Fri Sep 11, 2026 | 07:34 PM IST

Medically Reviewed by Dt Rakshita Mehra , Consultant Dietetics

पपीता खाने के कितनी देर बाद दूध पीना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें

पपीता और दूध दोनों ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। ऐसे में कई लोग पपीता और दूध का सेवन एक साथ करते हैं, जो पाचन से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए, आइए जानते हैं कि पपीता और दूध के बीच कितना अंतर रखना चाहिए? 

पपीता एक हल्का, आसानी से और पोषक तत्वों से भरपूर फल होता है। इसमें विटामिन ए, सी, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और पेपेन नाम का एंजाइम होता है, जो प्रोटीन को पचाने में मदद करता है। पपीता कब्ज, अपच और पेट में गैस की समस्या में भी काफी फायदेमंद होता है। इसलिए, कई लोग सुबह के नाश्ते में पपीता शामिल करना पसंद करते हैं। वहीं, कुछ लोग अपने सुबह के नाश्ते में दूध भी शामिल करते हैं। हालांकि, दूध और पपीते को एक साथ न लेने की सलाह दी जाती है। कई लोगों को दूध के साथ पपीता लेने के बाद पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। इसलिए आइए दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि पपीता खाने के कितनी देर बाद दूध पीना चाहिए?

पपीता खाने के कितनी देर बाद दूध पीना चाहिए?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, पपीता खाने के कम से कम 1 से 2 घंटे बाद दूध पीना चाहिए। ऐसा इसलिए करना चाहिए क्योंकि पपीता जल्दी पचने वाला फल है, जबकि दूध को पचाने में ज्यादा समय लगता है। अगर दोनों के बीच थोड़ा अंतर रखना जरूरी है ताकि पाचन तंत्र को भोजन को ठीक से पचने में समय में मिल सकता है। अगर किसी व्यक्ति का पाचन कमजोर है, पेट में अक्सर गैस, एसिडिटी या दस्त की समस्या रहती है तो बेहतर होगा कि वह पपीता और दूध के बीच 2 घंटे या उससे ज्यादा का अंतर रखना जरूरी है।

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क्या तुरंत दूध पीना नुकसानदायक है?

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा का कहना है कि पपीता खाने के बाद तुरंत दूध पीना सभी के लिए हानिकारक नहीं होता है। हालांकि कुछ लोगों को पपीता खाने के बाद दूध पीने से पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है। ऐसे में जिन लोगों का पाचन मजबूत होता है, वे कभी-कभार पपीता खाने के बाद दूध पी लें तो आमतौर पर उन्हें कोई गंभीर समस्या नहीं होती है। लेकिन कमजोर पाचन क्रिया के लोगों को पपीता के साथ दूध पीने से बचना चाहिए, क्योंकि पेट में भारीपन, मरोड़, दस्त आदि जैसी समस्याएं हो सकती है। इसलिए, बच्चों, बुजुर्गों और पेट से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित लोगों को पपीता खाने और दूध पीने के बीच अंतर रखने में मदद मिलती है।

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पपीता और दूध खाने का सही समय और तरीका

  • पपीता सुबह में नाश्ते के दौरान या दोपहर में खाना बेहतर माना जाता है।
  • दूध रात में या सुबह पपीता खाने के अलग समय पर पीना चाहिए, क्योंकि ये इस समय ज्यादा फायदेमंद होता है।
  • अगर आप पपीता खाने के बाद दूध पीना चाहते हैं तो बीच में हल्का गैप रखना चाहिए और अपने शरीर की प्रतिक्रिया पर फोकस करें।
  • कभी भी बहुत ठंडा दूध या बहुत ज्यादा मात्रा में दूध न पिएं इससे पाचन पर बुरा असर पड़ सकता है।

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किन लोगों को खास ध्यान रखना चाहिए?

पपीते के साथ दूध पीने से बचना चाहिए, इसके साथ ही आपको इन बातों का भी ध्यान रखना चाहिए:

  • जिन्हें लैक्टोज इन्टॉलरेंस यानी दूध न पचने की समस्या है उन्हें इन दोनों चीजों को अलग-अलग खाना चाहिए।
  • जिन्हें बार-बार दस्त या पेट दर्द की शिकायत होती है, उन्हें भी इन दोनों चीजों का अलग सेवन करना चाहिए।
  • जिनका पाचन तंत्र कमजोर होता है या जो किसी पेट से जुड़ी समस्या का सामना करते हैं।

निष्कर्ष

पपीता और दूध दोनों ही सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इन्हें एक साथ या बहुत कम अंतराल में लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। इसलिए, आमतौर पर पपीता खाने के 1 से 2 घंटे के बाद ही दूध पीना चाहिए। अगर आप पपीता और दूध एक साथ ले रहे हैं तो इसे खाने के बाद अपने शरीर के रिएक्शन पर नजर रखें।
Image Credit: Freepik 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Dec 24, 2025 18:42 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Dec 24, 2025 18:42 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dt Rakshita Mehra

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