टीनएज बच्चों के गुस्से और चिड़चिड़ेपन को कैसे शांत करें? एक्सपर्ट से जानें किशोर बच्चों को समझाने के तरीके

आजकल 13-14 की उम्र के बाद बच्चों में चिड़चिड़ापन और गुस्सा बहुत देखने को मिलता है। एक्सपर्ट से जानें बच्चों के गुस्से को कंट्रोल करने के तरीके।

Monika Agarwal
परवरिश के तरीकेWritten by: Monika AgarwalPublished at: Feb 25, 2021
टीनएज बच्चों के गुस्से और चिड़चिड़ेपन को कैसे शांत करें? एक्सपर्ट से जानें किशोर बच्चों को समझाने के तरीके

अगर आपका बच्चा किशोर (Teenage) यानि कि टीनएजर है तो उसके व्यवहार में काफी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हो सकता है आपका बच्चा छोटी-छोटी बातों पर ज्यादा जल्दी रिएक्ट करता हो या कभी-कभी ज्यादा ही अग्रेसिव (गुस्सैल) हो जाता हो। माना कि क्रोध एक सामान्य व स्वस्थ भावना है, लेकिन फिर भी हर पेरेंट्स के लिए ये जानना महत्वपूर्ण है कि टीनएज के गुस्से से (Teenage Anger) कैसे निपटा जाए। हालांकि शायद ही कोई ऐसे पैरंट्स हों जो यह कहें कि उनके बच्चे को गुस्सा नहीं आता। यह एक बहुत स्वभाविक सा व्यवहार है जो कि असल में बच्चे के टीनेज होने के साथ-साथ पनपने लगता है। जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता है वैसे वैसे बच्चे के मूड में और दिमाग में भी कई बदलाव होते हैं। जिस में से एक बच्चे का गुस्सा करना भी शामिल है। बस जरूरत है तो बच्चे में बढ़ रहे गुस्से को कंट्रोल (Teenage Anger) करने की। किशोरावस्था में बच्चे का गुस्सा कभी-कभी पैरेंट्स के लिए काफी मुश्किल भरा भी हो सकता है। जिसे लेकर वो काफी प्रेषण भी हो जाते हैं। फोर्टिस अस्पताल की साइकोलॉजिस्ट डॉ स्वाति मित्तल बता रही हैं बच्चे के गुस्से को शांत करने के कुछ जरूरी टिप्स जिनकी मदद से पैरंट्स अपने टीनएज बच्चे के गुस्से को कंट्रोल कर सकते हैं।

टीनएज में बच्चे क्यों रहते हैं गुस्से से भरे (Causes of Teens Anger)

उम्र के इस पड़ाव में आते आते टीनेजर्स के मन में कई ऐसे मुद्दे पनपने लगते हैं जिसका जवाब उन्हें नहीं मिल पाता या जब उनके मन की नहीं हो पाती। जिनको लेकर उनका गुस्सा बढ़ना लाजमी है। वे इस बात को समझ नहीं पाते कि किसी भी बात या मुद्दे को लेकर वो अपनी प्रतिक्रिया कैसे दें। शोध के मुताबिक किशोरावस्था में आते आते बच्चों पर स्कूल, होमवर्क, अन्य बहुत सी गतिविधियां, दोस्ती, सोशल मीडिया, आदि बातों का काफी दबाव हो सकता है। कहीं ना कहीं वे अधिक स्वतंत्रता चाहते हैं, चाहे वह उनके पढ़ाई से संबंधित विषय पर ही क्यों न हो। इसी वजह से उनकी प्रतिक्रियाएं कभी-कभी आक्रामक हो जाती हैं और उन्हें गुस्सा आने लगता है। इन निम्न जरूरी टिप्स की मदद से आप बच्चे के गुस्से को कंट्रोल (Anger control) कर सकते हैं।

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ऊंची आवाज में न करें बच्चे से बात (Speak Slowly)

