बच्चों के लिए टेबल मैनर्स: बच्चों को शुरू से सिखाएं खाने-पीने से जुड़ी ये 10 अच्छी आदतें, लोग करेंगे तारीफ

अगर बच्चों में बचपन से ही खाने-पीने की अच्छी आदतें को विकसित किया जाए तो वह आगे चलकर आने वाली पीढ़ी में इन आदतों का विकास कर सकते हैं।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jul 12, 2021Updated at: Jul 12, 2021
बच्चों के लिए टेबल मैनर्स: बच्चों को शुरू से सिखाएं खाने-पीने से जुड़ी ये 10 अच्छी आदतें, लोग करेंगे तारीफ

अगर बचपन से ही बच्चों में अच्छी आदतें डाली जाएं तो बड़े होकर वे न केवल जिम्मेदार बनते हैं बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ी में भी उन अच्छी आदतों का विकास करते हैं। खाने-पीने से जुड़ीं कुछ ऐसी आदते होती हैं, जिनके बारे में बच्चों को बचपन से ही पता होना जरूरी है। माता-पिता की जिम्मेदारी है कि बच्चों को उन आदतों के बारे में बताना। आज का हमारा लेख उन्हीं आदतों पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि बच्चों के लिए खाने की ऐसी कौन सी अच्छी आदतें हैं, जिनके बारे में बचपन से ही उनकी दिनचर्या में जोड़ना जरूरी है। इसके लिए हमने न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल ( wellness expert and nutritionist varun katyal) से भी बात की है।  पढ़ते हैं आगे...

 

1 - धीरे-धीरे भोजन खाना

बचपन में बच्चों को नहीं पता होता कि उन्हें कितनी बार अपने खाने को चबाना चाहिए और किस प्रकार खाना खाना चाहिए। ऐसे में बच्चों को बताएं कि उन्हें खाने को 32 बार चबाना है। साथ ही खाने को धीरे-धीरे चबाना जरूरी है। साथ ही उनके अंदर धीरे खाना खाने की आदत को विकसित करें। अक्सर बच्चे बचपन में जल्दी-जल्दी भोजन खाना शुरू कर देते हैं। इसके कारण उन्हें पूरा पोषण नहीं मिलता और उनकी पाचन क्रिया भी सही नहीं रहती। ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को धीरे-धीरे खाना सिखाएं।

2 - खाते समय ना बोलना

अगर बच्चे किसी के साथ खाना खा रहे हैं तो वे साथ बैठे व्यक्ति से बोलना शुरू कर देते हैं। बता दें कि ऐसा करने से भी बच्चों के लिए जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते क्योंकि बोलने के कारण भी बच्चे जल्दी जल्दी खाना शुरू कर देते हैं। दूसरी तरफ खाते समय बोलने से आहार उनकी सांस की नली में भी अटक सकता है। ऐसे में बच्चों को सिखाएं कि खाते समय बोलना उनकी सेहत के लिए बुरा साबित हो सकता है।

इसे भी पढ़ें- अपने बच्चे में इन 8 तरीकों से बढ़ाएं आत्मविश्वास

3 - खाने से पहले हाथ धोना

  • सबसे मुख्य आदतों में आता है खाने खाने से पहले हाथ धोना और खाना खाने के बाद हाथ धोना। इस आदत का विकास बच्चों में होना बेहद जरूरी है।
  • बच्चों को समझाएं कि अगर वह खाना खाने से पहले हाथ नहीं धोते हैं तो इससे कीटाणुओं का खतरा बढ़ सकता है।
  • इसके अलावा खाना खाने के बाद भी हाथ धोना जरूरी है। नहीं तो अगर वह हाथ, आंख, नाक या कान में चला जाए तो इससे समस्या पैदा हो सकती है।

4 - समय-समय पर पानी पीना

बच्चे खेलने, कूदने और पढ़ाई के कारण खुद का ध्यान रखना भूल जाते हैं। ऐसे में माता-पिता का फर्ज है कि वो उन्हें पानी पीने के लिए प्रोत्साहित करें। अगर बच्चा खेल कर बाहर से आ रहा है तो उसे बताएं कि पानी पीने से उनका शरीर हाइड्रेटेड रहेगा। ऐसे में माता-पिता बच्चों को खुद पानी देने की बजाय उन्हें सिखाएं कि वह खुद अपने लिए एक गिलास पानी लें। उन्हें बताएं कि दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना जरूरी है। ऐसे में उनके लिए अलार्म भी सेट कर सकते हैं, जिसके बजते ही बच्चे खुद पानी पिएं।

