ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) के होते हैं ये 4 स्टेज, डॉक्टर से जानें किस स्टेज में कौन से लक्षण दिखते हैं

सही समय पर ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों को पहचानकर इलाज कराने से इस समस्या से बचा जा सकता है, जानें ब्रेस्ट कैंसर के 4 स्टेज और उनके लक्षण के बारे में।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Oct 12, 2021
ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) के होते हैं ये 4 स्टेज, डॉक्टर से जानें किस स्टेज में कौन से लक्षण दिखते हैं

आज के समय में देश में ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी तेजी से लोगों में हो रही है। भारत ही नहीं पूरी दुनिया में ब्रेस्ट कैंसर न सिर्फ महिलाओं को अपनी चपेट में ले रहा है बल्कि इसकी चपेट में पुरुष भी आ रहे हैं। ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने और इसके लक्षण, कारण और उपचार के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अक्टूबर महीने को ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है। ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में पुरुषों की तुलना में कहीं ज्यादा होता है। ऐसे तमाम कारण हैं जिनकी वजह से लोगों को ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी होती है। लेकिन अगर समय पर आप इसके लक्षणों को पहचानकर इलाज शुरू कर दें तो इसका जोखिम काफी कम किया जा सकता है। ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता की कमी की वजह से लोगों में यह समस्या तेजी से फैल रही है। एक आंकड़े के मुताबिक ब्रेस्ट कैंसर के कई कारणों में से एक आनुवांशिक कारण भी है। ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित लगभग 5 प्रतिशत महिलाओं में इस बीमारी का सबसे प्रमुख कारण परिवार में ब्रेस्ट कैंसर की फैमिली हिस्ट्री का होना है। तो आइये ब्रेस्‍ट कैंसर अवेयरनेस मंथ  के तहत जानते हैं इस घातक बीमारी के 4 प्रमुख स्टेज के बारे में और इन स्टेज के दौरान मरीजों में दिखने वाले लक्षणों के बारे में।

ब्रेस्ट कैंसर के 4 स्टेज और उनके लक्षण (4 Stages Of Breast Cancer And Symptoms)

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तमाम ऐसे लोग भी हैं जिनको हेल्दी लाइफस्टाइल के बावजूद ब्रेस्ट कैंसर की समस्या हो जाती है। आज के समय में एक रिपोर्ट की मानें तो भारत में हर आठ में से एक महिला को ब्रेस्ट कैंसर की समस्या है। इस घातक बीमारी से तमाम लोगों की जानें भी जाती हैं। शरीर के किसी भी हिस्से में कोशिकाओं की असामान्य और अनियंत्रित वृद्धि होने के कारण कैंसर की समस्या हो जाती है। मेट्रो हॉस्पिटल्स के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डायरेक्टर व जाने-माने कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. आर के चौधरी ने बताया कि कैंसर होने के हजारों कारण हो सकते हैं और अब तक मनुष्यों में लगभग 200 तरह के कैंसरों की खोज हो चुकी है। आमतौर पर जब कोई कोशिका (Cell) या कई कोशिकाएं (Cells) अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती हैं, तो इसे कैंसर कहा जाता है। महत्वपूर्ण बात ये है कि ये कैंसर कोशिकाएं धीरे-धीरे बढ़ते हुए आसपास की कोशिकाओं और हड्डियों को भी अपनी चपेट में लेने लगती हैं, जिससे मरीज की परेशानी बढ़नी शुरू होती है। इसी प्रकार जब स्तन में कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि होती है या स्तन की कोशिकाओं में दिक्कतें आती हैं तो ब्रेस्ट कैंसर यानी स्तन कैंसर की समस्या होती है। ब्रेस्ट कैंसर के 4 प्रमुख स्टेज होते हैं, आइये जानते हैं इनके बारे में।

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स्टेज 0 (Stage 0)

स्टेज 0 ब्रेस्ट कैंसर के सबसे शुरूआती स्टेज को कहते हैं। इसमें शुरुआत में मरीज के टिश्यू या डक्ट में कैंसर बनना शुरू होता है। इस स्टेज में कैंसर की कोशिकाएं शरीर के किसी अन्य हिस्से और स्तन के सभी हिस्सों में नहीं पहुंचती हैं। इस स्टेज में मरीज को सामान्य लक्षण देखने को मिल सकते हैं। इसकी शुरुआत में ब्रेस्ट के आसपास गांठे बनने लगती हैं। जिसके कारण दर्द होने लगता है। इसके अलावा आपको लिम्फ नोड में लालिमा भी देखने को मिल सकती है।

स्टेज 1 (Stage 1)

ब्रेस्ट कैंसर की इस स्टेज में टिश्यू का विस्तार होना शुरू हो जाता है। इस स्टेज के दौरान स्तन में कैंसर की कोशिकाएं धीरे-धीरे स्तन के अन्य स्वस्थ टिश्यू को प्रभावित करने लगती हैं। स्टेज 1 में ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाएं स्तन के फैटी टिश्यू तक भी पहुंच सकती हैं। इसके अलावा ब्रेस्ट के कुछ आसपास के नजदीकी लिम्फ नोड्स में भी ये पहुंचना शुरू कर देती हैं। इस स्टेज में मरीज को गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं। इस स्टेज के दौरान मरीज के स्तन में बनने वाली गांठ का साइज 5 सेंटीमीटर से कम होता है।

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स्टेज 2 (Stage 2)