आमतौर पर पैरेंट्स बच्चों से चिल्लाकर बात करते हैं। जब आप अपने टीनएजर्स बच्चे से चिल्ला कर बात करते हैं तो वह भी अपनी आवाज बुलंद करके उसी लहजे में आपको जवाब देता है। जिस वजह से उसके अंदर का गुस्सा धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। ऐसे में आप चिल्लाने की बजाय अपने बच्चे से धीमी आवाज और प्यार से बात करें। जिससे वह अपनी भावनाएं सकारात्मक रख सके और अपना गुस्सा कंट्रोल कर सके। लेकिन यदि आपको लगता है कि बच्चा जरूरत से ज्यादा कंट्रोल खो देता है, अत्याधिक क्रोध में चिल्लाने लगता है, तो यह उसके मानसिक स्वास्थ्य की वजह से भी हो सकता है। यदि बच्चा गुस्से में अपने आप को नुकसान पहुंचा रहा है या उसके व्यवहार से डिप्रेशन झलकता है या फिर उसके व्यवहार में कुछ और बदलाव महसूस हो रहा है तब एक्सपर्ट की सलाह लें।

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गुस्सा शांत होने दें (Walk Away)

ऐसी कई चीजें हैं जिसे आपका बच्चा नापसंद कर सकता है। ऐसे में आप अपने बच्चे से वो बातें करने से बचें। बार-बार बच्चे से उस बात को लेकर बहस ना करें। यदि आपको लगता है कि आपका भी क्रोध बढ़ रहा है तो कुछ देर के लिए वहां से चले जाएं। ताकि आपस में कहासुनी ना बढ़े। कुछ देर में बच्चे का और आपका दोनों का ही गुस्सा शांत हो जाएगा। गुस्सा शांत होने के बाद बात करें।

टीनएज बच्चे की सुनें बात (Listen To your Teenage)

आज के समय में माता-पिता दोनों ही व्यस्त रहते हैं। वो अपने बच्चों को लेकर गंभीर नहीं होते। जिस वजह से टीनएजर्स बच्चे कभी कभी अपने आप को अकेला महसूस करने लगते हैं। क्योंकि वह अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाते। जिससे उसके अंदर गुस्सा पनपने लगता है। ऐसे में आप अपने बच्चों को पूरा समय दें। अगर आप उससे बात नहीं कर सकते तो कम से कम उसकी बातें सुनें कि वह क्या चाहता है क्या नहीं। यदि आप उस समय बात नहीं कर सकते तो बच्चे को बताएं कि आप कब टाइम दे सकते हैं।

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टीनएज का रोल मॉडल बनें (Become an Example)

एक अभिभावक के रूप में, आप अपने किशोर को बता सकते हैं कि आपको कैसा व्यवहार अच्छा लगता है या कि उन्हें किस तरह का व्यवहार करना चाहिए। लेकिन अगर आप अपने खुद के गुस्से को कंट्रोल नहीं कर पा रहे है व चिल्ला रहे हैं, चीख रहे हैं या बच्चे पर हाथ उठा रहे हैं, तो आपको अपने व्यवहार में बदलाव करने की जरूरत है पहले आप अपने गुस्से को मैनेज करना सीखें। ताकि टीनएज बच्चे के पास अनुसरण करने के लिए एक उदाहरण हो।

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टीनएज बच्चे को छोटे बच्चे के जैसे ट्रीट ना करें (Don't Treat as a kid)

अपने किशोरावस्था वाले बच्चे के साथ एक युवा वयस्क की तरह व्यवहार करें ताकि एक छोटे बच्चे की तरह उसके गुस्से को कम करने में मदद मिले। सबसे पहले, आप अपनी बॉसी टोन और आधिकारिक रुख को छोड़ें। साथ ही अपने टीनएज बच्चे को उम्र-उपयुक्त चीजें करने की अनुमति दें, चाहे वह दोस्तों के साथ मिल कर मूवी देखना हो या उसकी स्कूल एक्टिविटी से रिलेटेड कोई निर्णय लेना। यह टिप न केवल उसका क्रोध शांत करने में मदद करेगी, बल्कि टीनएज बच्चे में अपने निर्णय लेने और अपनी समस्या को सुलझाने के कौशल में सुधार होगा। यही नहीं बच्चे की सूची के मुताबिक उसको कुछ एक्टिविटीज करने के लिए दें।

तो ये कुछ ऐसी टिप्स हैं, जिनकी मदद से आप अपने टीनएजर्स बच्चे के गुस्से को कंट्रोल कर सकते हैं। अगर आपका बच्चा बात-बात पर गुस्सा करता है तो उसे कैसे कंट्रोल करना है यह सिर्फ पेरेंट्स के ही हाथों में है।

यह लेख डॉक्टर स्वाति मित्तल (साइकोलॉजिस्ट,फोर्टिस अस्पताल) से बातचीत पर आधारित है।

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