Authoritative parenting: बच्चों की परवरिश का बेस्ट तरीका है ये पेरेंटिंग स्टाइल, जानें क्यों है खास

आज हम कुछ ऐसी परवरिश के प्रकार की बात करेंगे जो हर एक माता पिता को अपनानी चाहिए और इससे उनके बच्चों पर भी बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता  है। 

Monika Agarwal
परवरिश के तरीकेWritten by: Monika AgarwalPublished at: Jul 10, 2021Updated at: Jul 10, 2021
Authoritative parenting: बच्चों की परवरिश का बेस्ट तरीका है ये पेरेंटिंग स्टाइल, जानें क्यों है खास

कई बार हम अपने बच्चो पर कुछ ज्यादा ही रिएक्ट कर देते हैं या उन्हें कुछ ज्यादा ही डांट देते हैं और बाद में पछताते हैं कि कहीं न कहीं हम बच्चों के साथ गलत कर रहे हैं और कहीं न कहीं हमारी ही परवरिश में कोई कमी है। ऐसे में जब बच्चे आपको दूसरों के माता पिता से कंपेयर करते हैं तो आपको भी बुरा लगता होगा। माता पिता के व्यवहार का बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर बहुत प्रभाव पड़ता है। जैसा आपका व्यवहार होगा वैसे ही बच्चे का आचरण। उनका आचरण ही उनका व्यक्तित्व तय करेगा। यदि आप बच्चे को जरूरत से ज्यादा नियम और कायदे सिखाने की कोशिश करेंगे तो हो सकता है आपका उसके साथ मजबूत बांड न बन सके। हर मां बाप अपने बच्चे को अच्छी परवरिश देना चाहते हैं ताकि वह आगे बढ़ सके और उसे इमोशनल और अन्य सभी रूप से माता पिता का सहारा मिल सके। अगर आप भी अपने बच्चे की ऐसी ही परवरिश करना चाहते हैं लेकिन चाहकर भी वैसा नहीं कर पाते तो आपको ऑथोरिटेटिव पेरेंटिंग (Authoritative Parenting) स्टाइल अपनाना चाहिए।  इससे आपके बच्चे भी खुश रहेंगे और आप भी अपने आप में संतुष्ट रहेंगे। 

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ऑथोरिटेटिव पेरेंटिंग स्टाइल  (Authoritative Parenting)

साइकोलॉजिकल एक्सपर्ट ने रिसर्च के आधार पर परवरिश को 4 भागों में बांटा है और उनमें से एक प्रकार है ऑथोरिटेटिव पेरेंटिंग (Authoritative Parenting)  स्टाइल। इस परवरिश के स्टाइल निम्न बातों पर निर्भर करते हैं : 

  • -माता पिता किस प्रकार बच्चों के लिए अपना प्यार व्यक्त करते हैं।
  • -किस प्रकार माता पिता अपने बच्चों की जरूरतों और इच्छाओं को पूरी करते हैं।
  • -किस प्रकार वह बच्चों पर अपना अधिकार जमाते हैं।

ऑथोरिटेटिव पेरेंटिंग स्टाइल के फायदे-  Benefits of Authoritative Parenting

1. सुरक्षित अटैचमेंट होना (Secure Feeling)

ऑथोरिटेटिव पेरेंटिंग (Authoritative Parenting)  में माता पिता बच्चों की बात को सुनते हैं और वह अपने बच्चों को अपने आसपास सुरक्षित महसूस करवाते हैं। इस रिश्ते को सिक्योर अटैचमेंट कहा जाता है। इस प्रकार के सुरक्षित रिलेशनशिप से बच्चों और मां बाप के बीच अधिक मधुर संबंध बनते हैं।

2. स्कूल, कॉलेज में अच्छा प्रदर्शन  (Good Performance In Acadmics)

जब माता पिता बच्चे की पढ़ाई उसकी परफॉर्मेंस पर नजर रखते हैं उस को प्रोत्साहित करते हैं तब वह बच्चा अव्वल ही आता है। अगर माता पिता की ओर से उसे एक सहारा मिल जाता है और एक इमोशनल सपोर्ट मिलता है तो उसे किसी बात का डर या चिंता नहीं रहती। केवल उन्हीं बच्चों की एकेडमिक परफॉर्मेंस बढ़ती है जिनके माता पिता अथॉरिटेटिव होते हैं।

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3. परिस्थितियां से मुकाबला (To Cope up With Difficult Situation)

माता पिता और बच्चों दोनों को ही किसी न किसी स्थिति में गुस्सा, चिंता आदि जैसे मूड का सामना करना पड़ता है। लेकिन हम अपने व्यवहार और भावनाओं को कंट्रोल कर इनसे निपटना भी सीखते हैं। ऑथोरिटेटिव पेरेंटिंग (Authoritative Parenting) में इमोशंस को कंट्रोल कर परिस्थितियों से लड़ना, उनका सामना करना, बच्चों को भी सीख देता है। विषम परिस्थितियों में लड़ना सीखते हैं बच्चें।

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4. खुले दिमाग का होना (Open Minded)

आधाकारिक माता पिता अपने बड़े बच्चों के व्यवहार ओपन माइंडेड रखते हैं तो उनके बच्चे उन्हें अपना माता पिता ही नहीं बल्कि एक दोस्त समझते हैं और अपनी हर बात उनके साथ शेयर करते हैं। ऐसे में वह किसी तीसरे व्यक्ति के दबाव में या ब्लैक मैलिंग में नहीं फंसते।

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5. अच्छा व्यवहार करना (Good Behaviour)

अगर आप अपने बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं तो आपके बच्चे भी आपसे यही सीख लेते हैं और वह केवल आपसे ही नहीं बल्कि हर किसी के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं। इसलिए आपको एकऑथोरिटेटिव पेरेंट (Authoritative Parent) (आधिकारिक माता या पिता) बनना चाहिए। हाई अथॉरिटेटिव माता पिता के बच्चों का व्यवहार लो अथॉरिटेटिव बच्चों के मुकाबले अधिक बढ़िया पाया जाता है।

जिन बच्चों के माता पिता अथॉरिटेटिव होते हैं वह बड़े होने के साथ साथ अपनी जिम्मेदारी समझने लगते हैं और साथ ही वह खुश भी रहते हैं। इस प्रकार की ऑथोरिटेटिव पेरेंटिंग (Authoritative Parenting)  में सपोर्ट होता है जो बच्चों को स्ट्रेस या डिप्रेशन से भी बचने में लाभदायक होता है। हो सकता है कुछ मां बाप के लिए यह स्टाइल परफेक्ट न हो लेकिन एक्सपर्ट्स इसी स्टाइल की परवरिश को ज्यादा महत्व देते हैं। इस प्रकार की पेरेंटिंग के साथ साथ आपको बच्चों के लिए कुछ लिमिट और बाउंड्रीज भी सेट कर देनी चाहिए ताकि वह ज्यादा बिगड़ भी न सके।

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