हार्ट अटैक के प्रकार: एक्सपर्ट से जानें कितने प्रकार का होता है हार्ट अटैक और इन्हें पहचानने का संकेत

 हार्ट अटैक के प्रकार: हार्ट अटैक के प्रकार हर किसी में अलग हो सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Feb 28, 2022 13:51 IST
हार्ट अटैक के प्रकार: एक्सपर्ट से जानें कितने प्रकार का होता है हार्ट अटैक और इन्हें पहचानने का संकेत

हार्ट अटैक एक जानलेवा स्थिति है। ये कभी भी और किसी को भी हो सकती है। खास कर कि इस खराब और स्ट्रेस भरी लाइफस्टाइल के कारण। दरअसल, हार्ट अटैक तब होता है जब आपके ब्लड वेसेल्स ब्लॉक हो जाते हैं और दिल तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही से नहीं पहुंच पाता है। ये ज्यादातर ऑर्टरी में ब्लॉकेज के कारण होता है। तो, कई बार ब्लड वेसेल्स में हाई कोलेस्ट्रॉक के कारण प्लॉक जमने से भी ये समस्या हमारे सामने आती है। पर हार्ट अटैक को लेकर सबसे जरूरी बात ये है कि हर किसी को इसके लक्षणों को बिना देरी लगाए पहचानने की कोशिश करनी चाहिए और अपना इलाज करवाना चाहिए। ये तमाम लक्षण हार्ट के प्रकार (Types of Heart attack) पर भी निर्भर करते हैं, जिसके बारे में जानना बेहद जरूरी है। इसी बारे में हमने डॉ. विशाल रस्तोगी (Dr. Vishal Rastogi) अतिरिक्त निदेशक, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी एंड हार्ट फेल्योर प्रोग्राम, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट ओखला नई दिल्ली से बात की।

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डॉ. विशाल रस्तोगी बताते हैं कि हार्ट अटैक आमतौर पर दो तरीके का होता है, जिसमें कि एक होता है साइलेंट हार्ट अटैक जिसमें कि व्यक्ति में कोई लक्षण नजर नहीं आता और दूसरा होता है लक्षणों के साथ आने वाला हार्ट अटैक। साइलेंट हार्ट अटैक  डायबिटीज, स्मोकिंग, मोटापा, खराब लाइफस्टाइल के कारण ज्यादा होता है, जिसमें कि शरीर को पता नहीं चल पा रहा होता है कि हो क्या रहा है और अचानक से हार्ट अटैक हो जाता है। दूसरे में शरीर में हार्ट अटैक के कई लक्षण महसूस होते हैं। जैसे कि सीने में दर्द होना, बेचैनी, घबराहट और तमाम प्रकार की अन्य समस्याएं। ऐसे में ये बेहद जरूरी है कि आप इन सबके बारे में जानें और हार्ट अटैक के प्रकारों के बारे में विस्तार से समझें।

हार्ट अटैक के प्रकार- Types of Heart Attack in hindi

1. क्लासिक हार्ट अटैक

क्लासिक हार्ट अटैक वो है जिसे आप बेसिक हार्ट अटैक भी कह सकते हैं। इसमें कोरोनरी धमनियां पूरी तरह से ब्लॉक हो जाती हैं और शरीर के बड़े हिस्से तक खून नहीं पहुंच पाता है। इससे दिल की मांसपेशियों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है और इस वजह से हार्ट अटैक आ जाता है। इसे पहचानने के लिए आपको इसके लक्षणों के बारे में जानना चाहिए। जैसे कि

  • -सीने में बेचैनी को तेज दर्द के बजाय दबाव या जकड़न महसूस होना
  • -एक या दोनों बाहों या पीठ, गर्दन या जबड़े में दर्द महसूस करना
  • - मिचलाना
  • -सांस लेने में कठिनाई
  • -चिंता
  • -चक्कर आना 

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2.  बिना ब्लॉकेज के होने वाला साइलेंट हार्ट अटैक 

बिना ब्लॉकेज के होने वाला साइलेंट हार्ट अटैक को मेडिकल टर्म में एनजाइना (angina) कहते हैं। इसमें व्यक्ति को आमतौर पर ज्यादा कुछ समझ में नहीं आता और कई बार बस मांसपेशियों में दर्द और अपच जैसे लक्षण महसूस होते हैं। यह तब होता है जब हृदय की धमनियों में से एक इतना सख्त हो जाता है कि रक्त प्रवाह रुक जाता है या बहुत कम हो जाता है। ये बहुत कम समय का लेकिन जानलेवा हो सकता है। इसे कई बार सिर्फ डॉक्टर की जांच के जरिए जान सकते हैं। 

3.  ऑक्सीजन की कमी से हार्ट अटैक

ऑक्सीजन की कमी से भी लोगों को हार्ट अटैक होता है। ऐसे में दिल का दौड़ा किसी को भी हो सकता है।  ऐसे में दिल दौड़ा तब पड़ता है जब  हृदय को उससे अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है जो उसे मिल सकती है। इस प्रकार का दिल का दौरा ऑक्सीजन की मांग की समस्या है, जिसके परिणामस्वरूप ब्लड सर्कुलेशन अधिक आवश्यकता होती है।

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4. एंजियोप्लास्टी के दौरान दिल का दौरा होना

दिल का दौरा जो एंजियोप्लास्टी के कारण होता है, ये एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें ट्यूब डाल कर ब्लॉकेज हटाई जाती है। इसमें कई बार ट्रोपोनिन प्रोटीन स्तर बढ़ा हुआ नजर आता है। इससे दिल अचानक से दिल का दौरो होता । 

ऐसे में इन तमाम प्रकारों के दिल के दौरे के बारे में जानें और इनके संकेतों को कभी भी नजरअंदाज ना करें। साथ ही कोशिश करें कि आप दिल की बीमारियों से बचे रहें। ऐसे में दिल को हेल्दी रखने के लिए कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करें, डायबिटीज कंट्रोल करें, लाइफस्टाइल सही करें और मोटापे व  स्मोकिंग से बचें।

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