जरा सोचिए कि आप अपनी बेडशीट कितने दिनों में बदलते हैं? एक हफ्ता, 15 दिन या एक महीना? जिन घरों में पति-पत्नी दोनों वर्किंग और घर में हाउसहेल्प भी नहीं है, उन घरों में देखा गया है कि कई-कई दिनों तक पुरानी बेडशीट का ही यूज किया जाता है। जब भी उन्हें मौका मिलता है, वे अपनी बेडशीट चेंज कर लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गंदे बेडशीट पर सोने से आप बीमार हो सकते हैं? जी, हां! यह पूरी तरह सच है। आइए, राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से जानते हैं गंदे बेडशीट पर सोने के नुकसान।
गंदे बेडशीट पर सोने के नुकसान- Sleeping On Dirty Bedsheet Side Effects
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स्किन प्रॉब्लम
गंदे बेडशीट पर सोने से स्किन से जुड़ी कई तरह की परेशानी हो सकती है। असल में जब आप कई-कई दिनों तक एक ही बेडशीट पर सोते हैं, तो इसकी वजह से आपका बॉडी ऑयल, पसीना और आपकी स्किन पर पर जमा हो जाते हैं, जो बैक्टीरिया का घर बन सकते हैं। जब आपकी स्किन दोबारा इन सब चीजों के संपर्क में आती है, तो इसकी वजह से एक्जिमा या अन्य स्किन कंडीशन और भी ज्यादा बिगड़ जाती है। Sleep Foundation में प्रकाशित एक लेख की मानें तो प्रत्येक सप्ताह बेडशीट बदल देनी चाहिए।
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इंफेक्शन होना
अगर आप रोजाना गंदे बेडशीट पर सो रहे हैं, तो इसकी वजह से स्किन इंफेक्शन का रिस्क भी बढ़ जाता है। खासकर, उन लोगों के साथ होता है, जिन्हें पहले से ही स्किन से जुड़ी प्रॉब्लम है या स्किन में रैशेज हैं। अगर वे उसकी सही तरह से देखभाल नहीं करते हैं और गंदे बेडशीट पर सोना नहीं छोड़ते हैं, तो इसकी वजह से परेशानी ट्रिगर हो सकती है।
सांस संबंधी समस्या
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जिनकी इम्यूनिटी पहले से ही कमजोर है या धूल-मिट्टी से एलर्जी है, तो उन्हें भूलकर भी गंदे बेडशीट में नहीं सोना चाहिए। इससे उनकी समस्या ट्रिगर हो सकती है। यहां तक कि अस्थमा या रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम भी बढ़ सकती है। जिन लोगों को आंखों में इचिंग या नाक बहने की समस्या है, उनकी समस्या भी गंदे बेडशीट पर सोने से बढ़ जाती है। वैसे भी National Institutes of Health (NIH) | (.gov) की एक रिपोर्ट कहती, "आप जितना ज्यादा गंदे बिस्तर पर सोते हैं, उतना बीमार, एलर्जी होने का रिस्क ज्यादा होता है।"
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इम्यूनिटी पर असर
आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि गंदे बेडशीट में सोने की वजह से लोगों की इम्यूनिटी भी प्रभावित होती है। जैसे अगर किसी को पहले से ही बुखार या सर्दी-जुकाम है, तो ऐसे में गंदे बेडशीट में सोना या गंदे पिलो कवर का इस्तेमाल करना आपकी कंडीशन को सुधारने की बजाय बिगाड़ सकते हैं।
एक्सपर्ट की सलाह
गंदे बेडशीट में सोने से सबको बचना चाहिए। यह सही नहीं है। इससे आपकी तबियत बिगड़ सकती है। एक्सपर्ट यहां आपको कुछ जरूरी सलाह दे रहे हैं, इन्हें फॉलो करें-
- प्रत्येक 1 से 2 सप्ताह में गंदे बेडशीट बदलें।
- गंदे बेडशीट को हमेशा गर्म पानी से धोएं।
- गंदे बेडशीट को धोने के बाद धूप में सुखाना न भूलें।
- बेडशीट में डिनर या किसी भी तरह का स्नैक्स न खाएं।
निष्कर्ष
किसी के लिए भी गंदे बेडशीट में सोना सही नहीं है। खासकर, जिन घरों में छोटे बच्चे हैं, उन्हें इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसका ओवर ऑल हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। साथ ही जिन्हें स्किन कंडीशन की दिक्कत है, गंदे बेडशीट को नियमित रूप से बदलते रहना चाहिए। विशेषज्ञ हर स्वस्थ व्यक्ति को यह सलाह देते हैं कि गंदे बेडशीट में सोने से बचें। अगर किसी को स्किन प्रॉब्लम है, तो वे इस नियम का सख्ती से पालन करें।
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FAQ
क्या गंदी बेडशीट के कारण पिंपल हो सकते हैं?
हां, जब आप गंदे बेडशीट पर कई दिनों तक सोते हैं, तो इसकी वजह से आपके रोमछिद्र ब्लॉक हो सकते हैं, जिससे पिंपल होने का जोखिम बढ़ जाता है।क्या नहाकर सोने के बावजूद बेडशीट बदलना जरूरी है?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आप चाहें नहाएं या नहीं, प्रत्येक सप्ताह बेडशीट जरूर बदलें। ऐसा न करने पर स्किन से जुड़ी परेशानी होने का जोखिम बना रहता है।बीमार होने के बाद बेडशीट कब बदलनी चाहिए?
अगर आप बीमार हैं या कोई संक्रामक बीमारी है, तो बेहतर है कि आप ठीक होने के तुरंत बाद बेडशीट बदल लें। इससे आपके दोबारा बीमार होने का रिस्क कम हो जाएगा।
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Current Version
Feb 11, 2026 19:23 IST
Modified By : Meera Tagore Feb 11, 2026 19:23 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra