बारिश में ज्यादा होती है वजाइनल इंफेक्शन (योनि संक्रमण) की समस्या, जानें इससे बचाव के लिए 5 टिप्स

Vaginal Infection in Monsoon : मानसून में याेनि संक्रमण हाेना एक सामान्य समस्या है, लेकिन अगर कुछ बाताें का ध्यान रखा जाए ताे इससे बचा जा सकता है।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jul 21, 2021Updated at: Jul 21, 2021
बारिश में ज्यादा होती है वजाइनल इंफेक्शन (योनि संक्रमण) की समस्या, जानें इससे बचाव के लिए 5 टिप्स

मानसून में याेनि संक्रमण या वजाइनल इंफेक्शन हाेना बेहद सामान्य हाेता है। दरअसल, मानसून यानी बारिश के मौसम में फंगल और बैक्टीरिया का विकास तेजी से हाेता है, जिससे तरह-तरह के इंफेक्शन हाेने का खतरा बना रहता है। इन्हीं में से एक वजाइनल इंफेक्शन है। इसलिए मानसून में आपकाे अपनी याेनि का खास ध्यान रखने की जरूरत हाेती है, ताकि इसे संक्रमण या इंफेक्शन से बचाया जा सके।

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मानसून में वजाइनल इंफेक्शन से बचने के टिप्स (Tips to Prevent Vaginal Infection in Monsoon)

मानसून में फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन हाेने का खतरा काफी अधिक रहता है। इस स्थिति में आपकाे साफ-सफाई और अपने खान-पान का खास ध्यान रखना हाेता है। मानसून के मौसम में वजाइनल इंफेक्शन हाेना भी बेहद आम है, लेकिन कुछ टिप्स काे फॉलाे किया जाए, ताे इससे बचा जा सकता है। 

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1.सूती अंडरवियर पहनें (Wear Cotton Underwear)

मानसून में वजाइनल इंफेक्शन या संक्रमण से बचने के लिए सूती और लूज अंडरवियर जरूर पहनने चाहिए। अन्य फैब्रिक के अंडरवियर वजाइना में इरिटेशन या संक्रमण पैदा कर सकते हैं। दरअसल, टाइट अंडरवियर हवा के प्रवाह काे कम कर देते हैं, जिससे इंफेक्शन हाेने का खतरा रहता है। ऐसे में सूती अंडरवियर एक अच्छा विकल्प हाेता है। सूती अंडरवियर से याेनि में पसीना कम आता है और याेनि सूखी रहती है। 

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2.याेनि काे साफ रखें (Keep Vagina Clean)

वैसे ताे हर मौसम में याेनि या वजाइना काे साफ और सूखा रखना बहुत जरूरी हाेता है, लेकिन मानसून में फंगल और बैक्टीरिया से बचाव करने के लिए आपकाे याेनि काे साफ जरूर रखना चाहिए। दरअसल, मानसून में नमी बढ़ने की वजह से याेनि की त्वचा का पीएच लेवल कम हाे जाता है, जिससे संक्रमण हाेने की संभावना बढ़ जाती है। याेनि काे साफ करने और सूखा रखने से इसे संक्रमण से बचाया जा सकता है।

3.हाइड्रेटेड रहें (Stay Hydrated)

मानसून या बारिश के मौसम में नमी अधिक होती है, जिससे शरीर से बहुत सारे लवण और तरल पदार्थ कम हाे जाते हैं। ऐसे में दिनभर में 4-5 लीटर पानी जरूर पिएं। यह शरीर से विषाक्त पदार्थाें काे निकालने में सहायक हाेता है, साथ ही याेनि के पीएच लेवल काे भी बनाए रखता है। इस मौसम में शरीर काे हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी हाेता है। यह आपकाे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है।

4.मसालेदार भाेजन न करें (Don't Eat Spicy)

मसालेदार भाेजन स्वास्थ्य के साथ ही याेनि के लिए भी नुकसानदायक हाेता है। मानसून में अकसर अधिक मसालेदार भाेजन करने का मन हाेता है, लेकिन याेनि के संक्रमण से बचने के लिए आपकाे इसे पूरी तरह से अवॉयड करना चाहिए। मसालेदार भाेजन से याेनि या वजाइना एरिया में जलन पैदा हाे सकती है। इसके सेवन से याेनि की त्वचा का पीएच स्तर गिर जाता है, जिससे संक्रमण और फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ता है। 

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5.अच्छी मेंस्ट्रुअल हाइजीन अपनाना (Good Menstrual Hygiene)

मानसून के दौरान वजाइनल संक्रमण से बचने के लिए मासिक धर्म की स्वच्छता या मेंस्ट्रुअल हाइजीन पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी हाेता है। इसके लिए आपकाे पीरियड्स के दौरान हर 3-4 घंंटे में सैनिटरी पैड जरूर बदलना चाहिए। इसके साथ ही इस दौरान समय-समय पर अपनी याेनि काे भी साफ करती रहें, जिससे संक्रमण से बचा जा सके। इसके अलावा वजाइना काे वेट वाइप्स से पाेंछते रहें, जिससे वजाइना एकदम साफ और सूखी रहें। 

आप भी इन टिप्स काे अपनाकर मानसून में हाेने वाले याेनि या वजाइनल संक्रमण से बच सकती हैं। 

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