इसे भी पढ़ें- बच्चों की याददाश्त बढ़ाने के लिए 12 घरेलू उपाय, जिन्हें वैज्ञानिक भी मानते हैं सही

5 - बच्चे को संतुलित आहार देना

बच्चों को संतुलित आहार देना भी जरूरी है। ऐसे में आप उनके लंच में या डिनर में कुछ ऐसे पोषक तत्व जोड़ें, जिससे ऊर्जा और मानसिक विकास हो सके। आप चाहे तो उनकी दिनचर्या में हरी सब्जी, फल, अंडे, दूध, दही आदि चीजों को अलग-अलग तरीकों से या अलग अलग रेसिपी के माध्यम से जोड़ सकते हैं। ऐसा करने से ना केवल बच्चों का मानसिक विकास होगा बल्कि वे खुद को एनर्जेटिक भी पाएंगे।

6 - बच्चे के खाने का समय निर्धारित करना

खाना खाने के साथ-साथ बच्चों को पता होना चाहिए कि उनके खाने का सही समय क्या है। ऐसे में आप ब्रेकफास्ट, लंच, स्नैक्स और डिनर के लिए बच्चों का एक डेली रूटीन तैयार करें और उन्हें रोज उसी समय खाना दें। ऐसा करने से न केवल उनका स्वास्थ्य सही रहेगा बल्कि उन्हें उसी वक्त भूख लगेगी।

7 - खाने के महत्व को समझाएं

  • बच्चों का विकास तभी हो सकता है जब उन्हें खाने का महत्व पता हो।
  • उन्हें सिखाएं खाने को बर्बाद करना सही नहीं होता है।
  • अगर आपका खाना एक्स्ट्रा है तो आप किसी जरूरतमंद को बचे खाने को दे सकते हैं।
  • ऐसा करने से न केवल बच्चे खाने का मोल जान पाएंगे बल्कि उनके अंदर शेयरिंग की भावना भी आएगी।

इसे भी पढ़ें- क्या आपका बच्चा करता है नॉन-स्टॉप बात? इन 7 तरीके से बदलें ये आदत

8 - बाहर के खाने की आदत छुड़वाना

कुछ बच्चों को बचपन से ही आदत होती है कि वह जंक फूड का ज्यादा सेवन करना शुरू कर देते हैं जैसे- टॉफी, चॉकलेट, बरगर, पिज्जा कैंडी या कुछ चटपटा। कभी-कभी इस खाने को खाने में बुराई नहीं है लेकिन रोज रोज खाने से सेहत बिगड़ सकती है। ऐसे में बच्चों को बताएं कि बाहर के खाना हफ्ते में केवल एक बार ग्रहण करना सही है। लेकिन रोज रोज घर के खाने का ही सेवन करें। ऐसा करने से उनकी सेहत सही रहेगी।

9 - टीवी देखते समय खाना ना खाएं

कुछ बच्चों की आदत होती है कि वे टीवी देखते-देखते खाना खाते हैं। ऐसे में उन्हें पता ही नहीं है कि वह क्या खा रहे हैं या खाना इधर गिरने लगता है। ऐसे में जब भी बच्चा खाना खाए तो आसपास टीवी, मोबाइल या लैपटॉप ऐसी चीजों को हटा दें, जिससे उनका पूरा ध्यान खाने में रहे। ऐसा करने से न केवल बच्चे खाने का स्वाद ले पाएंगे बल्कि इससे ज्यादा भी नहीं खाएंगे

10 - साथ बैठकर खाना खाएं

बच्चे के साथ खाना बैठकर खाना खाएं। बच्चे अपनी नापसंद सब्जी को देख कर खाना छोड़ देते हैं, ऐसे में अगर आपको उस सब्जी को खाते देखेंगे तो वे खाने के प्रति प्रोत्साहित होंगे। इसके अलावा आप ऐसा बिल्कुल ना करें कि अपने लिए कुछ और खाना बनाएं और बच्चों के लिए कुछ और, वरना बच्चे का ध्यान अपने खाने की तरफ नहीं रहेगा।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि बच्चे में खाने-पीने की आदतों को अगर बचपन से विकसित किया जाए तो आगे चलकर वह अनुशासित रहेंगे और अपने आने वाली पीढ़ी में भी उन आदतों को विकसित कर सकता है।

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

Read More Articles on parenting in hindi

 
Disclaimer