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क्‍या विटामिन्स-मिनरल्स की गोलियां लेने से कम हो सकता है दिल के रोगों का खतरा? जानें डॉक्‍टर की राय

क्‍या व‍िटाम‍िन्‍स या सप्‍लीमेंट्स की गोल‍ियों का सेवन करने से हार्ट की बीमारी का खतरा कम होता है? जानते हैं डॉक्‍टर की राय।

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Sep 13, 2022Updated at: Sep 13, 2022
क्‍या विटामिन्स-मिनरल्स की गोलियां लेने से कम हो सकता है दिल के रोगों का खतरा? जानें डॉक्‍टर की राय

ऐसा माना जाता है क‍ि व‍िटाम‍िन्‍स और सप्‍लीमेंट्स की गोल‍ियां हार्ट के ल‍िए फायदेमंद होती हैं। लेक‍िन क्‍या सच में इनका सेवन करने का अच्‍छा असर हार्ट पर पड़ता है? आज के समय में हर बीमारी के ल‍िए कोई न कोई सप्‍लीमेंट बाजार में आसानी से उपलब्‍ध है और इसे खाने के ल‍िए डॉक्‍टर की सलाह भी लेने की जरूरत नहीं होती। लेक‍िन ब‍िना च‍िक‍ित्‍सा जांच के व‍िटाम‍िन्‍स या सप्‍लीमेंट्स का सेवन हार्ट के ल‍िए क‍ितना सेफ है ये हम आगे लेख में जानेंगे। 29 स‍ितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है और इसी कड़ी में हम आपको व‍िटाम‍िन्‍स-म‍िनरल्‍स और हार्ट के स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Asian Heart Institute, Mumbai के Senior Interventional Cardiologist Dr Tilak Suvarna से बात की।

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व‍िटाम‍िन गोल‍ियां हार्ट ड‍िसीज का खतरा कम करती हैं?

ऐसा नहीं है। सप्‍लीमेंट्स लेने से हार्ट ड‍िसीज का खतरा कम नहीं होता है। ऐसा माना जाता है क‍ि व‍िटाम‍िन सी और ई हार्ट के ल‍िए फायदेमंद व‍िटाम‍िन्‍स हैं, लेक‍िन इनकी गोल‍ियां खाने से हार्ट की बीमारी का खतरा कम होता है ऐसा क‍िसी स्‍टडी में अब तक साब‍ित नहीं क‍िया गया है। डॉक्‍टर की मानें, तो क‍िसी भी व‍िटाम‍िन का सेवन करके आप हार्ट की बीमारी को रोक नहीं सकते हैं। इसके उलट कुछ सप्‍लीमेंट्स का सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। हार्ट ड‍िसीज के खतरे को कम करने के ल‍िए कोलेस्‍ट्रॉल और डायब‍िटीज कंट्रोल में रखें। धूम्रपान का सेवन न करें और हेल्‍दी डाइट लें।  

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शरीर में व‍िटाम‍िन्‍स की कमी है?

ज्‍यादातर लोग जो हेल्‍दी डाइट लेते हैं, उससे ही उनके शरीर में जरूरी म‍िनरल्‍स और व‍िटाम‍िन्‍स की पूर्त‍ि हो जाती है। अगर आपके शरीर में क‍िसी व‍िटाम‍िन की कमी है, तो डॉक्‍टर की सलाह पर आप उस सप्‍लीमेंट का सेवन कर सकते हैं। हर क‍िसी को डॉक्‍टर सप्‍लीमेंट्स लेने की सलाह नहीं देते। सब्‍ज‍ियां, फल, नट्स, होल ग्रेन्‍स के आधार पर भी व‍िटाम‍िन्‍स की कमी पूरी की जाती है। 

ओमेगा 3 का सीम‍ित सेवन करें

एक र‍िसर्च के मुताब‍िक, ओमेगा 3 की गोल‍ियों में डोकोसाहेक्सिनोइक एसिड पाया जाता है। इसका सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। ओमेगा 3 फैटी एस‍िड का सेवन करने से शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल कम होता है और हार्ट हेल्‍दी रहता है लेक‍िन सप्‍लीमेंट्स का सेवन डॉक्‍टर की सलाह के बगैर करना खतरनाक हो सकता है।

कैल्‍श‍ियम के साथ व‍िटाम‍िन डी है नुकसानदायक 

आपको बता दें क‍ि कई स्‍टडी में ये बात कही गई है क‍ि कैल्‍श‍ियम के साथ व‍िटाम‍िन डी लेना हार्ट के ल‍िए फायदेमंद नहीं होता। इससे शरीर में ब्‍लड क्‍लॉट बन सकता है। ब्‍लड क्‍लॉट के कारण स्‍ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। एक्‍सपर्ट्स की मानें, तो व‍िटाम‍िन ए, व‍िटाम‍िन बी, व‍िटाम‍िन सी, व‍िटाम‍िन डी, व‍िटाम‍िन ई आद‍ि के सप्‍लीमेंट्स लेने से हार्ट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।    

व‍िटाम‍िन्‍स और सप्‍लीमेंट्स पर फोकस करने के बजाय आप संतुल‍ित डाइट लें ज‍िसमें फल, सब्‍ज‍ियां आद‍ि शाम‍िल करें। साथ ही द‍िल की बीमारी का खतरा कम करने के ल‍िए रोजाना कसरत करें।     

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