सोरियाटिक गठिया रोगियों को डाइट में जरूर शामिल करने चाहिए ये 5 मसालें, सूजन और दर्द होगा कम

अगर आप भी सोरियाटिक गठिया के रोगी है तो जान लें आपको अपनी डाइट में किन मसालों को शामिल करना है जरूरी।

Vishal Singh
स्वस्थ आहारWritten by: Vishal SinghPublished at: Jul 16, 2020Updated at: Jul 21, 2020
सोरियाटिक गठिया रोगियों को डाइट में जरूर शामिल करने चाहिए ये 5 मसालें, सूजन और दर्द होगा कम

सोरियाटिक (Psoriatic) गठिया होने पर पीड़ित को जोड़ों के दर्द, सूजन और कठोरता रहने लगती है। ये उंगलियों के शुरुआती हिस्से और रीढ़ की हड्डी के अलावा शरीर के बाकि हिस्सों को भी प्रभावित करने का काम करता है। आपको बता दें कि सोरियाटिक गठिया का कोई भी इलाज मौजूद नहीं है, हालांकि इसके लक्षणों को कम करने वाली दवाएं मौजूद हैं। लेकिन अगर इस रोग को लेकर लापरवाही करते हैं तो ये आपके पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है और आपको काफी नुकसान पहुंचा सकता है। 

डॉक्टर आपकी सूजन को कम करने या खत्म करने के लिए दवा देते हैं, जिससे आपका दर्द भी कम हो सकता है। वहीं, इस सोरियाटिक गठिया में आपको भोजन पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है। भोजन में आप कई मसालों को शामिल कर सकते हैं जो आपके इस रोग के लक्षणों को कम करने में फायदा पहुंचा सकते हैं। 

turmeric

हल्दी (Turmeric)

नेशनल सोरायसिस फाउंडेशन (एनपीएफ) के अनुसार, करक्यूमिन तत्व, भारतीय मसाला हल्दी में सक्रिय घटक, जो हमारे शरीर में सूजन को कम करने के साथ दर्द को कम करने में हमारी मदद करता है। यही वजह है कि सोरियाटिक गठिया से पीड़ित लोगों को हल्दी अपनी डाइट में शामिल करने से काफी फायदा मिलता है। साल 2017 के अक्टूबर महीने में यूरोपीय जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि हल्दी में पाए जाने वाला करक्यूमिन एक एंटी-सोरायसिस प्रभाव का काम करता है। 

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लाल मिर्च (Chili Pepper)

लाल मिर्च को कैपसाइसिन नामक गर्मी मिलती है, जो जीभ को हिट करने पर शरीर को पूरी तरह से फील-गुड एंडोर्फिन छोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर शरीर के दर्द को दूर करने का काम करता है। आपको बता दें कि शरीर में मौजूद सूजन को कम करने के लिए लाल मिर्च की कोई खास खुराक नहीं है। लेकिन काली मिर्च जितनी अधिक होती है, उतनी ही अधिक कैप्साइसिन भी होती है। 

लौंग (Cloves)

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (National Institutes of Health) के अनुसार लौंग में भारी मात्रा में ऐसे रसायन होते हैं जो शरीर के सूजन और दर्द को कम करने का काम करते हैं। इसलिए रोजाना की आहार में आपको लौंग को शामिल जरूर करना चाहिए। 

  • स्वास्थ्य और अच्छा स्वाद दोनों के लिए लौंग फायदेमंद है। 
  • गर्म पेय में स्वाद और पोषण दोनों को संक्रमित करने के लिए कई पूरी लौंग का इस्तेमाल करें। 
  • स्मूदी बनाते समय लौंग को इस्तेमाल जरूर करें। 

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अदरक (Ginger)

अपनी खानपान में अदरक का इस्तेमाल करने से मतली, अस्थमा, मधुमेह और दर्द समेत कई गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। आर्थराइटिस फाउंडेशन के अनुसार, गठिया में दर्द और सूजन को कम करने के लिए कुछ अध्ययनों में अदरक के फायदों को दिखाया गया है। आप रोजाना अपनी डाइट में अदरक का सेवन करें जिससे आपके शरीर में दर्द और सूजन को राहत मिल सके। गठिया फाउंडेशन इसे चाय के रूप में पीने का सुझाव देता है, लेकिन रोजाना 4 कप से ज्यादा नहीं पीना चाहिए।

अजवाइन (Celery Seeds)

अजवाइन हमारे जोड़ों के दर्द के इलाज में इस्तेमाल किया गया है। प्रोग्रेस इन ड्रग रिसर्च के जर्नल में साल 2015 में प्रकाशित एक समीक्षा में कहा गया है कि अजवाइन के बीज का अर्क गठिया से जुड़े दर्द और सूजन को कम करने के लिए दिखाया गया है।

अगर आप सोरियाटिक गठिया के रोगी हैं तो आप अपनी डाइट में इन मसालों को जरूर शामिल करें, ये आपकी सूजन और दर्द को कम करने में मदद करेंगे। इसके साथ ही आप किसी भी मसालों का ज्यादा सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह जरूर लें। 

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