तनाव से सिरदर्द? घर पर इसे तरह करें आयुर्वेदिक मसाज और पाएं स्पा जैसे आराम, जानें किन चीजों की पड़ेगी जरूरत

घर पर काम के दौरान अक्सर हम थक जाते हैं और हमारे सिर में दर्द होने लगता है। आयुर्वेदिक तरीके से दूर करें इस समस्या।    

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaUpdated at: Jun 05, 2020 11:27 IST
तनाव से सिरदर्द? घर पर इसे तरह करें आयुर्वेदिक मसाज और पाएं स्पा जैसे आराम, जानें किन चीजों की पड़ेगी जरूरत

हममें से बहुत से लोग लॉकडाउन के दौरान घर से काम कर रहे हैं। ये भी लाजमी है कि इस कारण हम सामान्य से अधिक घंटे भी काम कर रहे हैं। लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठे रहना, काम का दबाव और घर के काम का प्रबंधन आपके दैनिक तनाव को बढ़ा सकता है। बढ़ते तनाव को देखते हुए आप में से कई लोग स्पा में जाने और डिटॉक्सिंग हेड मसाज लेने के मूड में होंगे। हालांकि बाहर कदम रखना पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है, लेकिन फिर भी आप तनाव को दूर करने और दिन भर की थकान से आराम पाने के लिए दिन के अंत में अपने आप को फिर से जिंदा महसूस करने के लिए आयुर्वेद के प्राचीन विज्ञान की मदद से घर पर ही स्पा जैसा मसाज कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि कैसे संभव हो सकता है ऐसा।     

headache

कैसे मदद कर सकता है आयुर्वेद 

आयुर्वेद के अनुसार, हमारी त्वचा की सतह पर लाखों संवेदी न्यूरॉन्स मौजूद होते हैं जो नकारात्मक तनाव और प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स को खत्म करने के लिए शक्तिशाली चैनल के रूप में काम रते हैं। इसके लिए आपको बस अपने शरीर को शांत करने के लिए सही बिंदुओं को दबाना है और मालिश करनी है। एक पारंपरिक उपाय के रूप में, आयुर्वेद नियमित से खुद ही मालिश या आयुर्वेद की भाषा में रहें 'अभ्यंग' के अभ्यास पर भी जोर देता है। सही तरह के तेल की मदद से चिकित्सीय मालिश न केवल शरीर के रिसेप्टर बिंदुओं से तनाव और चिंता को दूर कर सकती है बल्कि ये टॉक्सिन बिल्ड-अप को भी दूर कर सकती है और पुराने से पुराने संक्रमण के चपेट में आने के जोखिम को कम कर सकती है। नियमित रूप से खुद की मालिश करने से भी आपकी इम्यूनिटी मजबूत होती है। खुद से मालिश आपके शरीर के दोषों को भी शांत कर सकती है, थकान को दूर कर सकती है और नर्व चैनलों के आसपास रक्त परिसंचरण को बढ़ा सकती है। इतना ही नहीं खुद से मालिश करने पर मानसिक सतर्कता बढ़ती है, मांसपेशियों नरम बनती है और कई बीमारियों से छुटकारा दिला सकती है। 

इसे भी पढ़ेंः पायरिया के लक्षण हैं मसूड़ों में सूजन, खून आना और मुंह की दुर्गंध- जानिए इसके आयुर्वेदिक उपचार

कुछ आसान टिप्स के साथ आप घर पर अपने सिर की मालिश कर सकते हैं, इसके लिए आपको जिन चीजों की आवश्यकता होगी वह हैं:

