तुकमलंगा या तूतमलंगा के बीज सेहत के लिए औषधि की तरह काम करते हैं। तुकमलंगा के बारे में लोगों को जानकारी कम होती है इसलिए लोग इसे सामान्य बीज समझकर नजरअंदाज कर देते है। इसका इस्तेमाल बवासीर और दस्त आदि की समस्या में बहुत फायदेमंद माना जाता है। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, तुकमलंगा पाचन को बेहतर करने में मदद करता है, जिससे शरीर की इम्यूनिटी भी अच्छी होती है। यहां आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा से विस्तार से जानते हैं तुकमलंगा के फायदे और नुकसान के बारे में।
तुकमलंगा के फायदे (Tukmalanga Benefits And Uses In Hindi)
आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि तुकमलंगा को आम भाषा में लोग तुलसी या सब्जा के बीज के नाम से भी जानते हैं। पानी में भिगोने पर ये बीज फूल जाते हैं और इनके चारों ओर जेल जैसी परत बन जाती है। आयुर्वेद में इनका उपयोग शरीर की गर्मी शांत करने और पाचन को बेहतर बनाए रखने के लिए किया जाता है। फाइबर से भरपूर होने के कारण ये बीज पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में भी मदद कर सकते हैं। हालांकि, इनका सेवन सही तरीके से और सीमित मात्रा में करना जरूरी है।
1. तूतमलंगा यानी तुकमलंगा में सेहत के लिए फायदेमंद फाइबर की पर्याप्त मात्रा होती है। इसका नियमित रूप से सेवन आपके शरीर को पोषण देने का काम करता है और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं में बहुत उपयोगी माना जाता है। कब्ज की समस्या में तूतमलंगा का सेवन बहुत उपयोगी माना जाता है। इसका नियमित रूप से सेवन करने से भोजन के डाइजेशन की प्रोसेस ठीक होती है और कब्ज, गैस और ब्लोटिंग की समस्या में फायदा मिलता है। आप एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर इसका सेवन कर सकते हैं।
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2. शरीर में खून की कमी यानि एनीमिया की समस्या में तुकमलंगा का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके सेवन से एनीमिया की समस्या को दूर करने में फायदा मिल सकता है। इसमें आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है जो एनीमिया की समस्या को दूर करने के लिए उपयोगी मानी जाती है।
3. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी बढ़ाने के लिए भी तुकमलंगा बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करते हैं और शरीर को बीमारियों की चपेट में आने से बचाते हैं।
4. बवासीर की समस्या में तुकमलंगा का इस्तेमाल बहुत उपयोगी माना जाता है। इसमें मौजूद औषधीय गुण बवासीर के मरीजों के लिए बहुत उपयोगी माने जाते हैं। बवासीर में तुकमलंगा के बीजों का इस्तेमाल किया जाता है। आप इस समस्या में तुकमलंगा का इस्तेमाल करने से पहले एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
5. फाइबर से भरपूर होने के कारण तुकमलंगा के बीज पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। इससे बार-बार भूख लगने या बीच-बीच में कुछ खाने की आदत को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वजन घटाने के लिए केवल इन बीजों का सेवन पर्याप्त नहीं है।
Tukmalanga ke fayde
साल 2021 में Foods जर्नल में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, तुलसी के बीज (Basil seeds) सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं। हालांकि इनके पोषण और गुणों पर कम ध्यान दिया गया है, लेकिन इनमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, मिनरल्स और कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं। तुलसी के बीजों का सेवन करने से डायबिटीज से बचाव, दिल की सुरक्षा और शरीर में सूजन व एंटीऑक्सीडेंट से जुड़ी कई समस्याओं में फायदा मिलता है। यही वजह है कि इन्हें एक बेहतरीन 'फंक्शनल फूड' (functional food) के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जो हमारे स्वास्थ्य को सुधारने में बहुत मददगार साबित हो सकते हैं।
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तुकमलंगा के नुकसान (Tukmalanga Side Effects in Hindi)
तुकमलंगा का इस्तेमाल शरीर से कई समस्याओं को दूर करने के लिए औषधि के रूप में किया जाता है। कई गंभीर समस्याओं को दूर करने के लिए तुकमलंगा के बीज फायदेमंद भी होते हैं लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। कुछ लोगों को तुकमलंगा का सेवन करने से एलर्जी हो सकती है।
इसलिए ऐसे लोगों को इसके बीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी तूतमलंगा यानी तुकमलंगा का सेवन डॉक्टर की सलाह अनुसार ही करना चाहिए।
तुकमलंगा को अपनी डाइट में शामिल करने का सही तरीका
तुकमलंगा के बीजों को पर्याप्त पानी में भिगोकर इस्तेमाल करना बेहतर (How to consume Tukmalanga) होता है। इन्हें पानी में डालकर तब तक रखें, जब तक ये अच्छी तरह फूल न जाएं और इनके चारों ओर जेल जैसी परत न बन जाए। इसके बाद इन्हें पानी, दूध में मिलाकर लिया जा सकता है। इनका सेवन कितनी मात्रा में करना चाहिए, यह व्यक्ति की उम्र, हेल्थ कंडीशन और पाचन क्षमता पर निर्भर करता है। इसलिए शुरुआत कम मात्रा से करें और पर्याप्त पानी पिएं। किसी खास बीमारी के इलाज के लिए इनका सेवन करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें।
निष्कर्ष
तुकमलंगा यानी सब्जा बीज फाइबर का एक अच्छा सोर्स हो सकते हैं और इन्हें बैलेंस डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। ये पाचन को बेहतर बनाए रखने, पेट भरा महसूस कराने और कब्ज से बचाव में मदद कर सकते हैं। इन्हें किसी बीमारी का इलाज न समझें। प्रेग्नेंसी, स्तनपान, एलर्जी या किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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FAQ
तुकमलंगा क्या होता है?
तुकमलंगा के बीज आमतौर पर छोटे, काले रंग के होते हैं। पानी में डालने पर इनके चारों ओर जेल जैसी परत बन जाती है।क्या तुकमलंगा के बीज रोज खाए जा सकते हैं?
इन्हें सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है, लेकिन रोज सेवन करने की उचित मात्रा व्यक्ति की सेहत और पाचन क्षमता पर निर्भर करती है।क्या तुकमलंगा के बीजों को दूध में मिलाकर पी सकते हैं?
हां, अच्छी तरह भीगे हुए बीजों को दूध में मिलाकर लिया जा सकता है।
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Oct 26, 2026 18:49 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Oct 26, 2026 18:49 IST
Modified By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey SharmaMar 15, 2022 00:00 IST
Published By : Prins Bahadur Singh
