भारत में साल 2030 तक हार्ट अटैक से होंगी सबसे ज्यादा मौतें, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

Heart Attack Deaths: एक आंकड़े के मुताबिक साल 2030 तक भारत में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से सबसे ज्यादा मौतें होंगी, जानें क्यों?

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Sep 12, 2022Updated at: Sep 12, 2022
भारत में साल 2030 तक हार्ट अटैक से होंगी सबसे ज्यादा मौतें, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

Heart Attack Deaths in India: दुनियाभर में दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीते 5 सालों में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट की वजह से होने वाली मौतों में भी कई गुना इजाफा हुआ है। दिल से जुड़ी बीमारियों और इसकी वजह से होने वाली मौतों के आंकड़े बहुत चौंकाने वाले हैं। भारतीय लोगों के लिए यह बहुत चिंता की खबर है। दुनियाभर में दिल से जुड़ी बीमारियों से होने वाली मौतों के आंकड़े को देखें तो इसमें भारत का भी बहुत प्रमुख स्थान है। इसके अलावा हाल ही में कई डॉक्टर्स और वैज्ञानिकों ने लोगों को चेतवानी देते हुए कहा है कि साल 2030 तक भारत में हार्ट डिजीज के कारण होने वाली मौतों का आंकडा दुनियाभर में सबसे ज्यादा होगा। भारतीय लोगों में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का खतरा अन्य देशों की तुलना में बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। एनसीबीआई पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक आने वाले कुछ सालों में भारत का हर चौथा व्यक्ति दिल से जुड़ी बीमारियों का शिकार होगा।

भारत में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से मौत का खतरा सबसे ज्यादा

जयदेव इंस्टीट्यूट आफ कार्डियोवास्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च के निदेशक डॉ डा सीएन मंजूनाथ ने एक कार्यक्रम में चेतवानी देते हुए लोगों को कहा था, कि भारत में साल 2030 तक हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट की वजह से होने वाली मौतों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा होगी। इसका प्रमुख कारण भारतीय लोगों में तेजी से बढ़ती तनाव की समस्या और असंतुलित खानपान है। दुनिया के अन्य देशों की तुलना में भारत में लोग कम उम्र में ही हार्ट डिजीज का शिकार हो रहे हैं, जिसके देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारत में हार्ट डिजीज से पीड़ित लोगों की संख्या भी सबसे ज्यादा होगी। कुछ शोध और अध्ययनों में भी इस बात की पुष्टि की गयी है कि भारत में हार्ट डिजीज का खतरा पश्चिमी देशों की तुलना में ज्यादा है।

Heart Attack Deaths in India

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पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा खतरा

Journal Heart Rhythm में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों की तुलना में महिलाओं को हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का खतरा ज्यादा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रात में सोते समय महिलाओं में कार्डियक अरेस्ट के मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं। इसके अलावा European Heart Journal में प्रकाशित एक रिपोर्ट में भी यह कहा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान भी हार्ट अटैक की वजह से महिलाओं की मौत ज्यादा हुई है। ऐसे में यह कहा जा रहा है कि आने वाले समय भी कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक का खतरा पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा है।

कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के कारण- Heart Attack Causes in Hindi

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट दिल से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। इस स्थिति में मरीज के हार्ट में मौजूद ब्लड और ऑक्सीजन की सप्लाई करने वाली धमनियां ब्लाक हो जाती हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लॉकेज की वजह से यह खतरा बहुत ज्यादा हो जाता है। भारतीय लोगों में कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के खतरे के कुछ प्रमुख कारण इस तरह से हैं-

  • बढ़ता तनाव और प्रेशर
  • आर्थिक स्थिति
  • खानपान में गड़बड़ी
  • भागदौड़ भरी जीवनशैली
  • पोस्ट कोविड इफेक्ट्स
  • आनुवंशिक कारण

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए खानपान और जीवनशैली में सुधार बहुत जरूरी है। हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों की शुरुआत होने से पहले कई लक्षण दिखाई देते हैं। इन लक्षणों को समय पर पहचानकर इलाज लेने से आप इन समस्याओं के शिकार होने से बच सकते हैं।

(Image Courtesy: Freepik.com)

 
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