  • घर पर सिर की मालिश करना एक सस्ती चिकित्सा है, जिसके लिए आपको केवल कुछ सरल चीजों की आवश्यकता होती है जैसे
  • योग मैट, अगर आप लेटकर मालिश करना पसंद करते हैं।
  • एक तौलिया और एक आई मास्क 
  • एसेंशियल ऑयल   

 sirdard

कैसे करें शुरू

अपने आराम के लिए आप इस मालिश को लेट कर या सीधे बैठकर भी कर सकते हैं।

अपने बालों को माथे से दूर रखें। अपने पोर ( knuckles) का उपयोग करते हुए धीरे-धीरे टेम्पल के चारों ओर दबाव बढ़ाएं। जिस तरफ आप थोड़ा आराम महसूस करते हैं, वहीं तेल की कुछ बूंदें डालें। पहले अपने हाथों के बीच तेल रगड़ें और ध्यान रखें कि तेल आपकी भौंहों के बीच इकट्ठा हो। अगर आपको ये प्रक्रिया थकाऊ लग रही है तो आप इसमें किसी और की भी मदद ले सकते हैं।  

धीरे-धीरे गोल-गोल तरीके से अपनी उंगलियों का उपयोग कर मसाज करें।

स्कैल्प वाले क्षेत्र की भी मालिश करें। कम से कम 5 मिनट के लिए गोल-गोल तरीके से मालिश करते रहें। हल्के दबाव का प्रयोग करें। आपका ध्यान मांसपेशियों और ऊतकों के आसपास तनाव जारी रखने पर होना चाहिए।

अपने हाथों को पीछे की ओर ले जाएं और स्कैल्प के नीचे मालिश करना शुरू करें। आप कंधे और कॉलरबोन क्षेत्र के आसपास भी दबाव जारी करने के लिए उसी मालिश तकनीक का उपयोग कर सकते हैं। आप चाहे तो मजबूत यहां पर मजबूत हाथ का प्रयोग कर सकते हैं और दबाव थोड़ा अधिक बढ़ा सकते हैं। अपने बाएं हाथ को अपने दाहिने कंधे पर अपनी गर्दन के पास रखें। इस चक्र को कुछ समय के लिए दोहराएं। अंत में, अपने हाथों को पूरे सिर पर हल्के से रगड़ें। 

एक बार हो जाने के बाद, इस विश्राम की स्थिति में 15 मिनट तक रहें। अपनी आंखें बंद करें और आराम करें।   

इसे भी पढ़ेंः घर के बने किसी भी खाने में डाल देंगे ये 5 चीजें तो खाना बन जायेगा हेल्दी, दूर रहेंगी कई बीमारियां

मालिश के लिए सही तेल कौन सा है?

परंपरागत रूप से, आयुर्वेद में शिरोधारा पॉट के उपयोग कर प्रभावित हिस्से पर तेल डाला जाता है।

भले ही आप बाजार में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के तेलों का उपयोग र सकते हैं लेकिन यह समझना महत्वपूर्ण है कि विभिन्न प्रकार के तेल अलग-अलग उद्देश्य की पूर्ति करते हैं। उपयोग करने से पहले किसी भी तेल के गुणों के बारे में जानकारी हासिल करना महत्वपूर्ण है।

नारियल के तेल का उपयोग, जो आमतौर पर आयुर्वेदिक प्रथाओं में किया जाता है, चिकित्सा को बढ़ावा देता है और शरीर को ठंडा भी करता है। यह शरीर के लिए लाभकारी पोषक तत्वों से भरा हुआ होता है। चूंकि यह आमतौर पर आसानी से उपलब्ध होता है इसलिए इसका आप उपयोग कर सकते हैं।

तिल का तेल एक और तेल है, जिसका आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है। ये मालिश और अन्य चिकित्सीय जरूरतों के लिए अच्छा है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दर्द से राहत देते हैं और साथ ही शरीर में महत्वपूर्ण मांसपेशियों के आसपास तनाव को कम करते हैं। इसी कारण से इसे सूजन के इलाज के लिए एक घरेलू उपचार के रूप में भी उपयोग किया जाता है।         

कुछ लोग देसी घी का उपयोग करना भी पसंद करते हैं, जो संवेदी रिसेप्शन के निर्माण में सहायक माना जाता है। ये तंत्रिका विकास और मस्तिष्क कोशिकाओं के काम करने में सुविधा प्रदान करता है।

अगर उपलब्ध हो, तो आप अधिकतम लाभ के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों (जैसे महानारायण या ब्राह्मी तेल) का उपयोग भी कर सकते हैं।       

Read More Articles on Ayurveda in Hindi 

Disclaimer