स्टेज 2 में ब्रेस्ट कैंसर अन्य हिस्सों में भी पहुंच जाता जाता है। अन्य अंगों तक फैलने के साथ ही इसकी गांठ की साइज भी पहले से ज्यादा हो जाती है। स्टेज 2 में ट्यूमर 5 सेंटीमीटर या इससे अधिक हो सकता हो और अंडरआर्म्स के लिम्फ नोड्स तक पहुंच जाता है। इसके अलावा बांह के दोनों साइड नीचे की तरफ लिम्फ नोड में यह कैंसर की कोशिकाएं नहीं पहुंची होती हैं।

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स्टेज 3 (Stage 3)

ब्रेस्ट कैंसर के इस स्टेज को खतरनाक स्टेज माना जाता है। स्टेज 3 में कैंसर की कोशिकाएं हड्डियों के साथ-साथ शरीर के अन्य अंगो में भी पहुंच जाती हैं। इसके अलावा बाहों के नीचे लिम्फ नोड्स में और कॉलर बोन में भी इसका कुछ हिस्सा पहुंच चुका होता है। इस स्टेज में इलाज में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस स्टेज में मरीज को 5 सेंटीमीटर से अधिक साइज की गांठ या घाव हो सकती है। स्टेज 3 के मरीजों को कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या हॉर्मोन थेरेपी दी जाती है।

स्टेज 4 (Stage 4)

ब्रेस्ट कैंसर के चौथे स्टेज को सबसे खतरनाक स्टेज माना जाता है। इस स्टेज में मरीज बहुत ही गंभीर अवस्था में होता है और इस दौरान दिखने वाले लक्षण भी बेहद गंभीर होते हैं। स्टेज 4 में ब्रेस्ट कैंसर हड्डियों के साथ-साथ दिमाग, लिवर और फेफड़ों तक पहुंच सकता है। इस स्टेज को मेटास्टेटिक स्टेज के रूप में भी जाना जाता है। इस स्टेज में पहुंचने के बाद कैंसर का इलाज मौजूद एडवांस तकनीक से किया जाता है।

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ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण (Breast Cancer Symptoms)

ब्रेस्ट कैंसर में स्तन की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि या परिवर्तन होता है। मरीज में ब्रेस्ट कैंसर होने पर प्रमुख रूप से ये लक्षण दिखाई देते हैं। 

  • ब्रेस्ट में सूजन और गांठ। 
  • गांठ का बढ़ना। 
  • न‍िप्‍पल एर‍िया में खुजली। 
  • ब्रेस्‍ट के आकार में बदलाव
  • ब्रेस्‍ट में दर्द होना।
  • ब्रेस्ट में लालिमा और रैशेज। 

ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क फैक्टर्स (Risk Factors For Breast Cancer)

ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी कई कारणों से हो सकती हैं जिसमें लाइफस्टाइल और खानपान से लेकर आनुवांशिक कारण शामिल हैं। ब्रेस्ट कैंसर के प्रमुख जोखिम करक वे कारक हैं जिनको आप आसानी से कुछ बदलाव के बाद नियंत्रित कर सकते हैं। इन जोखिम कारकों के बारे में शुरूआती जानकारी से आप इसे दूर कर ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क से बच सकते हैं। स्तन कैंसर की समस्या के लिए जिम्मेदार प्रमुख जोखिम कारण इस प्रकार से हैं।

शराब का अधिक सेवन - अल्कोहल या शराब का अधिक सेवन आपको कैंसर जैसी घातक बीमारी की तरफ ले जा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जो महिलाएं शराब का अधिक सेवन करती हैं उनमें ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम सामान्य महिलाओं की तुलना में कम होता है। जो महिलाएं शराब बिलकुल नहीं पीती हैं उनकी तुलना में शराब का सेवन करने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम 20 गुना अधिक होता है।

मोटापा की समस्या - मोटापे की वजह से भी ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। अधिक वजन या मोटापे की समस्या से जूझ रही महिला और पुरुष दोनों में यह समस्या हो सकती है। 

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(image source - moffit cancer center)

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स्तनपान नहीं कराने से - कुछ रिसर्च इस बात की पुष्टि करती हैं कि जो महिलाएं स्तनपान नहीं कराती हैं उनमें भी ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम अधिक होता है।

स्तन प्रत्यारोपण - ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट या स्तन प्रत्यारोपण के कारण भी ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम अधिक होता है। सिलिकॉन प्रत्यारोपण जैसे तकनीक के कारण भी कई महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की समस्या का खतरा बढ़ जाता है।

हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी - हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के कारण भी पुरुष और महिला दोनों में ही स्तन कैंसर का खतरा रहता है।

आनुवांशिक कारणों से ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम- आनुवांशिक कारणों से लगभग 5 प्रतिशत महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले देखने को मिलते हैं।

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हमें उम्मीद है कि ब्रेस्ट कैंसर के स्टेज और जोखिम कारण से जुड़ी यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। इस समस्या से बचने के लिए आपको हेल्दी डाइट और अच्छी जीवनशैली अपनानी चाहिए। इसके अलावा वजन को नियंत्रित रखने से भी आप इस समस्या से बच सकते हैं। इसके लक्षण दिखने पर तुरंत एक्सपर्ट चिकित्सक की देखरेख में जांच करानी चाहिए। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर आपको इसका इलाज सही समय पर काराना चाहिए। शुरुआत में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों को पहचानकर इलाज कराने से आप इस समस्या से मुक्त हो सकते हैं।

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