14 दिनों तक कोरोना वायरस से लड़कर जंग जीतने वाले कर्नाटक के पहले मरीज की कहानी पढ़ें, डरना छोड़ देंगे आप

कोरोना वायरस के कारण जब लोग डरे हुए हैं, तब पीके वेंकट की ये कहानी एक उम्मीद बनकर आपके सामने है कि कोरोना को हराया जा सकता है, बस सही निर्णय लें।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Apr 02, 2020
14 दिनों तक कोरोना वायरस से लड़कर जंग जीतने वाले कर्नाटक के पहले मरीज की कहानी पढ़ें, डरना छोड़ देंगे आप

कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में जो हालात बने हुए हैं, उसे लेकर बहुत सारे लोगों के मन में डर बैठ गया है। भारत में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसी बीच अच्छी खबर ये है कि बहुत सारे लोग ठीक होकर अपनी सामान्य जिंदगी में वापस लौट रहे हैं। WHO ने भी कहा है कि कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले ज्यादातर मरीजों को बेहद सामान्य समस्याएं होती हैं, जैसे- बुखार, जुकाम, खांसी, नाक बहना आदि। खतरा उन लोगों के लिए ज्यादा है, जो पहले से ही किसी बीमारी का शिकार हैं या जिनकी इन्यूनिटी कमजोर है।

मिलिए पीके वेंकट से, जिन्होंने कोरोना वायरस को हराया है

आज हम आपसे एक ऐसे शख्स को मिलवाने जा रहे हैं, जो कर्नाटक के सबसे पहले कोरोना वायरस के शिकार थे। लेकिन 14 दिनों के आइसोलेशन और इलाज के बाद अब वो पूरी तरह ठीक हैं। ये हैं पी.के. वेंकट, जो बेंगलुरु के राजा राजेश्वरी नगर के रहने वाले हैं। उनका इलाज बेंगलुरु के 'राजीव गांधी चेस्ट हॉस्पिटल' में किया गया है। वेंकट ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो जारी कर कोरोना वायरस के चपेट में आने से लेकर इलाज और डिस्चार्ज होने तक की कहानी बताई है। ये कहानी कोरोना वायरस के कारण आपके मन में जो डर बैठा है, उसे खत्म करेगी, इसलिए हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

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यूएस से लौटे तो आया बुखार, लेकिन समझदारी से लिया काम

पीके वेंकट ने बताया कि वो शुरुआती मार्च में ऑफिस ट्रिप के लिए यूएस गए हुए थे और फिर लंडन के हीथ्रो एयरपोर्ट से वापस भारत लौटे थे। लौटने के साथ ही उन्हें बुखार आना शुरू हो गया। एयरपोर्ट पर डॉक्टर्स ने उन्हें चेक किया तो हल्का बुखार था, लेकिन वहां से उन्हें घर जाने दिया गया। घर लौटने पर पहले उन्हें लगा कि ये फ्लू है, इसलिए उन्होंने कुछ दवाएं ले लीं। लेकिन वेंकट बताते हैं कि उन्हें इस बात का संदेह हो गया था कि कुछ गड़बड़ है, इसलिए उन्होंने परिवार के दूसरे सदस्यों से दूरी बनाई और खुद घर के एक कमरे में अलग रहने लगे।

फैमिली को बचा लिया, इसकी खुशी रही

इसके बाद उन्होंने थोड़ी रिसर्च की पता लगाया कि कोरोना वायरस की जांच कहां हो सकती है। इसके बाद वो राजीव गांधी हॉस्पिटल गए, वहां डॉक्टर्स को अपनी केस हिस्ट्री बताई और डॉक्टर ने उन्हें कुछ दवाएं दी और जांच के लिए सैंपल ले लिए। अगली दोपहर डॉक्टर ने उन्हें फोन करके बताया कि उनमें कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया है और उनका वायरस लोड बहुत हाई है। इसलिए उन्हें अस्पताल में भर्ती होने पड़ेगा। वेंकट बताते हैं कि वो घबराए नहीं, क्योंकि उन्हें लगा कि खुद को अलग रखकर उन्होंने अपनी फैमिली को इस वायरस से बचा लिया है।

14 दिनों तक आइसोलेशन में वायरस से लड़ते रहे

अस्पताल की तरफ से वेंकट को ले जाने के लिए एंबुलेंस भेजी गई और उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। वेंकट बताते हैं कि आइसोलेशन वॉर्ड उस समय तैयार ही किए जा रहे थे, इसलिए पहले दिन उन्हें थोड़ी परेशानी हुई। मगर अगले दिन उन्हें एक अच्छे रूम में शिफ्ट कर दिया गया, जहां सुविधाएं अच्छी थीं। डॉक्टर्स ने वेंकट को कुछ दवाएं और एंटीबायोटिक्स दीं, ताकि उन्हें सेकेंड्री इंफेक्शन का खतरा न हो। इसके अलावा डॉक्टर्स ने बुखार कम करने की दवाएं दीं। 14 दिनों तक वो आइसोलेशन वार्ड में रहे। उन्होंने बताया कि थोड़ी मुश्किल तो थी क्योंकि बुखार सुबह तेज रहता था, लगभग 102 डिग्री के आसपास और पूरे दिन 100 से ऊपर ही शरीर का तापमान बना रहता था। लेकिन उनका इलाज चलता रहा। 2 सप्ताह के इलाज के बाद वेंकट का बुखार ठीक होने लगा और दोबारा टेस्ट में उनका कोरोना वायरस निगेटिव आया।

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बुखार का मतलब है आपका शरीर वायरस से लड़ रहा है

वेंकट बताते हैं कि कोरोना वायरस के मरीजों को डरने की जरूरत नहीं है। सही समय से इलाज के द्वारा वे जल्द ही ठीक हो सकते हैं। वो कहते हैं कि बुखार को लेकर मरीज को चिंतित नहीं होना चाहिए क्योंकि ये इस बात का संकेत है कि उनका शरीर वायरस से लड़ रहा है। वो कहते हैं, "हमारी बॉडी बहुत समझदार है, उसे थोड़ा टाइम दें, वो बीमारी से खुद ही लड़ लेगी। आप जल्द ही इन सबसे बाहर निकल आएंगे।" वेंकट कहते हैं कि टेस्ट और इलाज के अलावा आपको किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

वेंकट के अनुसार आप अपने आप को आइसोलेट करते समय 3 बातों का ध्यान रखें।

  • मास्क पहनें, ताकि दूसरे लोग आपके द्वारा संक्रमित न हों।
  • अपने हाथ धोएं। बिना हाथ को धोए अपने मुंह, नाक और आंखों को न छुएं।
  • और सबसे जरूरी कि आप अपने इस्तेमाल की सभी चीजों को अलग रखें।

Credits- PK venkat

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