तनाव कम करने वाली दवाएं बन सकती हैं डायबिटीज की वजह

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 26, 2013
Quick Bites

  • अवसाद कम करने वाली दवाएं बढ़ा सकती हैं मोटापा।
  • खुश रहने के लिए भी लेते हैं लोग दवाएं। 
  • टाइप टू डायबिटीज से ग्रस्त मरीज लेते थे ये दवाएं: शोध।
  • इन दवाओं से शरीर की रक्त शर्करा को नियत्रित करने की ताकत घटती है।

शोधकर्ताओं ने लाखों लोगों पर एक अध्यन के माध्यम से पता लगाया है कि अवसाद कम करने के लिए दवा लेने वाले हजारों लोगों को डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।

Stress Relivieng Medications and Diabetesइस शोध के अनुसार किसी भी किस्म की अवसाद कम करने वाली दवा लेने वोले लोगों का वजन भी बढ़ जाता है। जिस कारण इन लोगों में टाइप टू डायबिटीज होने की आशंका बढ़ जाती है। लंदन के साउथहेम्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक तनाव खतम करने की दवाओं और डायबिटीज में संबंध होने के बाद भी यह पूरी तरह नहीं कहा जा सकता कि यह दवाएं ही इसके लिए जिम्मेदार हैं।

 

वहीं यह बात भी सामने आई कि खुश रहने के लिए दवाएं लेने वाले मरीजों का वजन बढ़ने की ज्यादा गुंजाइश रहती है। इसी के चलते उनमें स्वस्थ लोगों की तुलना में डायबिटीज होने की ज्यादा संभावना होती है।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकतर मामलों में चिकित्सक इन दवाओं से भविष्य में हो सकने वाले दुष्प्रभावों के बारे में सोचे बिना ही रोगियों को ये दवाएं दे देते हैं।

 

अवसाद खतम करने वाली इन दवाओं से मोटापा बढ़ता है और फैलाव आता है। साथ ही शरीर की रक्त शर्करा को नियत्रित करने की ताकत भी कम होती जाती है।

 

शोध में देखा गया कि टाइप टू डायबिटीज से ग्रस्त मरीजों में से अधिकांश इन दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं।

 

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