है। इस लेख में लखनऊ के मा-सी केयर क्लीनिक की आयुर्वेदिक डॉक्टर और स्तनपान सलाहकार डॉ. तनिमा सिंघल (Dr. Tanima Singhal, Pregnancy educator and Lactation Consultant at Maa-Si Care Clinic, Lucknow) से जानिए, ज्यादा ब्रेस्ट मिल्क की समस्या होने के क्या कारण हो सकते हैं।

ब्रेस्ट मिल्क ज्यादा होने के कारण - Causes of Oversupply of Breast Milk

डॉक्टर तनिमा सिंघल बताती हैं कि ब्रेस्ट मिल्क की अधिकता के पीछे कोई एक कारण नहीं होता, लेकिन कुछ विशिष्ट कारक हैं जो इस स्थिति को बढ़ा सकते हैं। डॉ. तनिमा सिंघल के अनुसार, महिला के शरीर से ज्यादा दूध का उत्पादन कुछ सामान्य कारणों से हो सकता है, जिन्हें जानकर आप इस स्थिति से निपटने में सक्षम हो सकते हैं।

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1. अत्यधिक उत्तेजना - Overstimulation

अत्यधिक उत्तेजना या ज्यादा बार स्तनपान करवाना ब्रेस्ट मिल्क की अधिकता का एक सामान्य कारण हो सकता है। जब बच्चे को लंबे समय तक और कई बार स्तनपान कराया जाता है, तो यह शरीर को संकेत देता है कि दूध की ज्यादा जरूरत है और परिणामस्वरूप दूध का उत्पादन बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में, शरीर अपने सामान्य दूध उत्पादन से ज्यादा दूध बनाने लगता है, जिससे एक असंतुलन पैदा होता है। विशेष रूप से यदि मां पंपिंग करने का प्रयास करती है और ज्यादा दूध निकालने की कोशिश करती है, तो भी शरीर को यह संकेत मिलता है कि दूध का उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है।

यह समस्या उस समय और बढ़ सकती है जब मां बच्चे को बार-बार स्तनपान कराती है और साथ ही अपनी पूरी मिल्क सप्लाई को भी पंप करती रहती है। यदि सही तरीके से स्तनपान और पंपिंग तकनीक का पालन न किया जाए, तो दूध का उत्पादन असामान्य रूप से बढ़ सकता है।

Oversupply of Breast Milk

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2. हार्मोनल असंतुलन

शरीर में हार्मोनल असंतुलन भी ब्रेस्ट मिल्क की अधिकता का एक प्रमुख कारण हो सकता है। गर्भावस्था और प्रसव के बाद शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, और यदि ये बदलाव सही तरीके से संतुलित नहीं होते, तो यह दूध के उत्पादन को प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से, प्रोलैक्टिन हार्मोन (जो दूध का उत्पादन नियंत्रित यानी कंट्रोल करता है) की अधिकता से भी दूध का उत्पादन ज्यादा हो सकता है। हार्मोनल असंतुलन के कारण, कुछ महिलाओं में दूध का ज्यादा उत्पादन होने लगता है, जिससे न केवल उन्हें शारीरिक परेशानी होती है, बल्कि बच्चे के लिए भी यह एक चुनौती बन सकती है।

3. Galactagogue दवाइयों और सप्लीमेंट्स का ज्यादा उपयोग

Galactagogue दवाइयां और सप्लीमेंट्स, जिन्हें दूध के उत्पादन को बढ़ाने के लिए लिया जाता है, यदि इनका ज्यादा उपयोग किया जाए, तो यह भी ब्रेस्ट मिल्क की अधिकता का कारण बन सकता है। यह दवाइयां और सप्लीमेंट्स विशेष रूप से उन महिलाओं द्वारा उपयोग की जाती हैं, जिन्हें दूध की कमी की समस्या होती है। हालांकि, इन दवाओं का ज्यादा सेवन दूध के उत्पादन को असामान्य रूप से बढ़ा सकता है, जो कई बार समस्या पैदा कर सकता है।

निष्कर्ष

ब्रेस्ट मिल्क की ज्यादा सप्लाई का कोई एक निश्चित कारण नहीं होता, लेकिन उत्तेजना, हार्मोनल असंतुलन और Galactagogue दवाइयों का ज्यादा उपयोग जैसे कुछ प्रमुख कारण इस समस्या को जन्म देते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए यह जरूरी है कि मां डॉक्टर से सलाह लेकर सही सप्लीमेंट्स का ही उपयोग करें।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 22, 2025 09:02 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jan 22, 2025 09:02 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Tanima Singhal

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